Home मनोरंजन Ramayana के Trailer ने किया लोगों को हैरान, लेकिन क्या Ranbir Kapoor बन पाए भगवान श्रीराम?

Ramayana के Trailer ने किया लोगों को हैरान, लेकिन क्या Ranbir Kapoor बन पाए भगवान श्रीराम?

by Preeti Pal 1 August 2026, 12:15 PM IST
1 August 2026, 12:15 PM IST
Ramayana के Trailer ने किया लोगों को हैरान, लेकिन क्या Ranbir Kapoor बन पाए भगवान श्रीराम?

Ramayana Trailer: भारतीय सिनेमा जब भी इतिहास रचने की कोशिश करता है, तो उम्मीदें अपने आप आसमान छूने लगती हैं. एक तरफ करोड़ों लोगों की आस्था, दूसरी तरफ दुनिया को भारतीय संस्कृति का सबसे भव्य रूप दिखाने का सपना. कुछ ऐसा ही सपना लेकर निर्देशक नितेश तिवारी की ‘रामायण’ बड़े पर्दे पर दस्तक देने जा रही है. करीब चार मिनट दस सेकंड का ट्रेलर सामने आते ही साफ हो जाता है कि ये सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा और सबसे महंगा प्रोजेक्ट बनने की तैयारी में है.

रामायण की पहली झलक

पहली ही झलक से ‘रामायण’ का ट्रेलर ये एहसास करा देता है कि मेकर्स ने स्केल और विजुअल्स के मामले में कोई समझौता नहीं किया है. हर फ्रेम किसी हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर की तरह चमकता हुआ दिखाई देता है. लेकिन सवाल सिर्फ इतना नहीं कि फिल्म कितनी बड़ी दिखती है. असली सवाल ये है कि क्या यह ट्रेलर दर्शकों के दिल तक पहुंच पाया है? क्योंकि रामायण सिर्फ युद्ध, महलों और दिव्य अस्त्रों की कहानी नहीं, बल्कि मर्यादा, त्याग, प्रेम और भावनाओं का सबसे बड़ा महाकाव्य है.

Ramayana
Ramayana

सबसे बड़ी ताकत

नितेश तिवारी की ‘रामायण’ के ट्रेलर की सबसे बड़ी ताकत इसका भव्य विजुअल ट्रीटमेंट है. लंका की सुनहरी नगरी हो या भगवान श्रीराम का वनवास, हर सीन को बहुत ही शानदार तरीके से फिल्माया गया है. विजुअल इफेक्ट्स पहले दिखाई गई झलक की तुलना में कहीं ज्यादा बेहतर नजर आते हैं. खासतौर पर युद्ध के सीन इतने शानदार लगते हैं कि कई बार आंखें स्क्रीन पर ही ठहर जाती हैं. देवताओं और दानवों की दुनिया को जिस तरह पर्दे पर उतारा गया है, वो भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ा कदम कहा जा सकता है. ऐरावत और देवराज इंद्र वाला सीन हो या राक्षसों की डिजाइनिंग, हर फ्रेम में फिल्म के मेकर्स की मेहनत साफ दिखाई देती है. ऐसा लगता है कि मेकर्स ने हर छोटी-बड़ी डिटेल पर बहुत बारीकी से काम किया है ताकि दर्शकों को सिनेमा का एक अलग ही अनुभव मिल सके.

संगीत का जादू

वहीं, अगर ‘रामायण’ के ट्रेलर की आत्मा किसी चीज में बसती है, तो वो है इसका संगीत. हॉलीवुड के दिग्गज संगीतकार हांस ज़िमर और भारत के ऑस्कर विजेता ए. आर. रहमान ने मिलकर ‘रामायण’ की जो थीम तैयार की है, वो ट्रेलर को एक अलग ही ऊंचाई पर पहुंचा देती है. जैसे-जैसे संगीत अपने चरम पर पहुंचता है और श्रीराम रावण के अंत का संकल्प लेते हैं, वो पल ट्रेलर का सबसे प्रभावशाली सीन बन जाता है. यही वो क्षण है जहां रोंगटे खड़े होने का एहसास होता है.

