Shivraj Singh Chouhan: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को मध्य प्रदेश के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के शाहगंज पहुंचे, जहां प्रेम सुंदर फाउंडेशन द्वारा आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में उन्होंने प्रतिभावान विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया. समारोह में शिवराज सिंह चौहान ने 10वीं के टॉपर्स और 12वीं में सभी विषयों के टॉपर्स सहित कुल 30 मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया. सम्मानित होने वालों में एमपी बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड के विद्यार्थी शामिल रहे.
बच्चों की सफलता पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय
मेधावी विद्यार्थियों से संवाद करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज मैं यहां केंद्रीय मंत्री के रूप में नहीं, बल्कि आप सबके मामा के रूप में आया हूं. जहां मेरे बेटे-बेटियां, भांजे-भांजियां होते हैं, उनके बीच रहना मेरे जीवन के सबसे आनंद और खुशी के पलों में से एक होता है. उन्होंने कहा कि बच्चों की सफलता केवल उनका व्यक्तिगत मुकाम नहीं, बल्कि परिवार, समाज और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय होती है. प्रतिभा को सही अवसर और प्रोत्साहन मिले तो यही बच्चे भविष्य में देश और समाज का नाम रोशन करते हैं. इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने अपने स्वर्गीय माता-पिता को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मैं सबसे पहले अपनी माताजी सुंदर देवी और पिताजी प्रेम सिंह जी को प्रणाम करता हूं. उन्हीं के कारण मेरा अस्तित्व है. आज हम जो कुछ भी कर पा रहे हैं, वह उनके आशीर्वाद और दिए गए संस्कारों का ही परिणाम है.
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छात्रों में है अद्भुत क्षमता, प्रतिभा और योग्यता
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बुधनी विधानसभा क्षेत्र के बच्चों में अद्भुत क्षमता, प्रतिभा और योग्यता है. 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करना केवल उनकी उपलब्धि का सम्मान नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और मेहनत की पूरी यात्रा को सम्मान देने जैसा है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज क्षेत्र के जिन बच्चों ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त किया है, उन्हें सम्मानित करने का पुण्य कार्य किया गया है. यह इन बच्चों का सम्मान है, उनके गुरुजनों का सम्मान है और उनके माता-पिता का भी सम्मान है.

दूसरे बच्चों को भी मिलेगी प्रेरणा
उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान समारोहों का उद्देश्य केवल सफल विद्यार्थियों को पुरस्कृत करना नहीं, बल्कि दूसरे बच्चों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है. यह सम्मान बाकी बच्चों के लिए भी प्रोत्साहन है कि अगली बार हम भी मेहनत करें और अच्छे अंक लेकर आएं. हमारे बच्चों में अपार प्रतिभा है, जरूरत केवल उन्हें सही प्रोत्साहन और अवसर देने की है. उन्होंने कहा कि ये हमारे बच्चे हैं, मैं इनका मामा हूं. मेरी यही शुभकामना और आशीर्वाद है कि इनकी जिंदगी बेहतर बने, इनका भविष्य उज्ज्वल बने और ये अपने सपनों को साकार करते हुए नई ऊंचाइयों तक पहुंचें.
मामा मतलब मां का आंचल, पिता का कंधा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनके लिए ‘मामा’ केवल एक संबोधन नहीं, बल्कि बच्चों के प्रति जिम्मेदारी, स्नेह और हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहने का भाव है. उन्होंने कहा कि बच्चों की जिंदगी बेहतर बनाने की कोशिश को ही मैं अपने जीवन की धन्यता मानता हूं. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बेटा-बेटियों मामा तुम्हारे साथ है. मामा मतलब मां का आंचल और पिता का कंधा. दोस्तों जैसा साथी और जरूरत पड़े तो रास्ता दिखाने वाला शिक्षक भी. मामा यानी जो धूप में शीतल छांव बनकर खड़ा हो जाए. मामा यानी बचपन की वो जिद, जिसे बिना किसी शर्त के पूरा करने की कोशिश की जाए.
मामा यानी वो भरोसा कि जब कोई साथ न हो, तब भी एक कंधा हमेशा तुम्हारे साथ खड़ा रहे. मैं इसी को अपने जीवन की धन्यता मानता हूं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाओं और जिम्मेदारियों के साथ-साथ मैं व्यक्तिगत स्तर पर भी बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए लगातार कुछ नया करने का प्रयास करता हूं. इसी सोच के साथ इस वर्ष से मेधावी विद्यार्थी सम्मान कार्यक्रम की शुरुआत की गई है, ताकि बच्चों को प्रोत्साहन मिले और उनके भीतर आगे बढ़ने का उत्साह पैदा हो.
हर बच्चे में आगे बढ़ने की क्षमता
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संसदीय क्षेत्र में इस पहल के तहत 30 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया है. उन्होंने कहा कि सम्मान से वंचित रहने वाले बच्चे निराश न हों, क्योंकि हर बच्चे के भीतर आगे बढ़ने की क्षमता मौजूद है. उन्होंने कहा कि जिनको आज लैपटॉप नहीं मिल रहा, वो चिंता मत करना. आज नहीं मिला तो कल हम लेंगे. तुममें से हर एक में क्षमता है, कोई कमजोर नहीं है. भगवान ने बुद्धि किसी को कम नहीं दी है. यह केवल भ्रम है कि कोई बहुत तेज है और मैं कमजोर हूं. कोई कमजोर नहीं है.
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अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैंने भी सरकारी स्कूल और सरकारी कॉलेज में पढ़ाई की है. मैं भी जैत में पढ़ा, उसके बाद भोपाल में भी सरकारी स्कूल में पढ़ा. पढ़ाई सरकारी स्कूल और सरकारी कॉलेज में ही की, लेकिन जब जैत से भोपाल गया तो पूरे आत्मविश्वास के साथ गया. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परिस्थितियों या संसाधनों को अपनी सफलता के रास्ते की बाधा न बनने दें. आत्मविश्वास, मेहनत और निरंतर प्रयास के साथ हर बच्चा अपनी मंजिल हासिल कर सकता है.

