India vs Zimbabwe: भारतीय टीम 23 जुलाई 2026 को जिम्बाब्वे दौरे पर जा रही है. इस दौरान भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेली जाएगी. इस सीरीज की शुरुआत से पहले टीम के स्क्वाड को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं और कहा जा रहा है कि इस टूर्नामेंट में संजू सैमसन को जगह क्यों नहीं दी गई. इसी कड़ी में पूर्व भारतीय खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने कहा कि सैमसन से जुड़े फैसले को लेकर जो कुछ हो रहा है मैं इससे काफी परेशान हूं. उन्होंने आगे कहा कि मैं इस बात से हैरान हूं कि सैमसन को टीम से बाहर कर दिया गया और कहा जा रहा है कि उन्हें इस सीरीज में रेस्ट दिया गया है. साथ ही मैं क्रिकेट में नया-नया नहीं हूं और रेस्टेड का मतलब अच्छी तरह से जानता हूं. दूसरी तरफ क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने भी अपने वीडियो पोस्ट में इस फैसले से निराशा जाहिर की. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम वहीं गलती दोहरा रही है जो उसने टी-20 विश्व कप में की थी.
ऑफ स्पिनर ने किया था खूब परेशान
हर्षा भोगले ने कहा कि टी-20 विश्व कप के दौरान अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ओपनिंग कर रहे थे. वहीं, विरोधी टीम ऑफ स्पिनर लगाकर उन्हें लगातार आउट करने का काम कर रही थी. साथ ही साउथ अफ्रीका से हारने के बाद टीम में बदलाव किया गया और संजू सैमसन को मौका दिया गया. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अभिषेक और वैभव सूर्यवंशी लंबे समय के लिए भारतीय टीम के ओपनर नहीं हो सकते हैं. टीम को हमेशा से ही एक राइट हैंड बल्लेबाज की जरूरत रही है और दूसरी टीमें भी इसी फॉर्मेट को अपनाने की कोशिश करती हैं. हमारे पास इस वक्त संजू सैमसन वही ऑप्शन हैं. ओपनिंग के दौरान राइट और लेफ्ट का कॉम्बिनेशन होना जरूरी है. अभिषेक और वैभव में से किसी को तो तीसरे पर आना ही होगा.

क्यों हो रही है इतनी चर्चा
जिम्बाब्वे के खिलाफ भारतीय टीम के स्क्वाड में श्रेयस अय्यर (C), वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा (VC), ईशान किशन (WK), शिवम दुबे, सूर्यांश शेड, प्रभसिमरन सिंह (WK), रिंकू सिंह, हर्ष दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव, यश ठाकुर, अशोक शर्मा और मयंक यादव को जगह दी गई है. लेकिन संजू सैमसन को बाहर बैठाया गया है. अब सवाल उठता है कि सैमसन को लेकर इतनी चर्चा क्यों हो रही है? मामला यह है कि इसी साल फरवरी-मार्च में खेले गए टी-20 विश्व कप में संजू सैमसन ने कमाल का प्रदर्शन करके दिखाया था. लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ स्क्वाड में शामिल नहीं किए जाने के बीच यह सवाल उठने लाजिमी हैं. टी-20 विश्व कप के आखिरी तीन मैचों में सैमसन ने 97*, 89 और 89 मैच जीताऊ पारी खेली थी. वह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुने गए थे और इसके बाद आईपीएल में भी कमाल का प्रदर्शन करते हुए दो शतकीय पारी खेली थी. इसी बीच आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ 5, 0 और 1 के स्कोर पर आउट होने के बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया. साथ ही उनकी जगह वैभव सूर्यवंशी को टीम में मौका दिया गया. इसी कड़ी में जिम्बाब्वे में खेली जाने वाली तीन टी-20 मैचों की सीरीज से भी सैमसन को बाहर कर दिया गया है.
सभी क्रिकेटर्स को बनानी होती है अपनी जगह
वहीं, मंगलवार को खेले गए दूसरे टी-20 मैच में इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे मैच में भी हार का सामना करना पड़ा. इसके साथ ही इंग्लिश टीम पांच मैचों की सीरीज में 2-0 से आगे चल रही है. हालांकि, इस सीरीज का पहला मैच बारिश की वजह से धूल गया था. दूसरी तरफ टी-20 में लगातार चौथी हार के बाद हेड कोच गौतम गंभीर से जब संजू सैमसन को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सैमसन को क्लेरिटी दी जानी चाहिए थी, जो पहले मेरी तरफ से दी जा चुकी थी. साथ ही ये सारी बातें हेड कोच और खिलाड़ी के बीच की है और हम ये बातें किसी और को नहीं बता सकते हैं. गंभीर ने आगे कहा कि टी-20 विश्व कप में सैमसन ने जिस तरह की पारियां खेली थी वह शानदार थी. लेकिन कई बार हमको खिलाड़ी की फॉर्म भी देखनी होती है. हेड कोच ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिजल्ट मायने रखता है. साथ ही परिणाम को हासिल करने के लिए हमें जो सही लगेगा हम उसी कॉम्बिनेशन के साथ टीम को मैदान पर उतारेंगे. मैं शुरुआत से ही इस बात को कहता आया हूं कि सभी क्रिकेटर्स को अपनी जगह बनानी होती है.

