Railway Food Vigilance : रेलवे यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के दावों के बीच अहमदाबाद मंडल में हुई फूड विजिलेंस की औचक जांच में गंभीर लापरवाही सामने आई है. रेलवे फूड विजिलेंस फोर्स (RFVF) की टीम ने अहमदाबाद मंडल में एक साथ 15 बेस किचन और खानपान संस्थानों की जांच की. इस दौरान राजधानी एक्सप्रेस में भोजन सप्लाई करने वाली एजेंसी के बेस किचन से बड़ी संख्या में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री बरामद हुई.
1383 एक्सपायर्ड फूड पैकेट पाए गए
जांच के दौरान 1383 एक्सपायर्ड फूड पैकेट पाए गए. इनमें हल्दीराम के पोहा, उपमा और छोले मसाला के पैकेट के अलावा फॉर्च्यून सूजी के पैकेट भी शामिल थे. एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री मिलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित फूड सप्लाई एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. राजधानी एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेन में यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराने वाली एजेंसी के बेस किचन की जांच में एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री का बड़ा स्टॉक सामने आया. रेलवे की जांच टीम ने मौके पर 1383 ऐसे फूड पैकेट बरामद किए, जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी. बरामद सामग्री में हल्दीराम के पोहा, उपमा और छोले मसाला तथा फॉर्च्यून सूजी के पैकेट शामिल थे.
इस लापरवाही पर रेलवे प्रशासन ने संबंधित सेवा प्रदाता के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया. अहमदाबाद मंडल के DRM वेद प्रकाश की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत रेलवे फूड विजिलेंस टीम ने खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों की जांच के लिए यह विशेष अभियान चलाया.
15 स्थानों पर बेस किचन का निरीक्षण किया गया
अहमदाबाद मंडल में अहमदाबाद, साबरमती, गांधीधाम, आदिपुर, मेहसाणा, पालनपुर और विरमगाम समेत 15 स्थानों पर बेस किचन और खानपान संस्थानों का औचक निरीक्षण किया गया. जांच के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, एक्सपायरी डेट, स्टोरेज व्यवस्था, साफ-सफाई, सैनिटेशन, खाद्य कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और जरूरी रिकॉर्ड की जांच की गई. डब्बा बाजार, सरसपुर स्थित बेस किचन में खुले और बिना सील के मसाले, खराब सब्जियां, खराब फ्रीजर, FIFO प्रणाली का पालन नहीं करना, अत्यधिक गंदा किचन, कर्मचारियों के लिए उचित यूनिफॉर्म और सुरक्षा उपकरणों की कमी तथा खाद्य सामग्री खुले में रखे जाने जैसी खामियां मिलीं.
5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
इतना ही नहीं, आवश्यक रिकॉर्ड का भी उचित तरीके से रखरखाव नहीं किया जा रहा था. रेलवे ने इस बेस किचन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और यूनिट को मौके पर ही बंद करा दिया. धर्म नगर, साबरमती स्थित बेस किचन में खराब फ्लाईकैचर, सड़े हुए आलू, वॉशिंग लिक्विड की कमी और क्षतिग्रस्त ड्रेनेज जाली जैसी कमियां सामने आईं. इस पर भी 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।गुजरात यूनिवर्सिटी के पास विष्णु एस्टेट स्थित बेस किचन की जांच में सड़े हुए आलू, FIFO प्रणाली का पालन नहीं करना, मक्खियों की मौजूदगी, असंतोषजनक स्वच्छता, उचित एग्जॉस्ट डक्ट की कमी और अधपकी चपातियां मिलीं.
इसके अलावा खुले और बिना सील के मसाले रखे गए थे और खाना पकाने के तापमान का रिकॉर्ड भी नहीं रखा जा रहा था. इस बेस किचन पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. सरसपुर के एक अन्य बेस किचन में निर्धारित किचन का उपयोग नहीं करने और दूसरी जगह से भोजन की आपूर्ति किए जाने की स्थिति सामने आई. इस मामले में भी 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.
FIFO प्रणाली का अभाव पाया गया
सरसपुर के वोरा का रोजा स्थित बेस किचन में अनुमोदित विक्रेता सूची और FIFO प्रणाली का अभाव पाया गया. इसके साथ ही उचित वेंटिलेशन की कमी, असंतोषजनक स्वच्छता और कई एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद स्टॉक में रखे जाने की बात सामने आई. इन अनियमितताओं के चलते संबंधित बेस किचन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. सपना नगर कॉलोनी, गांधीधाम और रामबाग रोड, आदिपुर स्थित बेस किचन बंद पाए गए. दोनों स्थानों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.
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किचन में गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं था
वहीं, मेहसाणा के मालगोडाउन रोड स्थित बेस किचन में गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं था और निर्धारित बेस किचन के बजाय दूसरी जगह से भोजन तैयार करवाने की स्थिति सामने आई. इस पर भी 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. पालनपुर स्थित बेस किचन की जांच में स्वच्छता और सैनिटेशन की कमी, कच्चे और पके भोजन को उचित तरीके से अलग नहीं रखना, दूषित सब्जियां, खाद्य हैंडलर्स द्वारा एप्रन और हेड कवर का इस्तेमाल नहीं करना तथा अपर्याप्त हैंड-वॉशिंग सुविधाएं पाई गईं.
उचित कवर वाले कूड़ेदान का अभाव
इसके अलावा खुले क्षेत्र में लकड़ी के ईंधन से खाना पकाने, उचित कवर वाले कूड़ेदान का अभाव और खरीद, FIFO/FEFO, तापमान तथा पेस्ट कंट्रोल से जुड़े रिकॉर्ड का उचित रखरखाव नहीं किया जा रहा था. इस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. विरमगाम स्थित रिफ्रेशमेंट रूम की जांच में प्लेटफॉर्म क्षेत्र में अतिक्रमण, किचन में खराब स्वच्छता, कॉकरोच और मक्खियों की मौजूदगी, गंदे कपड़े से ढका कच्चा वड़ा, अनधिकृत विक्रेता और कर्मचारियों द्वारा यूनिफॉर्म नहीं पहनने जैसी कमियां सामने आईं. हालांकि, रेलवे प्रशासन के मुताबिक, जांच किए गए अन्य स्थानों पर बेस किचन और कुकिंग व्यवस्था संतोषजनक पाई गई.
यात्रियों के खाने की गुणवत्ता पर रेलवे की सख्ती
अहमदाबाद मंडल ने सभी बेस किचन और खाद्य सेवा प्रदाताओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित खाद्य तैयारी, उचित स्टोरेज, नियमित सफाई, कचरा निस्तारण, ड्रेनेज और पेस्ट कंट्रोल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही सभी आवश्यक रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है. खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भविष्य में भी औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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