रिलीज़ हुआ Ramayana का ट्रेलर, पर सबसे ज्यादा चर्चा में हंस जिमर! जानें कौन हैं बॉलीवुड में डेब्यू करने वाला ये हॉलीवुड स्टार

रावण का जलवा

अगर कलाकारों की बात करें तो सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं साउथ सुपरस्टार यश. रावण के रोल में उनका व्यक्तित्व बहुत ही ज्यादा प्रभावशाली नजर आता है. चाहे कुबेर से लंका छीनने वाला योद्धा हो या तीनों लोकों पर अपना प्रभाव रखने वाला लंकेश, यश स्क्रीन पर पूरी तरह छा जाते हैं. उनकी स्क्रीन प्रेजेंस इतनी मजबूत है कि कई सीन्स में नजरें उन पर ही टिक जाती हैं. हालांकि, एक छोटी कमी जरूर महसूस होती है. दरअसल, रावण की आवाज में वो भारीपन और गूंज पूरी तरह महसूस नहीं होती जिसकी उम्मीद लोग इस किरदार से करते हैं. फिर भी उनके लुक, बॉडी लैंग्वेज और अंदाज़ में कोई कमी नजर नहीं आती.

Ramayana
Ramayana

बाकी स्टारकास्ट

‘रामायण’ के ट्रेलर में लारा दत्ता ने कैकेयी बनकर कम स्क्रीन टाइम में भी गहरी छाप छोड़ी है. वहीं, रकुल प्रीत सिंह शूर्पणखा बनकर लोगों के दिलों में जगह बनाने में कामयाब रहीं. इसके अलावा रवि दुबे के लक्ष्मण की झलक बहुत कम देखने को मिलती है, लेकिन उनका किरदार और ज्यादा देखने की इच्छा जरूर पैदा करता है. साई पल्लवी की सीता बहुत सहज और सादगी से भरी नजर आती हैं. हालांकि, उनके काम पर कोई कमेंट फिल्म देखने के बाद ही किया जाए, तो ज्यादा बेहतर रहेगा.

कमज़ोर पहलू

अब बात उस पहलू की, जहां ‘रामायण’ का ट्रेलर थोड़ा कमजोर पड़ता दिखाई देता है. दरअसल, सबसे बड़ा सवाल रणबीर कपूर को लेकर खड़ा होता है. इसमें कोई शक नहीं है कि रणबीर कपूर अपनी पीढ़ी के सबसे बेहतरीन एक्टर्स में से एक हैं. उन्होंने एनिमल और रॉकस्टार जैसी फिल्मों में बेहतरीन काम किया है. लेकिन ‘रामायण’ का ट्रेलर देखते समय कई बार ऐसा महसूस होता है कि स्क्रीन पर भगवान श्रीराम नहीं, बल्कि रणबीर कपूर ही दिखाई दे रहे हैं. उनके डायलॉग्स में वो खूबसूरती और मर्यादा पूरी तरह महसूस नहीं होती जिसकी उम्मीद श्री राम के किरदार से की जाती है. इसके अलावा कुछ डायलॉग ऐसे हैं जो फिल्म की दिशा तय करने वाले हैं, लेकिन उनकी प्रेजेंटेशन उतनी प्रभावशाली नहीं लगती. कई जगह ऐसा महसूस होता है कि रणबीर अपने किसी पुराने किरदार की तरह ही डायलॉग बोल रहे हैं, न कि उस आदर्श पुरुष की तरह जिसकी छवि करोड़ों लोगों के मन में बचपन से बसी हुई है. यही बात दर्शकों के लिए किरदार से जुड़ना थोड़ा मुश्किल बना देती है.

Ramayana के ट्रेलर में क्यों नहीं दिखे हनुमान? जानें मेकर्स ने क्यों छिपाकर रखा सबसे बड़ा सरप्राइज

इस चीज़ ने भी खींचा ध्यान

नितेश तिवारी की ‘रामायण’ के ट्रेलर की दूसरी कमजोरी इसकी कहानी कहने का तरीका भी है. पिछले कुछ सालों में भारतीय फिल्मों के ट्रेलर काफी बदल चुके हैं. अब ट्रेलर का मकसद पूरी कहानी बताना नहीं, बल्कि दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाना होता है. लेकिन रामायण का ट्रेलर इस मामले में थोड़ा अलग रास्ता चुनता है. कहानी के कई अहम पड़ाव ट्रेलर में ही दिखा दिए गए हैं. ये सही है कि रामायण की कहानी लगभग हर भारतीय जानता है, लेकिन बड़े पर्दे पर उन पलों को पहली बार देखने की बात कुछ और ही होती है. ट्रेलर कई बड़े सरप्राइज पहले ही सामने रख देता है. हालांकि, वानर सेना और खासतौर से हनुमान जी का पूरा स्वरूप अभी भी छिपाकर रखा गया है, जिससे आगे की उत्सुकता बनी रहती है. इन सबके बावजूद एक डर जरूर मन में पैदा होता है कि कहीं फिल्म अपने सबसे बड़े पत्ते ट्रेलर में ही तो नहीं खोल चुकी है.

