SIR Row: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) गुरुवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में CJP समर्थक और अन्य लोग जुटे हैं. प्रदर्शनकारी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. इस रैली में YouTuber ध्रुव राठी भी शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने CEC के इस्तीफे की मांग की और आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की ओर से ‘जरा भी पारदर्शिता और जवाबदेही’ नहीं दिखाई गई. राठी ने कहा कि उन्होंने एक आम नागरिक के तौर पर इस आंदोलन में हिस्सा लिया है और उन आरोपों को खारिज किया कि उनकी मौजूदगी का मकसद सरकार बदलना है.
मुझे जॉर्ज सोरोस ने फंड नहीं दिया
ध्रुव राठी ने कहा कि मैं यहां सरकार बदलने के लिए नहीं आया हूं. न तो एलन मस्क और न ही जॉर्ज सोरोस ने मुझे फंड दिया है. मैं यहां अपने पैसे से आया हूं. उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी का मुद्दा हर नागरिक से जुड़ा है, चाहे उनकी राजनीतिक विचारधारा कुछ भी हो. राठी ने यह भी कहा कि एक नागरिक के रूप में आप चाहे तो बीजेपी को वोट दें, कांग्रेस को वोट करें या फिर किसी भी दूसरी पार्टियों को वोट करें. यह मुद्दा देश के हर एक नागरिक से जुड़ा है. इस दौरान राठी ने जोर देकर कहा कि उनकी भागीदारी किसी राजनीतिक पार्टी की तरफ से नहीं थी और कहा कि यह मुद्दा उन लोगों के लिए भी चिंता का विषय होना चाहिए जो BJP का समर्थन करते हैं. अगर आप मानते हैं कि इस देश के हर नागरिक को वोट देने का अधिकार होना चाहिए, तो आपको भी हमारे मकसद का समर्थन करना चाहिए और विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए.
पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए राठी ने दावा किया कि विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट से लगभग 70,000 वोटरों के नाम हटा दिए गए थे और चुनाव नतीजों के बाद उन्हें फिर से जोड़ दिया गया. उन्होंने दावा किया कि वे असली वोटर थे. चुनाव से पहले और चुनाव के बाद वे वोटर लिस्ट में थे, लेकिन वोटिंग के समय वे लिस्ट में नहीं थे. साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि वोटर लिस्ट से करीब 65 लाख नाम हटा दिए गए थे और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने प्रभावित लोगों के नाम और पते तब तक जाहिर नहीं किए जब तक सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक करने का आदेश नहीं दिया.
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इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते हैं तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा. सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. वहीं, बेंगलुरु के लोगों का कहना है कि SIR के नाम पर भारी संख्या में देश नागरिकों का वोट काट दिया गया.
नई दिल्ली में भी हो रहा प्रदर्शन
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी नई दिल्ली में कई दिनों से विरोध प्रदर्शन हो रहा है. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेता सड़कों पर उतरें हैं. वह लगातार ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. दूसरी ओर कांग्रेस पूरे देश में काला दिवस मना रही है. कांग्रेस के राष्ट्रीय आह्वान के तहत गुरुवार को पूरे देश में राज्य/जिला और ब्लॉक लेवल पर प्रदर्शन कर रही है.
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