Jaishankar in UN: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संयक्त राष्ट्र जनरल असेंबली के 81वें सेशन में पाकिस्तान को खूब लताड़ लगाई. उन्होंने साफ कहा कि भारत अपनी रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है. UN हेडक्वार्टर में दुनिया के नेताओं को संबोधित करते हुए, जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद को नॉर्मल बनाने या उसके लिए बहाने बनाने की कोशिशें मंजूर नहीं हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ खुद का बचाव करने के अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने का पूरा हक है. उन्होंने मिडिल ईस्ट युद्ध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी बात की.
पाकिस्तानी पीएम के भाषण का जवाब दिया
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के पीएम शाहबाज शरीफ के भाषण का जवाब दिया. भारतीय डिप्लोमैट पेटल गहलोत ने आतंकवादियों को पनाह देने के पाकिस्तान के रिकॉर्ड का मुद्दा उठाया. 9/11 हमलों के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह पाकिस्तान में रह रहा था और एक बड़ी पाकिस्तानी मिलिट्री एकेडमी के पास मिला था. शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में कश्मीर का मुद्दा उठाया और 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने में US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका का भी जिक्र किया.
भारत ने जवाब में पाकिस्तान पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया. भारत ने कहा कि पाकिस्तान एक तरफ सुरक्षा और शांति की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ आतंकवाद को बढ़ावा देता है. भारतीय पक्ष ने यह भी कहा कि पिछले साल भारत ने साफ़ कर दिया था कि आतंकवादियों के लिए कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं होगी. आत्मरक्षा के अपने अधिकार को दोहराते हुए भारत ने कहा कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले किसी भी कदम का जवाब देना चाहिए.
AI पर भारत का रुख
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का जिक्र करते हुए, जयशंकर ने फरवरी में भारत में हुए AI इम्पैक्ट समिट का जिक्र किया. उन्होंने AI को इंसानी ताकत, आर्थिक खुशहाली और बड़े पैमाने पर समस्याओं को सुलझाने का एक टूल बताया. जयशंकर ने कहा कि हर देश को अपने राष्ट्रीय लक्ष्यों के हिसाब से अपना AI इकोसिस्टम, मॉडल और डिप्लॉयमेंट स्ट्रैटेजी बनाने का अधिकार है. उन्होंने AI को ग्लोबल साउथ के साथ भारत के पार्टनरशिप एजेंडा का हिस्सा बताया.
मिडिल ईस्ट में चल रहे टकराव पर चिंता
भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध समेत मिडिल ईस्ट में चल रहे टकराव पर गहरी चिंता जताई. विदेश मंत्री जयशंकर ने रेड सी से ब्लैक सी तक कमर्शियल जहाजों और नाविकों पर हमलों का मुद्दा उठाया. जयशंकर ने कहा कि इंटरनेशनल पानी के रास्तों पर चलने वाले कमर्शियल जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना सही नहीं है. जहाजों और नाविकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने भारत समेत कई देशों के नाविकों की मौत का जिक्र किया. जयशंकर ने सभी पार्टियों से संयम और तनाव कम करने की अपील की. भारत लाइबेरिया और 23 दूसरे पार्टनर्स के साथ मैरीटाइम सिक्योरिटी इनिशिएटिव में शामिल हो गया है.
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News Source: ANI
