MP Development Projects: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के विकास, शिक्षा और किसान कल्याण को लेकर कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है. राज्य सरकार ने अलग-अलग विकास कार्यों और जनहितैषी योजनाओं के लिए कुल 5 हजार 960 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की है. इस बैठक में जहां एक तरफ प्रदेश के स्कूलों को अपग्रेड करने का बड़ा खाका तैयार किया गया, वहीं दूसरी तरफ किसानों और गरीब परिवारों की बेटियों के कल्याण के लिए योजनाओं को विस्तार दिया गया है.
अपग्रेड होंगे स्कूल
कैबिनेट ने प्रदेश में शैक्षणिक स्तर को सुधारने और ड्रॉप आउट रेट पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या को कम करने के लिए शासकीय स्कूलों के उन्नयन की योजना को सैद्धांतिक मंजूरी दी है. इसके तहत वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल और 100 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी स्कूल बनाया जाएगा. यह प्रक्रिया अगले दो साल 2027-28 और 2028-29 में भी जारी रहेगी. तीन वर्षों में इस योजना पर कुल 635 करोड़ 24 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक शत-प्रतिशत सकल नामांकन दर हासिल करना है. वर्तमान में दूरी अधिक होने के कारण कई बच्चे पढ़ाई छोड़ देते हैं, जिसे रोकने के लिए गति शक्ति पोर्टल और जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर जरूरत वाले स्थानों पर स्कूल अपग्रेड किए जाएंगे. सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में आने वाले स्कूलों का युक्तियुक्तकरण किया जाएगा.
विवाह सहायता योजनाओं को 5 साल का विस्तार
गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों तक निरंतर संचालित करने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए कैबिनेट ने 1740 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस योजना के तहत गरीब निराश्रित और निर्धन परिवारों की बेटियों, विधवाओं और परित्यक्ताओं के सामूहिक विवाह के लिए 55 हजार रुपये प्रति कन्या के मान से आर्थिक सहायता दी जाती है. पिछले 5 वर्षों 2021-22 से 2025-26 में इस योजना से 1 लाख 72 हजार से अधिक हितग्राहियों को 989 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता दी जा चुकी है.
वार्षिक एकल ऋण सीमा लागू होगी
किसानों को खेती-किसानी के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण देने की योजना को सरकार ने नई शर्तों के साथ जारी रखने की मंजूरी दी है. अब खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग अंतिम तिथि नहीं होगी. इसके स्थान पर वार्षिक एकल ऋण सीमा रखी जाएगी. स्वीकृत वार्षिक लिमिट से पहली बार लोन निकालने की तारीख से 12 महीने की अवधि तय होगी. समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को राज्य सरकार द्वारा 1.25 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान और 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन ब्याज अनुदान देगीए जिससे किसानों को 3 लाख रुपये तक का कर्ज शून्य प्रतिशत ब्याज पर मिलता रहेगा.
शुजालपुर में खुलेगा नया शासकीय विधि महाविद्यालय
मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल करते हुए कैबिनेट ने शाजापुर जिले के शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ करने की स्वीकृति दे दी है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के तहत अब विधि पाठ्यक्रम को पृथक कॉलेज के रूप में संचालित किया जाएगा. इसके लिए शैक्षणिक और अशैक्षणिक वर्ग के कुल 17 पदों को मंजूरी देते हुए 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है.
जनजातीय विकास के लिए भारी बजट
सार्वजनिक वितरण प्रणाली राशन की दुकानों तक अनाज पहुंचाने परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की भारी राशि मंजूर की गई है. जनजातीय क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने के कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर लगने वाली एसजीएसटी की राशि राज्य सरकार खुद वहन करेगी और इसे बिजली कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में देगी, ताकि आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से बिजली का विस्तार हो सके.
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