Home Latest News & Updates आकाश आनंद पर मायावती की ‘फुल स्टॉप’ सफाई, टिकट बंटवारे से लेकर BSP की कमान तक खुद खोले सारे पत्ते

आकाश आनंद पर मायावती की ‘फुल स्टॉप’ सफाई, टिकट बंटवारे से लेकर BSP की कमान तक खुद खोले सारे पत्ते

by Dheeraj Tripathi 1 August 2026, 7:12 PM IST
1 August 2026, 7:12 PM IST

UP News : बहुजन समाज पार्टी (BSP) में आकाश आनंद की बढ़ती सक्रियता और चुनावी अभियान की कमान मिलने के बाद टिकट वितरण को लेकर उठ रहे सवालों पर खुद बसपा सुप्रीमो मायावती ने जवाब दिया है. एक्स पर जारी पोस्ट में मायावती ने साफ कर दिया कि पार्टी के प्रत्याशियों का अंतिम चयन वही करती हैं. आकाश आनंद केवल संगठन और चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. इस मुद्दे पर बीजेपी ने बसपा को परिवारवादी पार्टी बताया, समाजवादी पार्टी ने बसपा की राजनीतिक प्रासंगिकता पर सवाल उठाए.साथ ही राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे मायावती की संगठन पर पकड़ बनाए रखने की रणनीति बताया है.

अभियान की जिम्मेदारी आकाश आनंद को सौंपी

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच BSP ने चुनावी अभियान की शुरुआत का जिम्मा आकाश आनंद को सौंपा है. 10 अगस्त को हाथरस के सादाबाद से आकाश आनंद चुनावी अभियान का आगाज करेंगे. इसके साथ ही पार्टी में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं. दरअसल, दलित युवाओं के बीच आकाश आनंद की बढ़ती लोकप्रियता और सक्रियता लगातार चर्चा का विषय रही है. इससे पहले भी सीतापुर की एक जनसभा के बाद उनके चर्चित बयानों और बढ़ते प्रभाव के बीच मायावती ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया था. हालांकि, बाद में उन्हें दोबारा जिम्मेदारी देकर संगठन में सक्रिय किया गया. अब जब टिकट वितरण और पार्टी की कमान को लेकर सवाल उठे तो मायावती ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट की है.

परिवारवाद से जोड़कर निशाना साधा

मायावती के बयान के बाद विपक्ष और बीजेपी दोनों ने अपनी-अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया दी. बीजेपी ने इसे परिवारवाद से जोड़कर निशाना साधा, जबकि समाजवादी पार्टी ने बसपा पर दलित मुद्दों से दूरी बनाने का आरोप लगाया. भाजपा प्रवक्ता हीरो बाजपेई कहते हैं कि बसपा का यह आंतरिक मामला है. लेकिन सपा, बसपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां परिवारवाद की राजनीति करती हैं. बीजेपी में कार्यकर्ता जनता के बीच काम करता है, जबकि दूसरी पार्टियां केवल बयानबाजी करती हैं. जनता अब परिवारवाद को स्वीकार नहीं करती है.

हर साल बनेंगी 96 मिलियन चिप्स: भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कोरियाई कंपनी के साथ बड़ी साझेदारी

दलितों के मुद्दों पर नहीं बोलतीं मायावती

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आजम खान कहते हैं कि बसपा आज जनता के बीच अप्रासंगिक हो चुकी है. दलितों के मुद्दों पर न मायावती बोलती हैं और न आकाश आनंद. बीजेपी के खिलाफ लड़ाई समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन लड़ रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मायावती संगठन और टिकट वितरण पर अपनी पकड़ किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने देना चाहतीं. उनके अनुसार आकाश आनंद को चुनाव प्रचार और संगठन की जिम्मेदारी देना और टिकट चयन अपने हाथ में रखना, बसपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है.

शीर्ष नेतृत्व अपने हाथ में रखना चाहता नियंत्रण

राजनीतिक विश्लेषक रतिभान त्रिपाठी कहते हैं कि परिवार आधारित दलों में शीर्ष नेतृत्व नियंत्रण अपने हाथ में रखना चाहता है. मायावती भी यही संदेश देना चाहती हैं कि अंतिम फैसला उन्हीं का होगा. आकाश आनंद को जिम्मेदारी जरूर दी गई है, लेकिन टिकट वितरण का अधिकार अपने पास रखकर उन्होंने संगठन पर अपनी पकड़ बरकरार रखी है.

सक्रियता चुनावी रणनीति तक सीमित रहती है

बहुजन समाज पार्टी 2027 के चुनाव में आकाश आनंद को नया चेहरा बनाकर दलित और युवा मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है. लेकिन साथ ही मायावती ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार अभी भी पूरी तरह उनके पास ही है. ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि आकाश आनंद की सक्रियता चुनावी रणनीति तक सीमित रहती है या भविष्य में उन्हें संगठनात्मक फैसलों में भी बड़ी भूमिका मिलती है.

वाराणसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: राहुल गांधी समेत तीन सांसदों पर FIR, इन मामलों में कसा शिकंजा

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?