Home लाइफस्टाइल 1000 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं ये 6 Indian Dishes, आज भी स्वाद ऐसा कि हर पीढ़ी बनी हुई है दीवानी

1000 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं ये 6 Indian Dishes, आज भी स्वाद ऐसा कि हर पीढ़ी बनी हुई है दीवानी

by Preeti Pal 1 August 2026, 6:42 PM IST
1 August 2026, 6:42 PM IST
1000 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं ये 6 Indian Dishes, आज भी स्वाद ऐसा कि हर पीढ़ी बनी हुई है दीवानी

Historical Indian Dishes: भारत सिर्फ अपनी संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों के लिए ही नहीं, बल्कि अपने लाजवाब खानपान के लिए भी पूरी दुनिया में मशहूर है. यहां का हर राज्य अपने अलग स्वाद और खास खाने के लिए जाना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी थाली में आज भी ऐसी कई डिशेज शामिल हैं, जिनका इतिहास 1000 साल से भी पुराना है? हैरानी की बात ये है कि समय बदला, राजवंश बदले, खानपान की आदतें बदलीं, लेकिन इन पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद और लोकप्रियता आज भी बरकरार है. आज आपके लिए भारत की ऐसी 6 ऐतिहासिक डिशेज की लिस्ट लाए हैं, जो सदियों से लोगों के दिल और थाली दोनों में अपनी जगह बनाए हुए हैं.

इडली

साउथ इंडिया का सबसे लोकप्रिय नाश्ता मानी जाने वाली इडली का इतिहास 8वीं से 10वीं शताब्दी तक पहुंचता है. कन्नड़ साहित्य वड्डाराधने में ‘इद्दलिगे’ नाम के एक भाप में पकाए जाने वाले व्यंजन का जिक्र मिलता है. समय के साथ इसकी रेसिपी में कुछ बदलाव जरूर हुए, लेकिन चावल और उड़द दाल के खमीर वाले घोल से बनने वाली मुलायम इडली आज भी उतनी ही पसंद की जाती है. स्वाद के साथ-साथ ये पचने में भी हल्की होती है, इसलिए हर उम्र के लोगों की पसंद बनी हुई है.

पोंगल

पोंगल सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि दक्षिण भारत की संस्कृति और परंपरा का अहम हिस्सा है. इसका रिश्ता तमिलनाडु के मशहूर पोंगल त्योहार से है. संगम साहित्य में 2000 साल से भी पहले उबले हुए चावल से बनी डिश का जिक्र मिलता है. काली मिर्च, जीरा, अदरक और घी से तैयार किया जाने वाला नमकीन पोंगल आज भी मंदिरों और घरों में बड़े स्वाद से खाया जाता है.

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पायसम

अगर बात पारंपरिक मिठाइयों की हो तो पायसम का नाम जरूर आता है. दूध, चावल, गुड़ और घी से बनने वाली इस मिठाई का जिक्र प्राचीन संस्कृत ग्रंथों और मंदिरों के अभिलेखों में मिलता है. समय के साथ इसके कई रूप सामने आए, जैसे पाल पायसम और अडा प्रदमन, लेकिन इसका असली स्वाद और बनाने का तरीका आज भी लगभग वैसा ही है. दक्षिण भारत के कई मंदिरों में इसे आज भी प्रसाद में चढ़ाया जाता है.

पुट्टु

केरल का पारंपरिक व्यंजन पुट्टु भी हजारों साल पुरानी विरासत का हिस्सा माना जाता है. चावल के आटे और ताजे नारियल की परतों से तैयार इस डिश को पहले बांस की नलियों में भाप देकर बनाया जाता था. बाद में इसकी जगह धातु के सांचों ने ले ली. आज भी पुट्टु को कडला करी, केले या गुड़ के साथ बड़े चाव से खाया जाता है.

अप्पम

नरम बीच और जालीदार किनारों वाला अप्पम दक्षिण भारत की सबसे खास डिशेज में से एक है. माना जाता है कि केरल और तमिलनाडु में इसे 1000 साल से भी पहले बनाया जाता था. चावल के घोल को प्राकृतिक तरीके से खमीर उठाकर तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और बनावट दोनों अलग हो जाते हैं. वेज स्टू या नारियल के दूध के साथ इसका स्वाद और लाजवाब लगता है.

खिचड़ी

खिचड़ी को भारत का सबसे कंफर्ट और पौष्टिक खाना कहा जाए तो गलत नहीं होगा. आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ चरक संहिता में भी चावल और दाल से बनी इस डिश का जिक्र मिलता है. बाद में 14वीं शताब्दी में भारत आए मोरक्को के फेमस यात्री इब्न बतूता ने भी अपनी कहानी में खिचड़ी का जिक्र किया था. आज भी देश के अलग-अलग हिस्सों में इसे अलग-अलग अंदाज में बनाया जाता है.

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