Gujarat News : गुजरात के मोरबी में किसानों के विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच किसान नेता और भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है. मोरबी में आयोजित किसान महासभा में राकेश टिकैत ने कहा कि यदि आंदोलन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज किया गया, तो इसका असर केवल मोरबी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में भी आंदोलन खड़ा किया जाएगा. मोरबी में बिजली लाइन के मुआवजे समेत किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन चल रहा है. किसान अपनी मांगों को लेकर धरना और प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी बीच राकेश टिकैत की मौजूदगी में आयोजित किसान महासभा में बड़ी संख्या में किसान जुटे. महासभा के दौरान टिकैत ने किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की बात कही.
देशभर में आंदोलन की दी चेतावनी
किसान महासभा को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि अगर मोरबी में किसानों पर लाठीचार्ज किया गया, तो किसान संगठन इसका जवाब देशभर में आंदोलन के जरिए देंगे. टिकैत ने कहा कि जिस दिन मोरबी में किसानों पर लाठी चलेगी, उसी दिन मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में भी आंदोलन शुरू किया जाएगा. राकेश टिकैत ने अपने संबोधन में स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि किसानों के आंदोलन को किसी एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश के किसी भी हिस्से में किसानों के साथ होने वाली कार्रवाई का असर दूसरे राज्यों में भी दिखाई देगा.
किसान कर रहे अलग-अलग राज्यों में आंदोलन
राकेश टिकैत ने अपने संबोधन के दौरान केंद्र सरकार की ओर से चर्चा में रहे ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यदि देश में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की बात हो सकती है तो किसानों का आंदोलन भी ‘वन नेशन, वन आंदोलन’ हो सकता है. टिकैत ने कहा कि किसान देश के अलग-अलग राज्यों में अपने अधिकारों और मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. ऐसे में किसी एक जगह किसान आंदोलन पर कार्रवाई होती है तो उसका विरोध दूसरे राज्यों के किसान भी करेंगे. उन्होंने किसानों को एकजुट रहने का आह्वान किया और कहा कि आंदोलन को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का सामूहिक रूप से विरोध किया जाएगा.
MP से होगा किसान आंदोलन का शंखनाद, 24 फरवरी को भोपाल आएंगे Rahul Gandhi और खरगे
मुआवजे समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन
मोरबी में किसानों का आंदोलन बिजली लाइन के मुआवजे समेत विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा है. किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन और खेती से जुड़े मामलों में उन्हें उचित मुआवजा और न्याय मिलना चाहिए. इन्हीं मांगों को लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार की ओर से उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. किसान महासभा में भी इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया. किसान महासभा के आयोजक मनोज पनारा ने कहा कि मोरबी का किसान आंदोलन महात्मा गांधी के दिखाए अहिंसक मार्ग पर चल रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान किसी भी परिस्थिति में हिंसक रास्ता नहीं अपनाएंगे. मनोज पनारा ने कहा कि किसानों की लड़ाई शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगी.
किसान आंदोलन से लेकर सीजेपी प्रोटेस्ट तक, ये हैं मोदी सरकार के कार्यकाल में 5 बड़े धरना-प्रदर्शनआंदोलन लगातार जारी रहेगा
उन्होंने कहा कि यदि देश के दूसरे हिस्सों से किसान मोरबी के आंदोलन को समर्थन देने के लिए आते हैं और वहां किसानों पर लाठीचार्ज किया जाता है, तो उसका विरोध यहां भी किया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर आंदोलन लगातार जारी रहेगा और जब तक किसानों की मांगें स्वीकार नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया गया है. राकेश टिकैत के बयान के बाद मोरबी का किसान आंदोलन एक बार फिर चर्चा में आ गया है. टिकैत ने जिस तरह से मोरबी में किसानों पर कार्रवाई होने की स्थिति में उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित अन्य राज्यों में आंदोलन की चेतावनी दी है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि स्थानीय स्तर पर चल रहा यह आंदोलन व्यापक रूप ले सकता है. फिलहाल किसानों की ओर से शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है. वहीं, राकेश टिकैत के बयान ने सरकार और किसान संगठनों के बीच चल रहे गतिरोध को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज कर दी है.
किसान आंदोलन से लेकर सीजेपी प्रोटेस्ट तक, ये हैं मोदी सरकार के कार्यकाल में 5 बड़े धरना-प्रदर्शन
