Home Latest News & Updates पंचकूला क्लब फायरिंग: अमेरिका में बैठे आकाओं के इशारे पर नशा-हथियार पहुंचाते थे आरोपी, 7 गिरफ्तार

पंचकूला क्लब फायरिंग: अमेरिका में बैठे आकाओं के इशारे पर नशा-हथियार पहुंचाते थे आरोपी, 7 गिरफ्तार

by Ravi Kaliraman 22 September 2026, 5:42 PM IST
22 September 2026, 5:42 PM IST
पंचकूला क्लब फायरिंग के पीछे बड़ा नेटवर्क: अमेरिका में बैठे आकाओं के इशारे पर नशा-हथियार पहुंचाते थे आरोपी, 7 गिरफ्तार

Panchkula Club Firing: पंचकूला के सेक्टर-11 स्थित अलिफ लैला क्लब में 13 सितंबर की अलसुबह हुई फायरिंग महज आपसी विवाद का मामला नहीं थी. फायरिंग की जांच आगे बढ़ी तो हरियाणा एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) के सामने एक इंटरनेशनल नार्को-टेरर नेटवर्क की कड़ियां सामने आईं. पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के कुछ हैंडलर अमेरिका में बैठे हैं और उनके इशारे पर स्थानीय आरोपी नशीले पदार्थ, हथियार और ड्रग्स मनी को तय ठिकानों तक पहुंचाते थे. मामले में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 529 ग्राम चिट्टा हेरोइन, एक यूएस निर्मित पिस्टल, एक 30 बोर पिस्टल, 12 जिंदा राउंड, एक्सयूवी और स्कॉर्पियो गाड़ियां, एक मोटरसाइकिल, 3 कैश काउंटिंग मशीन और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं.

क्लब में शराब के दौरान विवाद, फिर निकली पिस्तौल

ATS के एसपी वरुण सिंगला ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 13 सितंबर की अलसुबह सेक्टर-11 के अलिफ लैला क्लब में फायरिंग हुई थी. पुलिस मौके पर पहुंची तो एक युवती गोली लगने से घायल मिली. उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. जांच में पता चला कि पांच युवक दो अलग-अलग गाड़ियों में क्लब पहुंचे थे. क्लब में शराब पीने के दौरान किसी बात को लेकर उनके बीच विवाद हुआ. इसी दौरान एक आरोपी ने गाड़ी से पिस्तौल निकाली और दो राउंड फायर कर दिए. फायरिंग में एक युवती घायल हो गई. शुरुआत में मामला क्लब में हुए विवाद और फायरिंग तक सीमित नजर आ रहा था, लेकिन आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद इसकी कड़ियां एक बड़े नेटवर्क से जुड़ती चली गईं.

मौके से पकड़े 3 आरोपी, फिर खुलती गईं नेटवर्क की कड़ियां

फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद एक आरोपी को एसएएस नगर और तीन आरोपियों को लुधियाना से गिरफ्तार किया गया. जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया. पुलिस के अनुसार, इसी जांच में हथियार और नशे की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले. इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच हरियाणा ATS को सौंप दी गई.

अमेरिका में बैठे हैंडलर देते थे पैसा, गाड़ी और ठिकाना

ATS की प्रारंभिक जांच के मुताबिक, नेटवर्क के कुछ हैंडलर विदेश में, विशेष रूप से अमेरिका में बैठे बताए जा रहे हैं. ये हैंडलर स्थानीय लोगों को रहने की जगह, वाहन और पैसे उपलब्ध करवाते थे. पुलिस के अनुसार, स्थानीय आरोपी हैंडलर द्वारा बताई गई लोकेशन तक हथियार, नशीले पदार्थ और ड्रग मनी पहुंचाने का काम करते थे यानी विदेश में बैठे हैंडलर कथित तौर पर नेटवर्क को निर्देश देते थे और स्थानीय स्तर पर आरोपी उनके निर्देशों को अंजाम देते थे.

ड्रोन से आती थी नशे और हथियारों की खेप

जांच में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क सीमा पार से ड्रोन के जरिए पहुंचने वाली नशीले पदार्थों और हथियारों की खेप को आगे निर्धारित ठिकानों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय हैंडलरों का इस्तेमाल करता था. इसके लिए आरोपियों को वाहन और धनराशि उपलब्ध कराई जाती थी. ATS अब यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रोन के जरिए आने वाली खेप कहां से आती थी, उसे कौन रिसीव करता था और इसके बाद उसे किन-किन लोगों तक पहुंचाया जाता था.

मोटरसाइकिल में छिपाकर रखा था हेरोइन

ATS ने लुधियाना से गिरफ्तार किए गए आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की. उसकी निशानदेही पर एक सुनसान जगह पर मोटरसाइकिल में छिपाकर रखी गई 529 ग्राम चिट्टा हेरोइन बरामद की गई. इसके अलावा आरोपी के ठिकाने से 30 बोर की पिस्टल और 3 जिंदा राउंड भी मिले. एक कैश काउंटिंग मशीन भी बरामद की गई. पुलिस ने लुधियाना में दबिश देकर स्कॉर्पियो गाड़ी और एक अन्य कैश काउंटिंग मशीन सहित कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए.

ATS खंगाल रही पूरा नेटवर्क

ATS अब पूरे नेटवर्क की सप्लाई चेन और फाइनेंशियल ट्रेल खंगाल रही है. जांच में हथियार और नशीले पदार्थों के स्रोत, ड्रग मनी की आवाजाही और विदेश में बैठे कथित हैंडलरों से आरोपियों के संपर्क की पड़ताल की जा रही है. सभी आरोपियों के मोबाइल फोन पुलिस ने कब्जे में ले लिए हैं. इनके जरिए कॉल, चैट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है. पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं. ATS के अनुसार, जांच अभी जारी है.

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