Home Top News रांची छात्र प्रदर्शन: 4 दिन बाद देवेंद्र महतो ने तोड़ा अनशन, सोनम वांगचुक से बात कर पिया पानी

रांची छात्र प्रदर्शन: 4 दिन बाद देवेंद्र महतो ने तोड़ा अनशन, सोनम वांगचुक से बात कर पिया पानी

by Neha Singh 5 August 2026, 12:23 PM IST (Updated 5 August 2026, 1:42 PM IST)
5 August 2026, 12:23 PM IST (Updated 5 August 2026, 1:42 PM IST)
Devendra Mahto Broke Fast

Devendra Mahto Broke Fast: झारखंड की राजधानी रांची अब दूसरा जंतर-मंतर बन चुकी है. भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो ने आज अपना अनशन तोड़ दिया है. उन्होंने सोनम वांगचुक से वीडियो कॉल पर बात करने के बाद पानी पिया. महतो पिछले चार दिनों से JPSC और JSSC परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ अनशन कर रहे हैं. उन्होंने आज वांगचुक के कहने पर पानी पिया. उन्होंने पहले शर्त रखी थी कि सोनम वांगचुक उनसे रांची आकर मिलेंगे तभी वह अपना अनशन तोड़ेंगे. वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.

पांच अन्य छात्रों की भूख हड़ताल जारी

छात्र कई दिनों से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. आज उनके प्रदर्शन का 12वां दिन है. इसके साथ ही सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है. फिलहाल देवेंद्र महतो ने तो अनशन तोड़ दिया है, लेकिन दो महिलाओं समेत पांच अन्य छात्रों ने मंगलवार शाम को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है.

JPSC और JSSC रिफॉर्म्स मंच के स्पोक्सपर्सन जीवन कुमार ने कहा, “हमारे पांच दोस्त, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं, अपनी मांगों को लेकर मंगलवार रात से भूख हड़ताल पर बैठ गए.” एक प्रदर्शनकारी हबीबा ने कहा, “CM हमारे गार्जियन जैसे हैं. जब बच्चे भूखे होते हैं, तो एक गार्जियन को भी दर्द होता है. इसलिए, हमें उम्मीद है कि वह हमारी शिकायतें और मांगें सुनेंगे.” उन्होंने कहा, “चीफ मिनिस्टर कहते हैं कि सरकार सेंसिटिव है. हो सकता है, लेकिन हमें एक्शन और जस्टिस चाहिए, एश्योरेंस नहीं.”

फैसला लिया जाएगा- हेमंत सोरेन

झारखंड के चीफ मिनिस्टर हेमंत सोरेन ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों की चिंताओं को लेकर सीरियस है और सही समय पर फैसला लिया जाएगा. सोरेन ने रांची में रिपोर्टर्स से कहा था, “उनकी मांगों और सवालों पर बारीकी से जांच की जाएगी और पूरी गंभीरता से फैसले लिए जाएंगे.”

CID ने अब तक कथित गड़बड़ियों के सिलसिले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि JPSC ने बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच जरूरी हालात का हवाला देते हुए 25 से 27 जुलाई तक होने वाली संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को टाल दिया है. CID ने 28 जुलाई से अब तक JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते से चार बार पूछताछ की है और भर्ती में कथित गड़बड़ियों की जांच के तहत रांची, पलामू, हज़ारीबाग, बोकारो और धनबाद में 18 जगहों पर छापे मारे हैं.

छात्रों की मांगें

  • JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भ्रष्टाचार की केंद्रीय जांच एजेंसियों से स्वतंत्र जांच करवाई जानी चाहिए.
  • अनियमितताओं के आरोपों के कारण 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा तुरंत रद्द की जाए.
  • परीक्षा आयोजित करने वाली विवादित और ब्लैक लिस्टेड एजेंसियों का टेंडर रद्द किया जाए और पारदर्शी तरीके से नई परीक्षा आयोजित की जाए.
  • परीक्षा के अलग-अलग चरणों के लिए अलग-अलग कंपनियों को नियुक्त किया जाए ताकि एक ही कंपनी का एकाधिकार न हो.
  • सरकारी नौकरियों में देरी को खत्म करने के लिए एक निश्चित वार्षिक भर्ती कैलेंडर जारी किया जाए और भर्तियां समय पर पूरी की जाएं.
  • छात्र नेता अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं.

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News Source: PTI

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