Ranchi Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों ने अपना विरोध तेज कर दिया है. पांच प्रदर्शनकारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल में शामिल हो गए हैं. वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा कि पेपर लीक का मामला एक राष्ट्रीय समस्या है और इस रुकावट को हल करने के लिए बातचीत की पेशकश की. यह विरोध प्रदर्शन 25 जुलाई को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC सुधार मंच के बैनर तले शुरू हुआ था और हाल के सालों में राज्य में छात्रों के नेतृत्व वाले सबसे बड़े आंदोलनों में से एक बनकर उभरा है.
पांच प्रदर्शनकारियों का अनशन जारी
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बुधवार को अपना अनशन तोड़ दिया. उन्होंने सोनम वांगचुक के कहने पर चार दिन से जारी अपना अनशन तोड़ा और पानी पिया. वहीं दो महिलाओं समेत पांच प्रदर्शनकारियों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अभी जारी है. JPSC-JSSC सुधार मंच के प्रवक्ता जीवन कुमार ने कहा, “हमारे पांच दोस्त आंदोलन को मजबूत करने और अपनी मांगों पर दबाव बनाने के लिए भूख हड़ताल में शामिल हुए हैं.” अनशन पर बैठी प्रदर्शनकारियों में से एक, सबिता कुमारी ने कहा कि सरकार ने स्टूडेंट्स की चिंताओं को “नजरअंदाज” कर दिया है, जिससे उनके पास अपना आंदोलन तेज करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है.
छात्रों की मांग
प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड PSC सिविल सर्विसेज परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) जांच की मांग कर रहे हैं. उन्होंने झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) में बड़े सुधारों पर भी जोर दिया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार से बार-बार अपील करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने पर उन्हें आंदोलन का यह सख्त तरीका अपनाने पर मजबूर होना पड़ा.
बातचीत का प्रस्ताव और छात्रों की शर्तें
रांची के सब-डिवीजनल ऑफिसर कुमार रजत और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (लॉ एंड ऑर्डर) धनंजय कुमार ने विरोध स्थल का दौरा किया और छात्रों के पांच सदस्यों वाले डेलीगेशन को CM के घर पर बातचीत के लिए बुलाया. SDO ने कहा, “प्रदर्शकारियों ने प्रस्ताव पर बातचीत के लिए कुछ समय मांगा है.” एडमिनिस्ट्रेशन की बातचीत की अपील पर, स्टूडेंट लीडर रवींद्र पासवान ने कहा, “हम मांग करते हैं कि बातचीत पब्लिक में हो या बंद कमरे में मीटिंग के बजाय लाइव टेलीकास्ट हो.” एक और स्टूडेंट लीडर प्रेम सागर ने कहा, “जैसा कि हमारे CM ‘सरकार आपके दरवाजे पर’ का प्रचार करते हैं, हम मांग करते हैं कि CM प्रोटेस्ट साइट पर आएं.”
‘स्थायी हल निकालेंगे’
वहीं दूसरी ओर एक्स पर एक पोस्ट में, सोरेन ने कहा कि स्टूडेंट्स की चिंताओं को उनकी सरकार पूरी गंभीरता से ले रही है. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां चौबीसों घंटे काम कर रही हैं और कथित गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों को जेल भेजा जा रहा है. हमारा मकसद सिर्फ जांच करना नहीं है, बल्कि स्टूडेंट्स की चिंताओं का स्थायी हल देना है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के दरवाजे उनके लिए अपनी मांगें और सुझाव रखने के लिए खुले हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर पॉइंट की ध्यान से जांच की जाएगी और जल्द ही कोई पक्का हल निकाला जाएगा.
रांची छात्र प्रदर्शन: 4 दिन बाद देवेंद्र महतो ने तोड़ा अनशन, सोनम वांगचुक से बात कर पिया पानी
News Source: PTI
