Nagar Nigam Action: भोपाल के रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से चल रही कमर्शियल गतिविधियों पर नगर निगम का शिकंजा कसता ही जा रहा है. सर्वधर्म, अरेरा कॉलोनी और खानूगांव में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 15 से ज्यादा प्रतिष्ठानों को बंद करा दिया गया है, लेकिन इस पूरी कार्रवाई के बीच पक्षपात के संगीन आरोपों ने नया बवाल खड़ा कर दिया है. अरेरा कॉलोनी में दुकानदारों के भारी हंगामे के बाद अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक पहुंचने जा रहा है.
फूटा कारोबारियों का गुस्सा
अरेरा कॉलोनी में आर्य समाज मंदिर के पास जब नगर निगम की टीम सीलिंग करने पहुंची तो कारोबारियों का गुस्सा फूट पड़ा. एक ही इमारत के ग्राउंड और पहले फ्लोर के दुकानदारों ने साफ आरोप लगाया कि निगम की टीम सिर्फ छोटे दुकानदारों को निशाना बना रही है, जबकि आसपास की दूसरी अवैध कमर्शियल दुकानों को छुआ तक नहीं जा रहा है. भारी विरोध और तीखी बहस को देखते हुए निगम अमला उल्टे पैर पीछे हट गया, वहीं मौके पर मौजूद अधिकारी मीडिया के सवालों से बचते नजर आए.
कहां-कहां चला सीलिंग का चाबुक
नगर निगम की इस बड़ी कार्रवाई के तहत शहर के कई इलाकों में हडक़ंप मच गया.
सर्वधर्म (बी सेक्टर): यहां संचालित क्लियर होटल को पूरी तरह बंद कराया गया.
गौतम नगर: सख्त कार्रवाई के डर से होटल संचालक ने खुद ही व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दीं.
खानूगांव: एक बड़ी इमारत में चल रही अवैध गतिविधियों पर ताला जड़ा गया.
रचना नगर: अवैध रूप से चल रहे जूंबा डांस हाउस को सील कर दिया गया.
अरेरा कॉलोनी: यहां 1 दुकान को सील किया गया, जबकि करीब 6 दुकानों को मौके पर बंद कराया गया.
केवल छोटे कारोबारियों पर गाज
कार्रवाई में हो रहे इस पक्षपात को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लडऩे वाले याचिकाकर्ता और रहवासी विवेक त्रिपाठी ने मोर्चा खोल दिया है. याचिकाकर्ता एवं रहवासी विवेक त्रिपाठी के अनुसार नगर निगम सिर्फ दिखावे की कार्रवाई कर रहा है. बड़े और रसूखदारों को साफ छोड़ दिया जा रहा है और केवल छोटे कारोबारियों पर गाज गिराई जा रही है. इस रवैये से जनता में भारी आक्रोश है. हम निगम की इस आधी-अधूरी और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाएंगे. बता दें रहवासी इलाकों में दुकानों पर पड़े तालों के बाद अब पूरे शहर के कमर्शियल संचालकों की धडक़नें तेज हैं. याचिकाकर्ता की सुप्रीम कोर्ट जाने की चेतावनी के बाद देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या सफाई पेश करता है.
