Rani Mukerji Mother: बॉलीवुड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी का मंगलवार, 22 सितंबर को 75 साल की उम्र में निधन हो गया. परिवार ने एक बयान जारी करके इस दुखद खबर के बारे में जानकारी दी. मां के निधन की खबर के साथ ही रानी और कृष्णा से जुड़ी कई पुरानी यादें भी ताज़ा हो गईं. इनमें सबसे दिलचस्प किस्सा वो है, जब रानी की मां ने बेटी का पहला स्क्रीन टेस्ट देखने के बाद फिल्म के प्रोड्यूसर को ही चेतावनी दे दी थी. रानी मुखर्जी ने 2025 में एक इंटरव्यू में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत से जुड़ा मजेदार किस्सा शेयर किया था. उनकी पहली फिल्म थी ‘राजा की आएगी बारात’, जो 1996 में रिलीज हुई थी.
पहली फिल्म से जुड़ा किस्सा
रानी ने बताया था कि उनकी मां ने उन्हें एक्टिंग में आने के लिए शुरुआत में प्रोत्साहित जरूर किया था, लेकिन उन्होंने मेरा पहला स्क्रीन टेस्ट देखा तो परफॉर्मेंस बिल्कुल पसंद नहीं आई. मां ने अपनी बेटी की तारीफ करने के बजाय फिल्म के प्रोड्यूसर सलीम अंकल को ही साफ-साफ कह दिया कि अगर उन्होंने रानी को फिल्म में लिया तो उन्हें नुकसान हो सकता है. रानी ने बताया कि, उनकी मां ने कहा था, ‘मुझे लगता है कि मेरी बेटी को लेने से आपकी फिल्म खराब हो जाएगी. आपको नुकसान होगा. बेहतर है कि आप इसे साइन न करें.’ यानी जहां आमतौर पर माता-पिता अपने बच्चे की पहली कोशिश पर हौसला बढ़ाते हैं, वहीं कृष्णा मुखर्जी ने बेटी को लेकर बिल्कुल ईमानदार राय रखी. उन्हें साफ नजर आ रहा था कि रानी को अभी काफी कुछ सीखना है.
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रानी का शानदार सफर
मां की इस चिंता के बावजूद रानी ने हार नहीं मानी. ‘राजा की आएगी बारात’ से बॉलीवुड में कदम रखने के बाद उन्होंने जल्द ही अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी. इसके बाद वो आमिर खान के साथ फिल्म ‘गुलाम’ में नजर आईं. लेकिन उनके करियर को सबसे बड़ा मोड़ मिला करण जौहर की फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ की रिलीज के बाद. फिल्म में रानी के साथ शाहरुख खान और काजोल थे. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट हुई. फिल्म की कहानी, गाने, फैशन और डायलॉग पॉप कल्चर का हिस्सा बन गए. इसके बाद रानी मुखर्जी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. ‘हम तुम’, ‘साथिया’, ‘ब्लैक’, ‘बंटी और बबली’, ‘मर्दानी’, ‘चलते चलते’, ‘वीर जारा’, जैसी फिल्मों ने उनके काम को अलग पहचान दिलाई.
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी थीं मां भी
रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी खुद भी फिल्म और म्यूज़िक की दुनिया से जुड़ी हुई थीं. वो एक प्लेबैक सिंगर थीं और बंगाली फिल्म इंडस्ट्री से भी उनका रिश्ता था. उन्हें 1982 की फिल्म ‘तीसरी आंख’ के गाने ‘ईद के दिन गले मिल ले राजा’ के लिए भी जाना जाता है. रानी के पिता राम मुखर्जी भी फिल्ममेकर थे. यानी रानी का पूरा परिवार फिल्मी दुनिया से जुड़ा हुआ था. हालांकि, उनके माता-पिता हमेशा बेटी के एक्टिंग करियर को लेकर एक जैसी राय नहीं रखते थे. दरअसल, रानी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता राम मुखर्जी भी शुरुआत में उनके एक्टिंग करने के पक्ष में नहीं थे. उस समय फिल्म परिवारों के बच्चों का एक्टिंग में आना आज जितना नॉर्मल नहीं था, खासकर लड़कियों के लिए. सालों पहले फिल्म इंडस्ट्री को करियर की तरह देखना आसान या गर्व की बात नहीं थी. लेकिन समय के साथ उन्होंने अपनी मेहनत से इंडस्ट्री में जगह बना ही ली. वहीं, मंगलवार दोपहर परिवार ने कृष्णा मुखर्जी के निधन की जानकारी दी. परिवार की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि, इस मुश्किल समय में लोगों के प्यार, प्रार्थनाओं और समर्थन के लिए हम आभारी है. साथ ही परिवार ने निजता का सम्मान करने की अपील की.
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