Home Top News राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: SIT को जांच के लिए मिले और 15 दिन, अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार

राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला: SIT को जांच के लिए मिले और 15 दिन, अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार

by Amit Dubey 1 July 2026, 5:09 PM IST (Updated 1 July 2026, 5:10 PM IST)
1 July 2026, 5:09 PM IST (Updated 1 July 2026, 5:10 PM IST)
Ram Mandir Donation Case

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में गबन और हेरा फेरी का मामला काफी तूल पकड़ चुका है. इस मामले की जांच में गठित एसआईटी को लेकर एक खास खबर आई है. जानकारी के अनुसार, ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट के निवेदन पर राज्य सरकार ने बीते महीने एसआईटी का गठन किया था.

तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, “ट्रस्ट के अनुरोध पर हमने एसआईटी जांच का आदेश दिया है. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इस जांच से पूर्ण सत्य सामने आएगा. इसमें कोई संदेह नहीं है.” सीएम ने अयोध्या में अपने एक भाषण में कहा था, “भगवान राम के पवित्र स्थल को पुनः प्राप्त करने के लिए हमारे पूर्वजों को 500 वर्षों का संघर्ष करना पड़ा. आइए हम केवल 15 दिन और प्रतीक्षा करें.”

अब इस 15 दिन की सीमा को और 15 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है. इसके कारण कई हैं, जिनमें मामले में कई सारे खुलासे, एसआईटी के द्वारा सरकार से जांच के लिए और अधिक समय मांगने की बातें शामिल थीं. आइए जानते हैं पूरी खबर.

15 जुलाई तक रिपोर्ट सौंपने की समय सीमा

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, आज बुधवार को अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या के राम मंदिर में चंदे के गबन के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को 15 दिन का और समय दिया है. उन्होंने बताया कि मामले की गहन जांच करने और जांच के दायरे को व्यापक बनाने के लिए एसआईटी के द्वारा जांच के समय को बढ़ा दिया गया है.

एसआईटी की जांच के लिए 15 दिनों का और समय बढ़ाने को लेकर जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में चंदा मामले की जांच कर रही एसआईटी को रिपोर्ट सौंपने की समय सीमा 15 जुलाई तक बढ़ा दी है. एसआईटी ने मामले के विभिन्न पहलुओं की व्यापक जांच के लिए मुख्यमंत्री से अतिरिक्त समय मांगा था.” इसमें आगे कहा गया, ” अनुरोध स्वीकार करते हुए, उन्होंने एसआईटी को 15 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.”

मामले में अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार

मालूम हो कि राम मंदिर चढ़ावा मामले में आरोपों की जांच के लिए 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था. शुरू में उसे आरोपों की जांच के लिए 15 दिन का समय दिया गया था. 23 जून को प्रारंभिक एसआईटी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद, 25 जून को एक प्राथमिकी दर्ज की गई और आठ आरोपियों – अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ ​​टीनू यादव को गिरफ्तार किया गया.

इस एसआईटी टीम में विजय विश्वास पंत, आईएएस, संभागीय आयुक्त, लखनऊ; किरण एस, आईपीएस, पुलिस महानिरीक्षक; और नील रतन, विशेष सचिव, वित्त विभाग शामिल हैं.

अखिलेश यादव ने उठाया था मामला

बता दें कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा गबन से जुड़े इस मामले को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उठाया था. बीते 7 जून उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा था, “समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है.”

उसके बाद अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मीडिया को बताया था कि राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर जो भी आरोप लगे हैं, उनके संबंध में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं. मामले की जांच जारी है. जांच पूरी होने के बाद संबंधित तथ्यों और जानकारियों को सार्वजनिक किया जाएगा. उसके बाद यह मामला इतना बड़ा हो गया कि प्रदेश की योगी सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया.

क्या राम मंदिर चंदा चोरी विवाद की आंच RSS तक पहुंची? जल्द होगी वार्षिक प्रांत प्रचारक बैठक में चर्चा

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?