Ramalinga Reddy Resign: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को कैबिनेट में विभागों का बंटावारा किया, लेकिन अगले ही दिन उन्हें एक मंत्री ने झटका दे दिया. कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी उन्हें दिए गए जल संसाधन मंत्रालय से नाराज हो गए और उन्होंने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया. गुरुवार रात, मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने अपने 13 मंत्रियों को पोर्टफोलियो बांटे. सूत्रों ने कहा कि रेड्डी बेंगलुरु शहरी विकास मंत्रालय की मांग पर अड़े हुए थे, जिसे उन्हें देने से मना कर दिया गया. इस पर नाराज होकर उन्होंने मंत्री पद से ही इस्तीफा दे दिया.
रेड्डी ने वादे की याद दिलाई
पता चला है कि गुरुवार को पोर्टफोलियो तय करने के लिए हुई मीटिंग में रेड्डी नाराज होकर बाहर चले गए थे. मीटिंग में रेड्डी ने मुख्यमंत्री को 2023 में किए गए वादे की याद दिलाई कि जब भी कैबिनेट में फेरबदल होगा, उन्हें बेंगलुरु शहरी विकास मंत्रालय दिया जाएगा. कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह पोर्टफोलियो बांटे जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे. मंत्री ने कहा कि वह बेंगलुरु शहरी विकास मंत्रालय चाहते थे, लेकिन उन्हें जल संसाधन मंत्रालय दे दिया गया.
‘बेइज्जती बर्दाश्त नहीं कर सकता’
रेड्डी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैं अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं क्योंकि मैं अपनी अंतरात्मा के खिलाफ काम नहीं कर सकता.” इस्तीफा देते समय रामलिंगा रेड्डी ने कहा, “मैं अभी भी कांग्रेस पार्टी में हूं. मैंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है. मैं पिछले 53 सालों से कांग्रेस पार्टी में हूं. मैंने पार्टी में कई जिम्मेदारियां निभाई हैं. मैंने पूर्व मुख्यमंत्री एम. वीरप्पा मोइली और एस.एम. कृष्णा समेत कई मुख्यमंत्रियों की कैबिनेट में मंत्री के तौर पर काम किया है. मैंने कभी किसी से मंत्री पद की मांग नहीं की. लेकिन मुझे भरोसा दिया गया था. मुझसे दो बार वादा करने के बाद जल संसाधन मंत्रालय दे दिया गया. मैं इस फैसले से बेहद निराश हूं.”
उन्होंने कहा, “मैं कब तक यह बेइज्जती बर्दाश्त कर सकता था. मेरे सामने और क्या ऑप्शन थे?” यह शिवकुमार सरकार के लिए एक बड़ा झटका था, जो बुधवार को सत्ता में आई थी. कांग्रेस लीडरशिप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच में नाराज मंत्री को मनाने की आखिरी कोशिश की, लेकिन वह अपने फैसले पर अड़े रहे. उन्होंने पार्टी लीडरशिप का मैसेज लेकर उनके पास आए नेताओं से कहा कि अब किसी भी सुझाव पर ध्यान देने का समय नहीं है.
News Source: PTI
