Home Top News राम मंदिर ट्रस्ट सेक्रेटरी चंपत राय ने वित्तीय डिटेल्स देने से किया इनकार, PMO ने मांगा था हिसाब

राम मंदिर ट्रस्ट सेक्रेटरी चंपत राय ने वित्तीय डिटेल्स देने से किया इनकार, PMO ने मांगा था हिसाब

by Neha Singh 25 June 2026, 11:59 AM IST (Updated 25 June 2026, 12:00 PM IST)
25 June 2026, 11:59 AM IST (Updated 25 June 2026, 12:00 PM IST)
Ayodhya Ram temple donation case

Ram Mandir Donation Row: अयोध्या के राम मंदिर में कथित ‘दान और चढ़ावा चोरी’ के मामले ने राजनीतिक गलियारों में शोर मचा दिया है. अब एक नई जानकारी सामने आई है. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सेक्रेटरी चंपत राय ने प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO) को ट्रस्ट की इनकम, खर्च, डोनेशन, बैंक अकाउंट, जमीन के लेन-देन और एसेट्स के बारे में डिटेल्स देने से मना कर दिया. अधिकारियों ने बताया PMO ने BJP नेता रजनीश सिंह द्वारा की गई शिकायत के बाद अयोध्या जिला प्रशासन को कार्यवाई का आदेश दिया था. लेकिन ट्रंस्ट ने मंदिर की वित्तीय जानकारी देने से मना कर दिया.

SIT जांच का हवाला

एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (लॉ एंड ऑर्डर) इंद्रकांत द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने शिकायत में मांगी गई जानकारी मांगने के लिए राय से कॉन्टैक्ट किया था. लेकिन राय ने जानाकारी देने से इनकार कर दिया. चंपत राय ने अयोध्या प्रशासन को कहा कि मंदिर के चढ़ावे और चंदे में कथित गड़बड़ियों को लेकर पहले ही एक SIT जांच कर रही है और सभी वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही है. ट्रस्ट ने कहा कि जब तक यह आधिकारिक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वे संवेदनशील रिकॉर्डस को सावर्जनिक नहीं कर सकते.

सारी जानकारी साझा करने की मांग

12 जून को बीजेपी नेता रजनीश सिंह ने PMO में एक शिकायत दी, जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को निर्देश देने की मांग की गई कि वह अपनी शुरुआत से लेकर अब तक के फंड, डोनेशन, सोने, चांदी और गहनों के रूप में योगदान, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन, जमीन की खरीद और बिक्री, मंदिर बनाने और एडमिनिस्ट्रेशन पर खर्च और ऑडिट रिपोर्ट की पूरी डिटेल्स सार्वजनिक करें. PMO ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एक रेफरेंस नंबर जारी किया और जरूरी कार्रवाई के लिए इसे अयोध्या जिला प्रशासन को भेज दिया.

15 दिनों में आएगी फाइनल रिपोर्ट

अपनी रिप्रेजेंटेशन में, सिंह ने कहा कि भारत और विदेश में करोड़ों भक्तों ने राम मंदिर बनाने में योगदान दिया था और इसलिए उन्हें यह जानने का नैतिक और लोकतांत्रिक अधिकार है कि डोनेशन और चढ़ावे का इस्तेमाल कैसे किया गया. विपक्ष चंदा चोरी मामले को लेकर योगी सरकार पर हमला कर रहा है. अखिलेश यादव के आरोपों और सोशल मीडिया पर वीडियोज वायरल होने के बाद जांच के लिए SIT गठित की गई. वहीं सीएम योगी ने 13 जून को कहा है कि 15 दिनों के अंदर दोषियों को सजा दी जाएगी. अब तक की जांच में SIT ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट गृह सचिव को सौंप दी है.

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News Source: PTI

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