Home Latest News & Updates सपना रह गया अधूरा: अमेरिका में सड़क हादसे का शिकार हुआ अंकित, नम आंखों से विदाई, पाढा गांव में मातम

सपना रह गया अधूरा: अमेरिका में सड़क हादसे का शिकार हुआ अंकित, नम आंखों से विदाई, पाढा गांव में मातम

by Live Times 16 June 2026, 7:29 PM IST (Updated 16 June 2026, 7:30 PM IST)
16 June 2026, 7:29 PM IST (Updated 16 June 2026, 7:30 PM IST)
सपना रह गया अधूरा: अमेरिका में सड़क हादसे का शिकार हुआ करनाल का अंकित, नम आंखों से विदाई, पाढा गांव में पसरा मातम

Haryana News: करनाल जिले के पाढा गांव के 27 वर्षीय युवक अंकित की अमेरिका में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मौत के बाद जब उसका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा तो पूरा गांव गमगीन हो गया. घर के बाहर लोगों की भीड़ जुट गई और अंतिम दर्शन के दौरान परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. इसके बाद गांव की शिवपुरी में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम यात्रा में सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए.

अंकित बेहतर भविष्य की तलाश में पांच साल पहले अमेरिका गया था. परिजनों के मुताबिक अंकित करीब पांच वर्ष पहले बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के सपने के साथ डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंचा था. इस सफर में परिवार ने लगभग 40 लाख रुपए खर्च किए थे. अमेरिका पहुंचने के बाद अंकित ने कड़ी मेहनत की और ट्रक चालक के रूप में काम शुरू किया. मेहनत के दम पर उसने अपनी जिंदगी को पटरी पर लाना शुरू कर दिया था और वहां अपना मकान भी खरीद लिया था.

एक हादसे ने छीन लिए परिवार के सारे सपने

बताया जा रहा है कि हादसे वाले दिन अंकित ट्रक लेकर अपने काम पर निकला था. इसी दौरान अचानक उसका ट्रक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा. दुर्घटना इतनी भीषण थी कि अंकित की मौके पर ही मौत हो गई. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे तथा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजवाया गया.

शव को वतन लाने में लगा लाखों का खर्च

हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. अमेरिका से भारत तक पार्थिव शरीर लाने की प्रक्रिया आसान नहीं थी. परिवार, रिश्तेदारों और समाज के लोगों ने मिलकर आर्थिक सहयोग किया. सभी जरूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद शव को भारत लाया गया. परिजनों के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में करीब 20 से 30 लाख रुपए का खर्च आया.

अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

जैसे ही अंकित का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और परिवार को ढांढस बंधाया. लोगों ने इसे बेहद दुखद घटना बताते हुए कहा कि विदेशों में बेहतर भविष्य की तलाश में जाने वाले युवाओं के सामने कई तरह के जोखिम भी मौजूद हैं.

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  • करनाल से अमित भटनागर की रिपोर्ट

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