Home Top News SIR पर आर-पार : CEC के इस्तीफे की मांग, दिल्ली के जनपथ पर जुटे विपक्षी दिग्गज, तेज हुआ आंदोलन

SIR पर आर-पार : CEC के इस्तीफे की मांग, दिल्ली के जनपथ पर जुटे विपक्षी दिग्गज, तेज हुआ आंदोलन

by Sanjay Kumar Srivastava 7 October 2026, 3:16 PM IST (Updated 7 October 2026, 3:17 PM IST)
7 October 2026, 3:16 PM IST (Updated 7 October 2026, 3:17 PM IST)
SIR पर आर-पार: CEC के इस्तीफे की मांग, विपक्ष ने तेज किया देशव्यापी आंदोलन, दिल्ली के जनपथ पर जुटे विपक्षी दिग्गज

CEC Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR में गड़बड़ी को लेकर विपक्षी गठबंधन ने अपना आंदोलन और तेज कर दिया है. बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली के जनपथ पर एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई, जिसमें विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए. यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है जब SIR को लेकर सत्ताधारी दल और विपक्षी गठबंधन के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ गया है. कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को विपक्ष के सांसदों को दिल्ली के जनपथ में लंच मीटिंग के लिए बुलाया, जिसमें सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार से मिलने का समय मांगने वाले एक पत्र पर हस्ताक्षर किया.

नहीं रुकेगा CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन : RJD

इस मौके पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता सुधाकर सिंह ने कहा कि CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया है और ये रुकेगा नहीं. सिंह ने कहा कि आज भी पूरे देश में ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है. इसलिए यह विरोध जारी रहेगा. यह रुकेगा नहीं. यह एक लड़ाई है. लोकतंत्र सिर्फ़ चुनावों के लिए स्थापित नहीं किया गया था, जहां कोई सांसद बन जाए, कोई प्रधानमंत्री बन जाए या कोई राष्ट्रपति बन जाए. भारतीय लोकतंत्र की स्थापना इसके लिए नहीं हुई थी.

मनमर्जी से नहीं, संविधान के अनुसार चलेगा देश

प्रमुख संस्थानों पर राजनीतिक दबाव में झुकने का आरोप लगाते हुए RJD नेता ने कहा कि आज़ादी से पहले भी राजा-महाराजा और ब्रिटिश वायसराय हुआ करते थे. वे अपनी मनमर्जी से शासन करते थे. यह देश व्यक्तिगत मनमर्जी से नहीं चलेगा. यह देश संविधान के अनुसार चलेगा. संविधान का उल्लंघन हुआ है और बहुत महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्थानों ने अपने कर्तव्य से समझौता किया है. इसीलिए अब यह लड़ाई सड़कों पर लड़ी जाएगी. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (CPI) के सांसद पी. संतोष कुमार ने ज़ोर दिया कि इस आंदोलन को जनता का व्यापक समर्थन मिला है.

संविधान और लोकतंत्र सबसे ऊपर : कांग्रेस

CPI सांसद ने कहा कि यह कोई नया आंदोलन नहीं है. INDIA गठबंधन के नेताओं ने 6 अक्टूबर को भी निर्वाचन सदन की ओर मार्च किया था. वे मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे. इससे पहले, कांग्रेस पार्टी ने एक आधिकारिक पोस्ट में कहा कि संविधान और लोकतंत्र सबसे ऊपर है. जब तक संविधान और लोकतंत्र को हर जन-विरोधी और राष्ट्र-विरोधी ताकत से पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर लिया जाता, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा.

चुनाव आयोग से जवाब मांग रहा INDIA गठबंधन

INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाब मांग रहा है. मालूम हो कि मंगलवार को विरोध प्रदर्शन के बाद आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दिया गया, जहां राहुल गांधी ने दावा किया था कि विपक्ष के लगभग 300 सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलकर अपनी चिंताएं बताना चाहते थे. बाद में दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया.

पटना में CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन

बुधवार को INDIA गठबंधन के सदस्यों ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर पटना में विरोध प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. RJD, कांग्रेस और वामपंथी दलों के नेताओं समेत कई लोगों ने इस विरोध मार्च में हिस्सा लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और CEC ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाए. विपक्ष ने कहा कि CEC ज्ञानेश कुमार ने PM मोदी और अमित शाह के साथ मिलकर SIR प्रक्रिया के ज़रिए तीन राज्यों में लोगों को धोखा दिया और नतीजतन BJP उन राज्यों में चुनाव जीत गई. RJD युवा अध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि CEC अब BJP के एजेंट बन गए हैं और चुनाव आयोग में लोगों का भरोसा बहाल करने के लिए उन्हें हटाना ज़रूरी है.

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News Source: ANI

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