Ramayana
Ramayana

4000 करोड़ का मेगा प्लान

नितेश तिवारी की ‘रामायण’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सपना बन चुकी है. रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी स्टारर इस मेगा प्रोजेक्ट का बजट करीब 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर इतनी बड़ी रकम बॉक्स ऑफिस से कैसे निकलेगी? रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेकर्स इस फिल्म को दुनियाभर में 40 हजार से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज करने की तैयारी में हैं. अगर ऐसा होता है तो ये किसी भी भारतीय फिल्म की अब तक की सबसे बड़ी रिलीज होगी. इससे पहले ‘पुष्पा 2’ को करीब 12 हजार स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया था. वहीं, ‘रामायण’ उससे तीन गुना से भी ज्यादा बड़े स्तर पर सिनेमाघरों में पहुंच सकती है. भारत में भी फिल्म के लिए बहुत मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क तैयार किया गया है. हिंदी वर्जन की जिम्मेदारी एए फिल्म्स के पास बताई जा रही है. इसके अलावा तेलुगु मार्केट में श्री वेंकटेश्वर क्रिएशंस, तमिलनाडु में रेड जायंट मूवीज और कर्नाटक में होंबाले फिल्म्स जैसे बड़े नाम इस प्रोजेक्ट से जुड़े हैं. माना जा रहा है कि अकेले भारत में फिल्म को 7000 से ज्यादा स्क्रीन्स मिल सकती हैं.

भारत में Spider Man का तूफान, Brand New Day ने पहले ही दिन रचा इतिहास, Avengers: Endgame का भी टूटा रिकॉर्ड

विदेशी मार्केट पर नज़र

सिर्फ भारत ही नहीं, विदेशी बाजारों पर भी ‘रामायण’ के मेकर्स की नजर है. रिपोर्ट के अनुसार, नॉर्थ अमेरिका में फिल्म के डिस्ट्रीब्यूशन की जिम्मेदारी वॉर्नर ब्रदर्स को मिल सकती है, जहां करीब 4500 स्क्रीन्स का लक्ष्य रखा गया है. वहीं, चीन में चाइना फिल्म ग्रुप के जरिए लगभग 20 हजार स्क्रीन्स तक पहुंचने की योजना बताई जा रही है. मिडिल ईस्ट में भी बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के साथ रिलीज की तैयारी है. अगर ये रणनीति सफल रही तो ‘रामायण’ सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर भी रिकॉर्ड बनाने की दौड़ में सबसे आगे होगी. इतनी बड़ी रिलीज का सीधा फायदा शुरुआती कमाई पर पड़ सकता है.

Ramayana
Ramayana

बाकी है उम्मीद

‘रामायण’ इस साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक है. ये सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान बनने का सपना है. अगर ये फिल्म सफल होती है तो आने वाले सालों में भारतीय पौराणिक कथाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है. लेकिन सिर्फ बड़े-बड़े सेट, शानदार वीएफएक्स और बड़े स्टार्स किसी फिल्म को महान नहीं बनाते. भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ताकत हमेशा उसकी भावनाएं रही हैं. दर्शक तभी जुड़ते हैं जब किरदार उनके दिल तक पहुंचते हैं. अगर ‘रामायण’ इस भावनात्मक जुड़ाव को मजबूत नहीं बना पाई, तो मेकर्स की इतनी मेहनत फीकी पड़ सकती है. ऐसे में ‘रामायण’ की असली परीक्षा नवंबर में होगी, जब फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होगी. तब फैसला न सिर्फ समीक्षक करेंगे और न ही बॉक्स ऑफिस. फैसला करेगा वो दर्शक, जिसकी आस्था और भावनाएं इस कहानी से सदियों से जुड़ी हुई हैं. फिलहाल ट्रेलर एक ऐसा वादा करता है, जिसमें भव्यता भरपूर है, तकनीक शानदार है और विजुअल्स आंखों को चौंका देते हैं. लेकिन दिल को छू लेने वाली भावनाओं की तलाश अभी भी महसूस होती है. अगर फिल्म इस कमी को पूरा कर देती है, तो ये भारतीय सिनेमा का नया इतिहास लिख सकती है. लेकिन अगर भावनाओं की डोर कमजोर रह गई, तो ये भव्य सपना भी उन फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो सकता है, जिन्होंने बड़े वादे तो किए, लेकिन दर्शकों का दिल जीतने में सफल नहीं हो पाए.

वीकेंड पर Binge-Watch का फुल प्लान तैयार, Netflix से JioHotstar तक रिलीज हुईं 7 नई फिल्में और सीरीज

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?