Home राज्य वेज बिरयानी नहीं वेज पुलाव लिखो, हरिद्वार में हिंदूवादी संगठन का विरोध प्रदर्शन, अखाड़ा परिषद ने दिया समर्थन

वेज बिरयानी नहीं वेज पुलाव लिखो, हरिद्वार में हिंदूवादी संगठन का विरोध प्रदर्शन, अखाड़ा परिषद ने दिया समर्थन

by MayankRai 11 June 2026, 4:19 PM IST (Updated 11 June 2026, 4:23 PM IST)
11 June 2026, 4:19 PM IST (Updated 11 June 2026, 4:23 PM IST)
Haridwar Veg Pulao

Haridwar Veg Biryani: बीते दिनों हरिद्वार में एक हिंदूवादी संगठन ने वेज बिरयानी शब्द पर आपत्ति जताते हुए बिरयानी के ठेलों और दुकानों पर पहुंच कर विरोध पर्दर्शन किया. उन्होंने दुकानदारों से बिरयानी शब्द के बजाय वेज पुलाव शब्द लिखने की बात कही. अब अखाड़ा परिषद ने भी इसका समर्थन कर दिया है. अखंड परशुराम अखाड़े से जुड़े हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने हरिद्वार के देवपुरा इलाके में वेज बिरयानी के तमाम ठेलों पर पहुंच कर कहां की बिरयानी शब्द गैर हिंदुओं के भोजन से जुड़ा हुआ है. लिहाजा धर्मनगरी हरिद्वार में शाकाहारी खाने में इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.

हिंदूवादी कार्यकर्ताओं ने इसको लेकर अभियान चलाने की बात भी कहीं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोगों के द्वारा ठेलों पर बिरयानी शब्द लिखा होने को लेकर विरोध करने की बात सामने आई है. मामले की जानकारी ली जा रही है.

परशुराम अखाड़े से उठी आवाज

अखंड परशुराम अखाड़ा के अध्यक्ष अधीर कौशिक ने कहा देवभूमि का प्रवेश द्वार हरिद्वार है अगर यहां ही बिरयानी जैसे शब्द खुलेआम लिखे होंगे तो इस देवभूमि को क्या मैसेज जाएगा. अखंड परशुराम अखाड़ा के अध्यक्ष अधीर कौशिक ने कहा देवभूमि का प्रवेश द्वार हरिद्वार है अगर यहां ही बिरयानी जैसे शब्द खुलेआम लिखे होंगे तो इस देवभूमि को क्या मैसेज जाएगा. वर्ष लाखों लोग यहां गंगा पूजन स्नान आदि के लिए आते हैं इसलिए हमने ये मांग उठाई है कि वेज बिरयानी की जगह वेज पुलाव या खिचड़ी शब्द का इस्तेमाल करे.

कथावचक ने दिया समर्थन

कथा वाचक पवन कृष्ण शास्त्री ने भी हिंदूवादी संगठन की मांग को जायज ठहराया है. गुरवार को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी महाराज ने भी वेज बिरयानी शब्द को लेकर उठ रहे सवालों पर अपना बयान रखा. उन्होंने कहा मांग सही है और उन्हे उम्मीद है कि दुकानदार स्वेक्षा से अपनी दुकानों पर वेज पुलाव शब्द का प्रयोग करेंगे.

सांसद ने जताई आपत्ति

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस विरोध का समर्थन नहीं किया है. उन्होंने कहा कि बिरयानी अब आम बोलचाल और प्रचलन का हिस्सा है. यह एक डिश का नाम है, इसे लेकर इस तरह कदम उठाना उचित नहीं. उन्होंने कहा कि जो नाम भाषा और आम प्रचलन में है, उससे परहेज नहीं होना चाहिए. कुल मिलाकर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विरोध करने वालों को नसीहत दी है और उनके विरोध का समर्थन नहीं किया है.

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