Home Latest News & Updates हिमाचल मंत्रिमंडल का बड़ा फैसला: महापौर और उप महापौर का कार्यकाल हुआ 5 साल, मिली राहत

हिमाचल मंत्रिमंडल का बड़ा फैसला: महापौर और उप महापौर का कार्यकाल हुआ 5 साल, मिली राहत

by Sanjay Kumar Srivastava 26 October 2025, 1:14 PM IST (Updated 2 February 2026, 4:53 PM IST)
26 October 2025, 1:14 PM IST (Updated 2 February 2026, 4:53 PM IST)
Himachal CM Sukhu

Himachal Cabinet: हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने शनिवार को नगर निगमों के महापौर और उप महापौर का कार्यकाल ढाई साल से बढ़ाकर पांच साल करने का फैसला किया.

Himachal Cabinet: हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने शनिवार को नगर निगमों के महापौर और उप महापौर का कार्यकाल ढाई साल से बढ़ाकर पांच साल करने का फैसला किया. इस फैसले से शिमला नगर निगम के महापौर और उप महापौर को फायदा होगा, जिनका ढाई साल का कार्यकाल नवंबर 2025 में समाप्त हो रहा था. उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि ढाई साल का कार्यकाल खरीद-फरोख्त की आशंकाओं को जन्म दे रहा था. उन्होंने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में यह कार्यकाल पांच साल का होता है.

शिक्षकों का मानदेय 500 रुपये बढ़ा

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों (टीजीटी), शास्त्रीय और स्थानीय भाषा शिक्षकों, जूनियर बेसिक ट्रेनिंग (जेबीटी) शिक्षकों, व्याख्याताओं और डिप्लोमा और प्राथमिक शिक्षा (डीपीई), मध्याह्न भोजन कार्यकर्ताओं और अंशकालिक जल वाहकों सहित स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) शिक्षकों के मानदेय में 500 रुपये प्रति माह की वृद्धि के लिए भी मंजूरी प्रदान की. यहां जारी एक बयान में कहा गया है कि दोनों निर्णय 1 अप्रैल, 2025 से लागू होंगे. मंत्रिमंडल ने राजीव गांधी स्वरोजगार योजना के तहत 40 प्रतिशत सब्सिडी के प्रावधान के साथ 1,000 पेट्रोल और डीजल टैक्सियों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने के लिए परिवहन विभाग को अनुमति देने का निर्णय लिया. बैठक में प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना और हिमाचल प्रदेश फसल विविधीकरण परियोजना को मंजूरी दी गई. इसके अलावा मंत्रिमंडल ने ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में एक कैबिनेट उप-समिति गठित करने का निर्णय लिया.

भर्ती के लिए नए खेल भी सूची में शामिल

ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह, शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह और नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी इस कैबिनेट उप-समिति के सदस्य होंगे. समिति ने उन 19 खेलों को खेलों की सूची में शामिल करने की मंजूरी दी जो राज्य सरकार के विभागों, बोर्डों और निगमों के तहत पदों पर नियुक्ति के लिए मेधावी खिलाड़ियों को योग्य बनाते हैं. इन खेलों में बेसबॉल, पैरा स्पोर्ट्स, रग्बी ट्रायथलॉन, बधिर खेल, मल्लखंब, कूडो, मोटर स्पोर्ट्स, पेनकैक सिलाट, शूटिंग बॉल, सॉफ्ट टेनिस, रोल बॉल, टेनपिन बॉलिंग, रस्साकशी, तलवारबाजी नेटबॉल शामिल है. मंत्रिमंडल ने भर्ती निदेशालय के अंतर्गत कनिष्ठ कार्यालय सहायक (आईटी) के लिए एक अलग और विशिष्ट राज्य कैडर के निर्माण को मंजूरी दी, जिसके अंतर्गत पहले चरण में जॉब ट्रेनी के 300 पद सृजित किए जाएंगे. नाहन मेडिकल कॉलेज के विस्तार के लिए नई चयनित भूमि पर इसके निर्माण को भी मंजूरी दी गई. मंत्रिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग में नए स्नातकोत्तर और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों में प्रवेश को नियमित करने के लिए पूर्वव्यापी अनुमति देने पर भी सहमति व्यक्त की.

कर्मियों को मिलेगा 15 दिनों का पितृत्व अवकाश

मंत्रिमंडल ने नई रेजिडेंट डॉक्टर नीति-2025 के निर्माण को भी मंजूरी दी. मंत्रिमंडल ने सहायक स्टाफ नर्स की नियुक्ति को विनियमित करने के लिए नीति तैयार करने के स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी प्रदान की. इसके अलावा मंत्रिमंडल ने जनजातीय और गैर-जनजातीय क्षेत्रों में 100 किलोवाट से 2 मेगावाट तक की क्षमता वाली सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के लिए क्रमशः पांच और चार प्रतिशत ब्याज सब्सिडी के साथ हिमाचलियों को जमीन पर स्थापित करने की योजना में संशोधन को भी मंजूरी दी. मंत्रिमंडल ने राज्य में अनुबंध कर्मचारियों को 15 दिनों के पितृत्व अवकाश की अनुमति देने को भी मंजूरी दी.

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