Home Latest News & Updates देश-दुनिया की पहली पसंद बनी काशी : रिकॉर्ड 52.71 करोड़ सैलानियों ने किया मंदिरों और घाटों का दीदार

देश-दुनिया की पहली पसंद बनी काशी : रिकॉर्ड 52.71 करोड़ सैलानियों ने किया मंदिरों और घाटों का दीदार

by Rajeev Ojha 26 September 2026, 9:40 PM IST (Updated 26 September 2026, 9:42 PM IST)
26 September 2026, 9:40 PM IST (Updated 26 September 2026, 9:42 PM IST)
देश-दुनिया की पहली पसंद बनी काशी : 13 वर्षों में रिकॉर्ड 52.71 करोड़ सैलानियों ने किया मंदिरों और घाटों का दीदार

World Tourism Day: वाराणसी में गंगा के अर्धचन्द्राकार घाट, मंदिरों की घंटियां, संकरी गलियों की अपनी-अलग पहचान और सदियों पुरानी परंपराएं काशी को दुनिया के दूसरे शहरों से अलग बनाती है. यही वजह है कि देश-दुनिया के लोगों के लिए काशी हमेशा से आस्था और आकर्षण का केंद्र रही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने समय के साथ यहां सुविधाओं का विस्तार किया.

हर साल बढ़ रहे पर्यटक

प्राचीन विरासत को सहेजते हुए आधुनिक सुविधाओं के विस्तार ने काशी को देश-विदेश के पर्यटकों के लिए सुरक्षित और आकर्षक गंतव्य बनाया है. यही वजह है कि यहां पर्यटकों की संख्या साल-दर साल बढ़ती जा रही है. पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2014 से जुलाई 2026 तक 52 करोड़, 71 लाख 41 हजार 814 भारतीय और विदेशी पर्यटकों ने काशी का भ्रमण किया. इनमें 52 करोड़ 40 लाख 46 हजार 803 भारतीय और 30 लाख 95 हजार 11 विदेशी पर्यटक शामिल हैं. आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में जितने पर्यटक काशी आए, वर्ष 2016 के जुलाई माह तक ही उससे 4 करोड़ 10 लाख 70 हजार 422 अधिक लोग आ चुके हैं.

बनारस की अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार

पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या काशी की बदलती तस्वीर को दर्शाती है, जिसका सीधा असर काशी की स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा है. पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होटल, गेस्ट हाउस, रेस्तरां, नाव संचालन, फूल-माला, पूजा सामग्री , टैक्सी-ऑटो, टूर एवं ट्रैवल सेवाओं के साथ-साथ स्थानीय बाजारों और हस्तशिल्प उत्पादों की मांग में वृद्धि हुई है. इससे पर्यटन से जुड़े छोटे कारोबारियों, दुकानदारों, नाविकों, गाइडों, कारीगरों और सेवा क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर बने हैं. इस तरह पर्यटन अब केवल धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव तक सीमित नहीं है, बल्कि काशी की स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाले महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल हो रहा है.

विकास के साथ बढ़ा काशी का आकर्षण

वर्ष 2014 में केंद्र में मोदी सरकार और वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के गठन के बाद काशी में विकास और पर्यटन को नई गति मिली. सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार, बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं, स्वच्छता, घाटों के विकास और प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के सौंदर्यीकरण से काशी का पर्यटन अनुभव लगातार समृद्ध हुआ है. पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्यटन अवसंरचना तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत किया गया, वहीं नए पर्यटन अनुभवों का भी विस्तार हुआ.

मंदिर क्षेत्र में बढ़ीं सुविधाएं

काशी विश्वनाथ धाम के विकास से मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ीं, घाटों के सौंदर्यीकरण, बेहतर साफ-सफाई, सारनाथ के विकास और गंगा में रिवर क्रूज जैसी गतिविधियों ने पर्यटन के दायरे को और व्यापक किया. आज काशी में धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विरासत पर्यटन के साथ आधुनिक सुविधाओं का संगम दिखाई देता है. सदियों पुरानी परंपराएं नए कलेवर में पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं. विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर काशी की यह बदलती तस्वीर बताती है कि विरासत को सहेजते हुए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है.

काशी की सदियों पुरानी परंपराएं रहेंगी सुरक्षित : जयवीर सिंह

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास है कि काशी की सदियों पुरानी परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों को आधुनिक पर्यटन से जोड़ा जाए, ताकि दुनिया भर के पर्यटक यहां आकर केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि काशी की संस्कृति, विरासत और जीवन शैली का भी अनुभव लेकर लौटें.

वर्ष 2014 से जुलाई 2026 तक वाराणसी में पर्यटकों की संख्या

  • वर्ष- भारतीय पर्यटक- विदेशी पर्यटक-कुल पर्यटक
  • 2014 –52,02,236 –2,87,761–54,89,997
  • 2015 –54,13,927–3,02,370– 57,16,297
  • 2016 –56,00,146 –3,12,519– 59,12,665
  • 2017– 59,47,355–34,860–62,82,215
  • 2018 –60,95,890 –3,49,270 –64,45,160
  • 2019 – 64,47,775– 3,50,000– 67,97,775
  • 2020 – 8,76,303–1,06,189 –9,82,492
  • 2021–30,75,913 –2,566 – 30,78,479
  • 2022 –7,11,47,310– 83,741–7,12,31,051
  • 2023–8,52,71,729 – 2,01,904 – 8,54,73,633
  • 2024–10,97,87,811– 3,09,932 –11,00,97,743
  • 2025 –17,27,52,530 – 3,21,358 –17,30,73,888
  • 2026 जुलाई तक – 4,64,27,878–1,32,541– 4,65,60,419

आ गए बप्पा! ढोल-नगाड़ों संग मुंबई ने किया स्वागत, लालबाग से पंडालों तक गूंजा- गणपति का उद्घोष

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?