AI, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स तय कर रहे हैं भविष्य की नई दिशा
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बुधनी में विशाल मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार है. ये मेडिकल कॉलेज क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं और भविष्य की जरूरतों को नई दिशा देगा. करीब 750 बिस्तरों की क्षमता वाले इस मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज की सुविधा भी विकसित की गई है. अब सरकार से शिक्षकों, प्रोफेसरों की जल्द भर्ती और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था को लेकर बातचीत की जा रही है, ताकि संस्थान शीघ्र शुरू हो सके. उन्होंने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स जैसे विषय तेजी से भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं. मेरी कोशिश है कि इन नए विषयों की पढ़ाई हमारे अपने क्षेत्र में शुरू हो, ताकि हमारे बच्चों को बाहर भटकना न पड़े और वे यहीं पढ़-लिखकर भविष्य की नई तकनीकों में आगे बढ़ सकें.
जल्द शुरू होगा मेडिकल कॉलेज
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जहां तक संभव होता है, मैं इलाज के मामले में कोई कसर नहीं छोड़ता. अगर सरकारी स्तर पर व्यवस्था नहीं बन पाती, तो निजी स्तर पर भी मदद के लिए पैसे इकट्ठा कराने की कोशिश करता हूं, ताकि कोई व्यक्ति इलाज के अभाव में न रहे. उन्होंने विश्वास जताया कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी अनेक समस्याओं का समाधान होगा. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लोगों की जिंदगी बचाने से बड़ा आखिर क्या काम हो सकता है? मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद मुझे लगता है कि हमारे क्षेत्र की कई बड़ी समस्याएं हल हो जाएंगी.
आत्मविश्वास रखो, लक्ष्य तय करो और रोडमैप बनाकर मेहनत करो
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आत्मविश्वास से भरे रहो. मन में कॉन्फिडेंस होना चाहिए. टारगेट तय करो और उस तक पहुंचने का रोडमैप बनाओ. फिर मेहनत और ईमानदारी से उस रास्ते पर चलते रहो, सफलता तुम्हें जरूर मिलेगी. उन्होंने कहा कि मामा तुम्हारा सबसे पक्का साथी है. चिंता मत करना. जब तक जिऊंगा, तुम्हारे साथ खड़ा रहूंगा. मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप मिलने पर बधाई देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज इन बच्चों को बहुत-बहुत बधाई. इस लैपटॉप का उपयोग पढ़ाई के लिए करना. इसमें कोशिश की गई है कि पढ़ाई के लिए जरूरी और उपयोगी फीचर्स ही रहें. दूसरी चीजें कई बार ध्यान भटका देती हैं, इसलिए इसका भी ध्यान रखना. उन्होंने कहा कि हर साल प्रेम सुंदर फाउंडेशन की तरफ से ये लैपटॉप दिए जाएंगे, ताकि हमारे बच्चों को पढ़ाई में प्रोत्साहन मिले और वे आगे बढ़ते रहें. साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि क्षेत्र में इस वर्ष भी खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा. पढ़ना भी है और खेलना भी है. पढ़ाई के साथ खेल भी जरूरी है.
छात्राओं के लिए स्कॉलरशिप हेल्प डेस्क
केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोई काम कठिन नहीं है, अगर हम यही सोचते रहें कि हम क्या कर सकते हैं, मैं तो कमजोर हूं, मैं कुछ बन नहीं सकता, लेकिन यह ठान लो कि असंभव कुछ नहीं है, मैं करके दिखाऊंगा तो तुम करके दिखा सकते हो. उन्होंने कहा कि पढ़ाई के रास्ते में आने वाली छोटी-बड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे. 12वीं के बाद करियर को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 12वीं के बाद बच्चों के सामने अक्सर यह सवाल होता है कि कौन सा कोर्स करें और किस क्षेत्र में करियर बनाएं. इसके लिए क्षेत्र में कैरियर काउंसलिंग की व्यवस्था शुरू करने का विचार है, ताकि बच्चों को ढंग से सलाह दी जा सके, इसकी भी शुरुआत करेंगे.

प्रतिभावान बच्चों को हर संभव मदद
केंद्रीय मंत्री ने कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति को लेकर भी अहम घोषणा की. उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई पूरी कर पहली बार कॉलेज के प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाली छात्राओं की मदद के लिए हेल्प डेस्क शुरू की जाएगी. उन्होंने बताया कि हेल्प डेस्क पर कंप्यूटर और लैपटॉप की व्यवस्था रहेगी, जहां विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए आवेदन भरने में मदद की जाएगी. हम स्कॉलरशिप के लिए आपसे आवेदन भरवाएंगे. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पढ़ाई में फीस, किताबों, आवागमन और अन्य छोटी-बड़ी जरूरतों के कारण किसी प्रतिभावान बच्चे की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.
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