Gold-Silver Prices: सोना और चांदी, जिन्हें अक्सर मुश्किल समय में निवेशकों का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता है, सोमवार 31 अगस्त की सुबह अचानक दबाव में आ गए. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में करीब 2 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली. बाजार में भारी मुनाफावसूली और कमजोर ग्लोबल संकेतों ने कीमती धातुओं की चमक कुछ फीकी कर दी. सुबह के कारोबार में MCX पर अक्टूबर एक्सपायरी वाला सोना 2,600 रुपये से ज्यादा टूटकर करीब 1,53,640 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. इसी तरह सितंबर कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी भी 4,200 रुपये से ज्यादा फिसलकर करीब 2,32,501 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. हालांकि, सवाल ये है कि आखिर सोना-चांदी, जो हाल के दिनों में लगातार रिकॉर्ड स्तरों के आसपास घूम रहे थे, अचानक इतने कमजोर क्यों पड़ गए?
अमेरिकी फेड की सख्ती
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से आई खबर है. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयर केविन वार्श के सख्त रुख ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. जैक्सन होल में आयोजित सालाना बैठक में वार्श ने संकेत दिया कि अगर अमेरिका में महंगाई 2 फीसदी के लक्ष्य तक नहीं आती है, तो फेड को ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार करना पड़ सकता है. इस बयान के बाद बाजार में ये उम्मीद मजबूत हुई कि अमेरिका में ब्याज दरें जल्द घटने के बजाय बढ़ सकती हैं. इसका असर सीधे सोने के दाम पर पड़ा. दरअसल सोना खुद कोई ब्याज नहीं देता. जब बॉन्ड और बैंक जैसे विकल्पों से ज्यादा रिटर्न मिलने की उम्मीद बढ़ती है, तो निवेशक सोने से पैसा निकालकर ब्याज देने वाली संपत्तियों की तरफ जा सकते हैं. यही वजह है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना सोने के लिए आमतौर पर नेगेटिव मानी जाती है.
अमेरिकी बॉन्ड का असर
फेड के सख्त रुख के बाद अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भी तेजी आई. 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड करीब 4.74 फीसदी तक पहुंच गई है. ये लगातार चार कारोबारी सत्रों से बढ़ रही है. वहीं, 30 साल की यील्ड 5.22 फीसदी तक पहुंच गई. बढ़ती बॉन्ड यील्ड ने सोने पर और दबाव बनाया और निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू कर दी. इसके अलावा ग्लोबल मार्केट में भी सोने की हालत कमजोर रही. अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स पिछले दो कारोबारी सत्रों में करीब 4 फीसदी गिरकर 4,476.85 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गया. हालांकि, पूरे अगस्त महीने में ये अभी भी करीब 10 फीसदी ऊपर है.
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अमेरिका-ईरान की टेंशन
सोने की कीमतों के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भी इस समय उल्टा असर डाल रहा है. अमेरिकी सेना की तरफ से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर कार्रवाई के बाद ईरान ने सोमवार सुबह जवाबी हमले किए. इसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई. आमतौर पर भू-राजनीतिक तनाव के समय सोने की मांग बढ़ती है. हालांकि, इस बार कहानी थोड़ी अलग है. महंगे तेल से महंगाई बढ़ने की चिंता पैदा भी बढ़ रही है. इससे अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना और मजबूत हो सकती है. साथ ही डॉलर की मांग भी बढ़ रही है, जो सोने पर दबाव डालती है.
कहां जा सकते हैं दाम?
MCX गोल्ड में फिलहाल 1,55,000 रुपये के आसपास बड़ा सपोर्ट है. इसके नीचे जाने पर कीमत 1,51,000 रुपये तक फिसल सकती है. वहीं, ऊपर की तरफ 1,58,000 रुपये अहम रेजिस्टेंस माना जा रहा है. चांदी में 2,40,000 और 2,37,700 रुपये के लेवल पर सपोर्ट हैं. वहीं, 2,45,000 और 2,48,500 रुपये बड़े रेजिस्टेंस माने जा रहे हैं. यानी फिलहाल सोने-चांदी की चमक पर मुनाफावसूली, मजबूत डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों की चिंता भारी पड़ रही है.
लगातार चौथे दिन गिरावट
सोने की कीमतों में सोमवार को लगातार चौथे गिरावट दर्ज की गई. दिल्ली में सोना 1,500 रुपये टूटकर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना शुक्रवार को 1,62,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. हालांकि, चांदी की कीमत स्थिर रही. चांदी 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बनी रही.
News Source: PTI
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