Stock Market Closing: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को सुबह की तेज शुरुआत ज्यादा देर टिक नहीं पाई. कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी ने बढ़त बनाई. हालांकि, ऊपरी लेवल पर पहुंचते ही निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी. खासकर IT शेयरों में जोरदार बिकवाली ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया. इसके बाद दोनों इंडेक्स लगातार दबाव में रहे. यानी दिन का कारोबार लाल निशान में खत्म किया. सेंसेक्स आखिरकार 329.91 अंक यानी 0.44 प्रतिशत गिरकर 74,529.08 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 85.30 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,329 पर पहुंच गया. इसके साथ ही निफ्टी की लगातार चार ट्रेडिंग सेशन से जारी तेजी पर भी ब्रेक लग गया.
सुबह दिखाई थी दमदार तेजी
मंगलवार को कारोबार की शुरुआत काफी अच्छी रही थी. सेंसेक्स 179.94 अंक यानी 0.24 प्रतिशत चढ़कर 75,038.93 के लेवल तक पहुंच गया था. निफ्टी भी 74.7 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,489 पर पहुंच गया. लेकिन 23,450 के आसपास निफ्टी में मजबूत बिकवाली आई. देखते ही देखते सुबह की पूरी बढ़त गायब हो गई और बाजार लाल निशान में चला गया. सोमवार को भी बाजार ने शानदार प्रदर्शन किया था. सेंसेक्स 564.03 अंक चढ़कर 74,858.99 पर बंद हुआ था. वहीं, निफ्टी 67.90 अंक की बढ़त के साथ 23,414.30 पर पहुंचा था.
IT शेयरों की पिटाई
मंगलवार की गिरावट में सबसे बड़ा दबाव IT सेक्टर से आया. निफ्टी IT इंडेक्स करीब 1.5 प्रतिशत टूट गया. CLSA और गोल्डमैन साच्स ने IT कंपनियों की मांग को लेकर चिंता जताई है, जिसका असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ा. इसके अलावा मिडिल ईस्ट तनाव, ऊंची ब्याज दरें और महंगाई जैसे कारण भी कंपनियों की कमाई पर दबाव डाल सकते हैं. LTM और HCL टेक्नोलॉजीज़ जैसे शेयरों में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली. निफ्टी IT इंडेक्स में ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज़ सॉफ़्टवेयर को छोड़कर लगभग सभी शेयर लाल निशान में रहे. ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज़ सॉफ़्टवेयर में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई. इससे एक दिन पहले कंपनी का शेयर 8 फीसदी से ज्यादा गिरा था.
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कच्चा तेल बना चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल करीब 0.8 फीसदी बढ़कर 101.1 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इससे पहले लगातार चार कारोबारी सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई थी. वैसे भी, भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. इसलिए तेल महंगा होने पर देश का आयात बिल बढ़ सकता है. इसका असर कंपनियों की लागत और मुनाफे पर भी पड़ सकता है. यही वजह है कि कच्चे तेल की तेजी भारतीय शेयर बाजार के लिए अच्छी खबर नहीं मानी जाती.
FII बिकवाली और प्रोफिट बुकिंग
विदेशी संस्थागत निवेशक यानी FII भी बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. सोमवार को FIIs ने 576.20 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची थी. इसके साथ ही लगातार चार दिनों की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया. यानी जिन शेयरों को कम कीमत पर खरीदा गया था, उनमें कुछ निवेशकों ने फायदा लेकर अपनी पोजीशन हल्की कर दी. हालांकि, सभी सेक्टरों में गिरावट नहीं रही. मेटल और रिएलिटी सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर कमजोर रहे. निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.13 फीसदी की गिरावट रही. वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 करीब 0.10 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ लगभग सपाट रहा. कोल इंडिया बाजार की कमजोरी के बीच चमका और 2 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा.
अब 23,300 और 23,200 पर नजर
तकनीकी नजरिए से निफ्टी के लिए 23,300 का लेवल को फिलहाल एक सपोर्ट माना जा रहा है. इसके बाद 23,200 बड़ा सपोर्ट है. अगर इंडेक्स इन लेवल्स के ऊपर टिकता है तो रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है. वहीं 23,450 के ऊपर मजबूती मिलने पर निफ्टी 23,500 से 23,600 की तरफ बढ़ने की कोशिश कर सकता है. लेकिन इस जोन में दोबारा बिकवाली का दबाव आ सकता है.
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