Students Protest: 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा में भ्रष्टाचार और पेपर लीक के आरोपों को लेकर राज्य में छात्रों का एक विशाल आंदोलन खड़ा हो गया है. राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र लगातार अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि इस परीक्षा को तुरंत रद्द किया जाए और पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या प्रवर्तन निदेशालय (ED) से स्वतंत्र जांच कराई जाए. झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन गुरुवार को 13वें दिन में प्रवेश कर गया.
कब हुई थी परीक्षा?
14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को राज्य के 564 केंद्रों पर आयोजित की गई थी. इस परीक्षा के माध्यम से कुल 103 पदों (वैकेंसी) पर भर्ती की जानी थी, जिसमें प्रशासनिक सेवा, डीएसपी और अन्य एलाइड सर्विसेज शामिल हैं. 2 जुलाई 2026 को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था, जिसमें मुख्य परीक्षा के लिए कुल 2,204 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया गया था. इस परीक्षा में 36,000 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे.

धांधली की बात कब आई सामने?
इस परीक्षा में गड़बड़ी की बात मुख्य रूप से 5 जुलाई 2026 को प्रारंभिक परीक्षा के नतीजे आने के बाद आधिकारिक तौर पर सामने आई. हालांकि, परीक्षा संपन्न होने के तुरंत बाद से ही अनियमितताओं के कयास लगाए जा रहे थे. परिणाम आने के बाद सोशल मीडिया पर एक ओएमआर (OMR) शीट की कार्बन कॉपी तेजी से वायरल हुई. आरोप है कि इस उम्मीदवार ने पेपर-1 में 100 में से केवल 48 प्रश्नों के उत्तर दिए थे, लेकिन फिर भी उसका नाम मुख्य परीक्षा की मेरिट लिस्ट में शामिल कर लिया गया. इसके अलावा यह भी आरोप सामने आया कि जारी की गई मेरिट लिस्ट पर किसी भी जिम्मेदार और अधिकृत अधिकारी के हस्ताक्षर (सिग्नेचर) नहीं थे.
JPSC और JSSC में बड़े सुधारों की मांग क्यों?
झारखंड के छात्र केवल 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे JPSC-JSSC सुधार मंच के बैनर तले राज्य के पूरे भर्ती सिस्टम में आमूलचूल बदलाव चाहते हैं. सुधारों की प्रमुख मांगें ये हैं.
- ब्लैकलिस्टेड एजेंसियों पर रोक: छात्रों का आरोप है कि जेएसएससी (JSSC) द्वारा पहले ब्लैकलिस्ट की जा चुकी एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) को ही जेपीएससी परीक्षा का जिम्मा दोबारा दे दिया गया. छात्र ऐसी संदिग्ध और दागी कंपनियों को परीक्षा प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर करने की मांग कर रहे हैं.
- जवाबदेही और समयबद्ध कैलेंडर: सरकारी नौकरी के अभ्यर्थियों की मांग है कि परीक्षाओं का एक पारदर्शी और निश्चित समयबद्ध कैलेंडर जारी किया जाए और समय पर नियुक्तियां पूरी हों. राज्य गठन के बाद से पिछले 25 वर्षों में बेहद कम सिविल सेवा परीक्षाएं हो सकी हैं.
- पारदर्शिता और कट-ऑफ: परीक्षाओं में बिना किसी हेरफेर के श्रेणीवार कट-ऑफ और ओएमआर शीट को समय पर सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है.
JPSC अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा
बढ़ते दबाव के बीच जेपीएससी अध्यक्ष एल खियांग्ते ने 22 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. मुख्य परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक मंत्री स्तरीय समिति का गठन किया है ताकि प्रदर्शनकारी छात्रों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से सीधे संवाद कर समाधान निकाला जा सके.

13वें दिन में प्रवेश कर गया आंदोलन
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन गुरुवार को 13वें दिन में प्रवेश कर गया. इस दौरान छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जबकि आंदोलनकारी छात्रों और नौकरी के उम्मीदवारों ने गतिरोध को सुलझाने के लिए सरकार से बातचीत करने के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है. इस दौरान उनके प्रदर्शन की गूंज राज्य विधानसभा तक भी पहुंची, जहां मॉनसून सत्र के पहले दिन विपक्षी विधायकों ने परिसर में नारेबाज़ी की.
11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन
यह विरोध प्रदर्शन, जो 25 जुलाई को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले शुरू हुआ था, हाल के वर्षों में राज्य में छात्रों के नेतृत्व वाले सबसे बड़े आंदोलनों में से एक बनकर उभरा है. JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के एक पदाधिकारी ने कहा कि आंदोलन के संबंध में बातचीत करने के सरकार के प्रस्ताव के जवाब में हमने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है, जिसमें आठ छात्र, दो विशेषज्ञ (पत्रकार) और एक वकील शामिल हैं. सरकार के साथ बातचीत करने का निर्णय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा यह कहे जाने के एक दिन बाद लिया गया कि उनकी सरकार के दरवाज़े आंदोलनकारियों के लिए खुले हैं. एक अधिकारी ने बताया कि सरकार की पांच सदस्यों वाली एक कमेटी शाम को प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर सकती है.
परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग
प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड PSC सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की CBI या राज्य के बाहर के रिटायर्ड हाई कोर्ट जजों की कमेटी से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में बड़े सुधारों की भी मांग की है. मानसून सत्र के पहले दिन विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. कई विधायकों ने ऐसे मास्क पहने थे जिन पर लिखा था, ‘जागो सरकार, होश में आओ’.
CID और सरकार की कमेटी पर भरोसा नहीं
विपक्षी NDA के विधायकों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग की. उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए. BJP के चीफ व्हिप नवीन जायसवाल ने आरोप लगाया कि सरकार झारखंड के युवाओं का भविष्य बेच रही है. उन्होंने कहा कि सरकार ने एक कमेटी बनाई है. लेकिन उसे यह पता होना चाहिए कि किसी को भी CID और सरकार की कमेटी पर भरोसा नहीं है. जांच CBI से होनी चाहिए.

