Ram Mandir Donation: राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन और हेरा-फेरी का मामला तूल पकड़ चुका है. इस मामले में यूपी की योगी सरकार एसआईटी गठित कर जांच करा रही है. बीते सात जून को यह मामला सामने आया था. तब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा था, “समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है.”
अब विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने राम मंदिर चंदे में कथित गबन के मामले में एफआईआर दर्ज कर त्वरित जांच (फास्ट ट्रैक) की मांग की है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
दोषी पाए जाने वालों को दंडित करें- आलोक कुमार
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद ने अयोध्या के राम मंदिर में प्राप्त दान के कथित गबन के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है. इसके साथ ही समयबद्ध जांच की मांग की और कहा कि दोषी पाए जाने वालों को दंडित किया जाना चाहिए.
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने पीटीआई को बताया कि जांच चार महीने के भीतर पूरी हो जानी चाहिए और आरोपियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए.
जांच चार महीने के भीतर पूरी हो जानी चाहिए – वीएचपी
आलोक कुमार ने कहा, “हम मांग करते हैं कि अयोध्या राम मंदिर दान मामले में एफआईआर दर्ज की जाए, जांच में तेजी लाई जाए, मामले की हर रोज के आधार पर त्वरित सुनवाई के लिए एक फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाए और दोषियों को उनके किए की सजा दी जाए.”
उन्होंने कहा कि जांच चार महीने के भीतर पूरी हो जानी चाहिए और मामले की सुनवाई एक त्वरित अदालत द्वारा प्रतिदिन के आधार पर की जानी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दोषियों को बिना देरी किए दंडित किया जाए.
बता दें कि वीएचपी की यह मांग राम मंदिर में प्राप्त दान के गबन के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) द्वारा मंगलवार को उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद आई है.
एसआईटी जांच में क्या है अपडेट?
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ के संभागीय आयुक्त विजय विश्वास पंत ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को एसआईटी जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी है. अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी की जांच अभी भी जारी है और आगे के तथ्यों को जुटाया जा रहा है. मालूम हो कि राम मंदिर में आए चढ़ावे के गबन और दुरुपयोग के आरोपों के बाद मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था.
एसआईटी द्वारा प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद, पंत ने पीटीआई को बताया कि एसआईटी अगले 10 से 15 दिनों के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट गोपनीय है और इस स्तर पर उन्हें मीडिया के साथ निष्कर्षों का विवरण साझा करने का अधिकार नहीं है.
News Source: PTI
