Blood Donation: योगी सरकार राज्य में पेशेवर रक्तदाताओं पर शिकंजा कसने की तैयारी में है. सरकार का मानना है कि पेशेवर रक्तदान (रक्त की खरीद-बिक्री) से संक्रमण का गंभीर खतरा हो सकता है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए और ज़्यादा कोशिशें करने को कहा. उन्होंने डॉक्टरों से पेशेवर रक्तदान की प्रथा को रोकने में मदद करने की अपील की और चेतावनी दी कि इससे संक्रमण का गंभीर खतरा हो सकता है. गोरखपुर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के चैरिटेबल ब्लड सेंटर के उद्घाटन के मौके पर बोलते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि मेडिकल टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर में तरक्की के बावजूद खून बनाया नहीं जा सकता. उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान को ज़रूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने का ज़रिया बताया.
तरक्की के बावजूद खून का कोई विकल्प नहीं
उन्होंने कहा कि आप सभी से मेरी अपील है कि हम खून की मांग को पर्याप्त सप्लाई से पूरा नहीं कर पा रहे हैं. डॉक्टरों को अपने स्तर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित करना चाहिए और समय-समय पर अपील करनी चाहिए. उन्होंने डॉक्टरों से यह भी कहा कि वे अलग-अलग बीमारियों से पीड़ित पेशेवर डोनर्स के मामलों की जानकारी सरकार और प्रशासन को दें और इस प्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाने में मदद करें. उन्होंने कहा कि अगर अलग-अलग बीमारियों से जूझ रहे प्रोफेशनल डोनर्स की जांच नहीं की गई, तो भविष्य में हमें इन्फेक्शन के गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने आगे कहा कि मेडिकल प्रोफेशन और ब्लड डोनेशन सिस्टम में लोगों का भरोसा बनाए रखने के लिए असरदार कदम उठाने की ज़रूरत है. कहा कि तकनीक की तरक्की के बावजूद खून का कोई विकल्प नहीं है.
IMA गोरखपुर की तारीफ
आदित्यनाथ ने चैरिटेबल ब्लड सेंटर और मुफ़्त आउटपेशेंट डिपार्टमेंट शुरू करने के लिए IMA की गोरखपुर यूनिट की तारीफ़ की और कहा कि यह मेडिकल कम्युनिटी की सामाजिक ज़िम्मेदारी को दिखाता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले वाराणसी, प्रयागराज और बरेली में IMA द्वारा चलाए जा रहे ब्लड बैंकों का दौरा किया था और वे गोरखपुर में भी वैसी ही सुविधा चाहते थे. उन्होंने इस इलाके में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए सुधारों का भी ज़िक्र किया और कहा कि गोरखपुर में अब सुपर-स्पेशियलिटी सुविधाओं वाला BRD मेडिकल कॉलेज और AIIMS है, साथ ही आस-पास के कई ज़िलों में भी मेडिकल कॉलेज बनाए गए हैं.
गोरखपुर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी सुधार
आदित्यनाथ ने कहा कि UP में MBBS सीटों की संख्या लगभग 4,600 से बढ़कर 13,500 से ज़्यादा हो गई है, जबकि पोस्ट-ग्रेजुएट सीटें दोगुनी हो गई हैं. उन्होंने IIT कानपुर और SGPGI, लखनऊ में मेड-टेक के लिए प्रस्तावित ‘सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस’ का भी ज़िक्र किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सात-आठ साल पहले की स्थिति की तुलना में गोरखपुर और UP में एन्सेफलाइटिस के मैनेजमेंट और हेल्थकेयर सुविधाओं तक पहुंच में भी काफ़ी सुधार हुआ है.
स्वास्थ्य क्षेत्र में नई क्रांति: किडनी मरीजों को अब डायलिसिस से छुटकारा, AI से होगा सटीक इलाज
News Source: PTI
