Hirakud Dam: ओडिशा में भारी बारिश की वजह से हीराकुंड बांध के 14 गेट खोल दिए गए. गेट खुलने से महानदी का जलस्तर बढ़ गया, जिससे राज्य के 30 में से 20 ज़िलों में सात लाख लोग प्रभावित हुए. महानदी का जलस्तर बढ़ने से उसकी कई सहायक नदियों में भी पानी का स्तर बढ़ गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई. बाढ़ की स्थिति का जायज़ा लेने वाले राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी इलाकों से भारी पानी आने के कारण हीराकुंड बांध के 14 गेट खोल दिए गए हैं और दो लाख क्यूसेक से ज़्यादा पानी छोड़ा जा रहा है. इसके पहले सिर्फ़ दो गेट खुले थे.
कटक, पुरी, खुर्दा और जगतसिंहपुर के कई इलाके जलमग्न
शुक्रवार सुबह तक जलाशय में पानी का स्तर 623.52 फ़ीट था, जबकि इसकी पूरी क्षमता 630 फ़ीट है. बांध में हर सेकंड लगभग 3,69,322 क्यूसेक पानी आ रहा था, जबकि लगभग 65,543 क्यूसेक पानी नीचे की ओर छोड़ा जा रहा था. मंत्री ने कहा कि यह बड़ी राहत की बात है कि पिछले 24 घंटों से राज्य में और ऊपरी इलाकों में कहीं भी बारिश नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि कटक, पुरी, खुर्दा और जगतसिंहपुर ज़िलों के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं. उन्होंने बताया कि राज्य के उत्तरी और तटीय इलाकों में 520 राहत केंद्र चल रहे हैं, जहां लगभग 2 लाख लोगों के लिए व्यवस्था की गई है. साथ ही, अब तक लगभग 1.90 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
20 जिलों में सात लाख से ज्यादा प्रभावित
विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने कहा कि हालिया बाढ़ से राज्य के 30 में से 20 ज़िलों में सात लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं. उन्होंने बताया कि विभिन्न ज़िलों में NDRF, ODRAF और अग्निशमन सेवाओं की 136 बचाव टीमें तैनात की गई हैं.उन्होंने कहा कि महानदी का जलस्तर बढ़ने से उसकी सहायक नदियों लूना, करंडिया, चित्रोत्पला, पाइका, सालिया, देवी, कंडाला, कुआखाई, कुशाभद्रा, दया और भार्गवी में भी जलस्तर बढ़ गया है. उन्होंने बताया कि बाढ़ से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है.
सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित 20 ज़िलों में सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और बैराज व तटबंधों तक आम लोगों की पहुंच पर रोक लगा दी गई है. कटक जिले में धबलेश्वर शिव मंदिर में श्रद्धालुओं के जाने पर 48 घंटे के लिए रोक लगा दी गई है. जल संसाधन विभाग के अनुसार, बैतरणी, ब्राह्मणी, जलका और बुढ़ाबलंगा नदियों का जलस्तर कम हो गया है, लेकिन तटबंधों में नई दरारों के कारण नए इलाके जलमग्न हो गए हैं.
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News Source: PTI
