MP News : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को सिंगरौली जिले के प्रवास के दौरान सादगी और मितव्ययिता की एक अनोखी मिसाल पेश की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सरकारी खर्चों में कमी लाने और फिजूलखर्ची रोकने की अपील का पालन करते हुए मुख्यमंत्री ने सिंगरौली में अपना वीआईपी कारकेड (गाडियों का काफिला) पूरी तरह त्याग किया. हवाई पट्टी पर उतरने के बाद वे सभी स्थानीय जन-प्रतिनिधियों के साथ एक साधारण टूरिस्ट बस में सवार होकर कार्यक्रम स्थल एनसीएल ग्राउंड पहुंचे. मुख्यमंत्री के इस बेहद सरल और सहज अंदाज ने वहां मौजूद हर नागरिक का दिल जीत लिया.
विधायकों के साथ किया बस में सफर
सिंगरौली की सड़कों पर जब मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के साथ बस में सफर करते दिखे तो आम लोग भी दंग रह गए. इस सफर में मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जिला प्रभारी मंत्री संपतिया उइके, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह, सांसद राजेश मिश्रा और सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह भी मौजूद रहे. इनके अलावा विधायक राजेंद्र मेश्राम, कुंवर सिंह टेकाम, विश्वामित्र पाठक, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय सहित वरिष्ठ नेता कांतदेव सिंह और सुंदरलाल शाह भी बस में उनके साथ बैठे हुए नजर आए.
पद और प्रोटोकॉल से बड़ा है जनता का प्रेम
टूरिस्ट बस से कार्यक्रम स्थल पहुंचकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह मजबूत संदेश दिया कि किसी भी जनप्रतिनिधि की असली पहचान पद, रूतबे या भारी-भरकम प्रोटोकॉल से नहीं होती है. जनता के प्रति उसके जुड़ाव, सादगी और सेवा भावना से होती है. मुख्यमंत्री का यह कदम सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें वे हमेशा नेताओं को अनुशासन, सादगी और जनसेवा के मूल्यों के साथ काम करने की प्रेरणा देते हैं. मुख्यमंत्री के इस कदम की राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच खूब सराहना हो रही है और लोग इसे नए दौर की बदलती सियासत का एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं.
पीएम मोदी ने किया था आग्रह
बता दें कि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईंधन संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील की. साथ ही इस मुहिम को भी पीएम मोदी ने खुद पर लागू करते हुए अपने काफिले को सीमित कर दिया. इसके अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और अन्य VIP पर्सन ने भी कार-पूल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करना शुरू कर दिया.
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