छात्रों के मुद्दे पर सरकार गंभीर
NEET परीक्षा का पेपर लीक होने के विरोध में दिल्ली में हुए प्रदर्शन का ज़िक्र करते हुए, जिसके कारण आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद छोड़ना पड़ा, BJP की कोडरमा से विधायक नीरा यादव ने कहा कि कांग्रेस दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के समय एक चेहरा दिखाती है और झारखंड के लिए दूसरा. झारखंड में कांग्रेस, हेमंत सोरेन सरकार की सहयोगी पार्टी है.
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कांग्रेस नेता के. राजू ने कहा कि पार्टी ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विरोध कर रहे छात्रों को अपना समर्थन दिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा था कि प्रश्न-पत्र लीक होने की समस्या एक राष्ट्रीय समस्या है और उन्होंने गतिरोध को खत्म करने के लिए बातचीत का प्रस्ताव दिया था. BJP के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार ने गुरुवार को कहा कि सरकार छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दे को लेकर गंभीर है.
विधानसभा के बाहर निषेधाज्ञा लागू
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मैं उन छात्रों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. आज एक सार्थक बातचीत संभव है. राज्य में छात्र संगठनों के 7 और 10 अगस्त को विधानसभा के बाहर धरना देने के प्रस्ताव को देखते हुए विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में 6 से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है. यह आदेश इन दिनों सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेगा.
इस बीच प्रदर्शनकारी झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) में व्यापक सुधार की अपनी मांग पर अड़े रहे. मंगलवार रात दो महिलाओं समेत पांच प्रदर्शनकारी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल में शामिल हो गए. वे पिछले पांच दिनों से उपवास पर हैं. ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर का स्तर काफी गिर जाने के कारण महतो की सेहत चिंता का विषय बन गई थी.
वांगचुक की अपील का असर
हाल ही में दिल्ली में NEET पेपर लीक मामले को लेकर 26 दिन की भूख हड़ताल करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने बुधवार को फोन पर महतो से बात की और उनसे अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए कम से कम पानी पीने का आग्रह किया. वांगचुक की अपील के बाद महतो ने पानी पिया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार से बार-बार अपील करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए उन्हें विरोध का यह सख्त तरीका अपनाना पड़ा. JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच के प्रवक्ता जीवन कुमार ने कहा कि हमारे पांच साथी, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं, आंदोलन को मज़बूत करने और अपनी मांगों को मनवाने के लिए भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं. प्रदर्शनकारियों ने बताया कि भूख हड़ताल कर रहे प्रदर्शनकारियों में से एक ब्रह्मानंद गुरुवार को प्रदर्शन स्थल पर नहीं दिखे.
छात्रों से मिले बाबूलाल मरांडी
भूख हड़ताल कर रही प्रदर्शनकारियों में से एक सबिता कुमारी ने कहा कि सरकार ने छात्रों की चिंताओं को नज़रअंदाज़ किया है, जिससे उनके पास अपने आंदोलन को और तेज़ करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है. एक अन्य प्रदर्शनकारी हबीबा ने मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हमारे अभिभावक की तरह हैं. जब बच्चे भूखे रहते हैं, तो अभिभावक को भी तकलीफ़ होती है. हमें उम्मीद है कि वह हमारी शिकायतें सुनेंगे. हमें सिर्फ़ आश्वासन नहीं, बल्कि कार्रवाई और न्याय चाहिए. विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में बीजेपी के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को विरोध-प्रदर्शन वाली जगह का दौरा किया और 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने और कथित गड़बड़ियों की CBI जांच की मांग दोहराई.

विरोध-प्रदर्शन तेज
जैसे-जैसे विरोध-प्रदर्शन तेज़ हुआ, कथित भर्ती घोटाले की CID जांच भी तेज़ हो गई है. एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 19 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है, जिनमें से पांच को बुधवार को गिरफ़्तार किया गया. JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगटे से 28 जुलाई के बाद से चार बार पूछताछ की जा चुकी है.
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