Home Latest News & Updates Jammu Kashmir Cloudburst: कुदरत का कहर! बादल फटने से मची तबाही; कई जिलों के स्कूल बंद

Jammu Kashmir Cloudburst: कुदरत का कहर! बादल फटने से मची तबाही; कई जिलों के स्कूल बंद

by Amit Dubey 1 August 2026, 11:51 AM IST
1 August 2026, 11:51 AM IST
Jammu Kashmir Flood

Jammu Kashmir Flood: जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बाढ़ ने इसके कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है. इससे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. इस बीच आज शनिवार तड़के किश्तवाड़ जिले के चत्रू इलाके में बादल फट गया. इससे अचानक बाढ़ आ गई, जिसने लोगों को काफी परेशानी में डाल दिया. वहीं, इसको देखते हुए कई जिलों स्कूल बंद करने पड़े हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश से पूरी चिनाब घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. इसके चलते अधिकारियों ने किश्तवाड़, डोडा और रामबन जिलों में स्कूल बंद करने का आदेश दिया है. वहीं, बादल फटने से अचानक आई बाढ़ में कई गाड़ियां बह गईं और दुकानों का काफी नुकसान हुआ है. कई घरों में मलबे घूस गए हैं.

रात करीब 2:30 बजे बादल फटा

न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू के अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों को ऑनलाइन क्लास चलाने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने बताया कि चत्रू में रात करीब 2:30 बजे बादल फटा, जिससे अचानक बाढ़ आ गई और भारी नुकसान हुआ. इसने क्षेत्र में एक तरह से तबाही मचा दी. अचानक आए इस सैलाब से मुख्य बाजार में बड़े-बड़े पत्थर, कीचड़ और मलबा भर गया और किश्तवाड़-चत्रू-सिंथन नेशनल हाईवे बंद हो गया.

अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय नाले के किनारे खड़ी कम से कम दो गाड़ियां बह गईं, जबकि कई दुकानें और घर पानी में डूब गए. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि बादल फटने की खबर मिलने के तुरंत बाद उन्होंने किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार शर्मा से बात की. मंत्री ने कहा कि हालांकि इस घटना में किसी की जान जाने की खबर नहीं है.

पिछले साल 63 लोगों की हुई थी मौत- केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रभावित दुकानदारों और कारोबारियों को सरकार के राहत नियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि पिछले साल चसोती में बादल फटने की विनाशकारी घटना के बाद सरकार ने जिले में आपदा से निपटने की तैयारी मजबूत की है. उस घटना में 63 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें ज्यादातर माछैल माता मंदिर के दर्शन करने आए श्रद्धालु थे. घटना के बाद लापता हुए करीब 30 लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है.

मंत्री ने कहा कि केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने मौसम की बेहतर निगरानी और खराब मौसम के दौरान समय पर चेतावनी देने के लिए किश्तवाड़ और माछैल में एक-एक अर्ली वार्निंग सिस्टम (EWS) लगाया है. उन्होंने बताया कि पाडर इलाके में एक ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन भी लगाया जा रहा है. किश्तवाड़ में, मुख्य शिक्षा अधिकारी ने भारी बारिश, सड़कों पर फिसलन और पत्थर गिरने की आशंका को देखते हुए दिन भर के लिए सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद करने का आदेश दिया. ऐसा ही आदेश पड़ोसी डोडा और रामबन जिलों में भी जारी किया गया.

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News Source: PTI

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