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नेपाल की सियासत में बड़ा उलटफेर: 8 दलों ने बनाया ‘प्रोग्रेसिव फ्रंट’, सरकार को देंगे चुनौती

by Sanjay Kumar Srivastava 9 August 2026, 3:13 PM IST (Updated 9 August 2026, 3:15 PM IST)
9 August 2026, 3:13 PM IST (Updated 9 August 2026, 3:15 PM IST)
नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर: 8 दलों ने मिलकर बनाया 'प्रोग्रेसिव फ्रंट', जाति-धर्म से परे भेदभाव मुक्त समाज का लक्ष्य

Nepal Politics: नेपाल की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. काठमांडू में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में आठ राजनीतिक दलों ने मिलकर ‘प्रोग्रेसिव फ्रंट’ (प्रगतिशील मोर्चा) नामक एक नए गठबंधन के गठन का ऐलान किया है. इस गठबंधन में मुख्य रूप से मधेस आधारित जनता समाजवादी पार्टी (JSP) और जनमत पार्टी (JP) के साथ-साथ आम जनता पार्टी (AJP) और नागरिक उन्मुक्ति पार्टी (NUPN) शामिल हैं. यह सियासी फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब देश के मधेस क्षेत्र और छोटी पार्टियां अपनी राजनीतिक ताकत और साख बचाने के लिए तालमेल की कोशिश कर रही हैं.

कॉमन एजेंडे पर काम करेगा गठबंधन

फ्रंट की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह गठबंधन साझा राजनीतिक मुद्दों और कॉमन एजेंडा के आधार पर काम करेगा. जानकारों का मानना है कि संसद और राज्य विधानसभाओं में अपनी सामूहिक ताकत बढ़ाकर यह नया गठबंधन देश की मुख्यधारा की बड़ी पार्टियों (जैसे कम्युनिस्ट और नेपाली कांग्रेस) के प्रभुत्व को कड़ी चुनौती दे सकता है. गठबंधन में जनता समाजवादी पार्टी (JSP), जनमत पार्टी (JP), आम जनता पार्टी (AJP), नागरिक उन्मुक्ति पार्टी नेपाल (NUPN), प्रगतिशील लोकतांत्रिक पार्टी (PLP), नेपाल संघीय समाजवादी पार्टी (NSSP), बहुजन समाजवादी पार्टी नेपाल (BSPN) और खम्बुवान राष्ट्रीय मोर्चा (KRM) शामिल हैं.

आबादी के आधार पर प्रतिनिधित्व की मांग

बयान में कहा गया है कि इस फ्रंट का मकसद लोगों की जाति, धर्म और वर्ग से परे हर तरह के भेदभाव और असमानताओं को खत्म करके एक न्यायपूर्ण, समावेशी और भेदभाव मुक्त एकजुट समाज बनाने की दिशा में काम करना है. बयान में कहा गया कि फ्रंट का मकसद संघीय, लोकतांत्रिक, गणतांत्रिक शासन प्रणाली और समावेशी लोकतांत्रिक व्यवस्था को व्यावहारिक रूप से संस्थागत बनाना और विकसित करना भी है. यह गठबंधन संसद (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और नेशनल असेंबली दोनों) और प्रांतीय विधानसभाओं में आबादी के आधार पर समान और आनुपातिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की भी कोशिश कर रहा है.

सियासत में हलचल पैदा करेगा नया मोर्चा

इस संगठन का कहना है कि इसका मकसद मधेसियों, अलग-अलग जातीय समूहों, दलितों, महिलाओं, थारू समुदाय, मुसलमानों, पिछड़े वर्गों और यौन अल्पसंख्यकों के खिलाफ हर तरह के शोषण, असमानता और भेदभाव को खत्म करना है. जानकारों का मानना ​​है कि संघीय संसद में प्रतिनिधित्व न होने के बावजूद इस नए गठबंधन का नेपाल की राजनीति पर असर पड़ सकता है. संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने वालों में JSP से उपेंद्र यादव, जनमत पार्टी से CK राउत, AJP से प्रभु साह, NUPN से रेशम चौधरी, PLP से संतोष परियार, NSSP से रिजवान अंसारी, BSPN से हरिनानंद के. रंजन और KRM से राम कुमार राय शामिल हैं. यह गठबंधन नेपाल के कोशी और मधेस प्रांतों में सांप्रदायिक झड़पों के कुछ दिनों बाद बना है.

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News Source: PTI

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