Congress Protest: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार (8 अक्टूबर) को विपक्षी सांसदों को लंच पर बुलाया है. दिल्ली के कनॉट प्लेस में दोपहर 1:45 बजे लंच का आयोजन किया गया, जिसमें मल्लिकार्जुन खरगे भी पहुंच चुके हैं. कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि लंच के बाद विपक्षी सांसद राजघाट जाएंगे.
लंच का आज दूसरा दिन
7 अक्टूबर को भी कनॉट प्लेस में लंच रखा गया था. इस दौरान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई कांग्रेस सांसदों ने लंच किया था. इसके बाद वह चुनाव आयोग की तरफ बढ़े. इसी कड़ी में आज लंच का दूसरा दिन है और कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह इसके बाद राजघाट पहुंचेंगे. जहां से पूरा विपक्ष ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेगा.
मल्लिकार्जुन ने किया लंच के लिए अनुरोध
मल्लिकार्जुन खरगे ने आज के लंच के लिए लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के सभी सांसदों को अनुरोध किया है. लंच दोपहर 1:45 बजे कनॉट प्लेस में रखा गया था. दिलचस्प यह है कि लंच के लिए लगातार दूसरे दिन भी कनॉट प्लेस के लिए चुना गया था. ये जगह इलेक्शन कमीशन के काफी करीब है और यहां पर कांग्रेस समेत कई पार्टियों के नेताओं इकट्ठा हुए पड़े हैं.
वे भारतीय लोकतंत्र को खत्म कर रहे
वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि बीजेपी, पीएम मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार भारतीय लोकतंत्र में अराजकता फैला रहे हैं. वे भारतीय लोकतंत्र को खत्म करने वाले हैं. हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए यहां हैं. हम यही कर रहे हैं. यह हमारे लिए वोटरों की रक्षा करने की ‘करो या मरो’ वाली लड़ाई है. वे आगे कहते हैं कि हमने (INDIA गठबंधन के बड़े नेताओं ने) भारत के राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए पहले ही अनुरोध किया है. पहला अनुरोध पत्र 2 अक्टूबर को भेजा गया था. फिर राष्ट्रपति भवन के ऑफिस ने हमसे नाम देने को कहा. इसके बाद 5 तारीख को हमने INDIA गठबंधन के सभी नेताओं के साथ नामों वाला अनुरोध पत्र फिर से सौंपा. असल में हमने 7, 8 और 9 अक्टूबर के लिए अपॉइंटमेंट मांगा था. आज 8 तारीख है. हम कल का भी इंतजार करेंगे.
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ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
कांग्रेस सांसद ज्योति मणि ने कहा कि हर दिन एक ही बात होती है. हम लोकतंत्र, संविधान और लोगों के वोट देने के अधिकार की रक्षा के लिए विरोध कर रहे हैं. जो लोकतंत्र में एक बहुत ही बुनियादी अधिकार है. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें. पीएम मोदी की सरकार एक गैर-कानूनी सरकार हैं, जिसे ज्ञानेश कुमार ने चुना है, न कि लोगों ने. सरकार के पास बने रहने का कोई अधिकार नहीं है. जो कोई भी लोकतंत्र के विचार को समझता है, उसे अब तक इस्तीफा दे देना चाहिए था.
CEC के खिलाफ हमारा विरोध जारी रहेगा
इसके अलावा कांग्रेस के सबसे मुखर सांसदों में से एक दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हम चुनाव आयोग जाना चाहते थे, लेकिन हमें जाने नहीं दिया गया. कल हम जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करना चाहते थे. तब भी हमें ऐसा करने की इजाजत नहीं मिली. सत्ता में बैठे लोग जनता की आवाज़ दबाना चाहते हैं. हमारा विरोध जारी रहेगा.
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News Source: ANI