सेलेक्टर पर खड़े हुए सवाल
टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि उन्होंने विश्व कप जीतने वाली टीम के कप्तान और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट को बाहर का रास्ता दिखा दिया. लेकिन इसके बाद भी टीम को कोई खास परिणाम नहीं मिले. टीम इंडिया विश्व कप के बाद चार टी-20 मैच हार गई है, जिनमें आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी-20 सीरीज भी शामिल है. सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस को कप्तान बनाया गया और उनकी कप्तानी में अभी तक टीम को झटके ही लगे हैं. वहीं, अय्यर ने मैच खत्म होने के बाद कहा कि मुझे लगता है कि हमारा प्रदर्शन बहुत खराब रहा है और सच कहूं तो मेरे पास इससे बेहतर शब्द नहीं हो सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि इतने बड़े अंतर से हारना कतई स्वीकार नहीं हो सकता है. साथ ही सबसे पहले हमें इन हार को स्वीकारना होगा और ड्राइंग रूम में बैठकर गंभीरता से विचार करना होगा कि हमसे गलतियां कहां पर हुई हैं. वहीं, दो मैचों में हार क बाद संजू की जगह वैभव को टीम में मौका दिया गया. उन्होंने भी दो मैचों में 14 और 13 रन बनाए हैं. अब जानकारों का कहना है कि अगर टीम में वैभव को जगह दी गई है तो उन्हें टीम में और भी मौके देने चाहिए. लेकिन उन्हें खिलाने के लिए संजू सैमसन को टीम से बाहर नहीं बैठाना चाहिए.
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संजू को जिम्बाब्वे के खिलाफ देना चाहिए मौका
कई जानकारों का कहना है कि इंग्लैंड में टी-20 सीरीज में संजू सैमसन को खिलाया जाना चाहिए है और जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाली टी-20 सीरीज में भी मौका देना चाहिए था. खेल पत्रकार मीनाक्षी राव कहती हैं कि मुझे लगता है कि ज़िम्बाब्वे टूर पर सेलेक्टर्स टीम की बेंच स्ट्रेंथ को भी चेक करना चाहता है. अभी टीम पूरी तरह से तैयार हो रही है, लेकिन इसके बाद भी मैं कहूंगी कि सैमसन को टीम में मौका जरूर देना चाहिए था. संजू की खास बात यह है कि वह एक से लेकर पांच नंबर तक बल्लेबाजी कर सकते हैं और बड़े स्कोर को खड़ा करने में काफी मदद भी कर सकते हैं. आईपीएल में उन्होंने मिडिल ऑर्डर में भी शानदार बल्लेबाजी की थी. साथ ही जब टीम इंडिया में टॉप ऑर्डर कुछ खास नहीं कर पाता है तो उस वक्त मिडिल ऑर्डर पर बड़ी जिम्मेदारी आ जाती है. ऐसे में हमारे पास संजू से बेहतर ऑप्शन कौन-सा हो सकता है.

अब सवाल यह भी खड़ा होता है कि जब वैभव की टीम में एंट्री हो गई है तो क्या संजू को टीम से बाहर कर देना चाहिए? इस पर मीनाक्षी कहती हैं कि अगर वैभव को टीम में उतार दिया गया तो उन्हें बाहर करना मूर्खता होगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि संजू को टीम से अंदर और बाहर करते रहना चाहिए. उन्हें भी टीम में पूरे मौका देना चाहिए. वैभव को मौका देने के लिए हम किसी बडे़ खिलाड़ी को बाहर नहीं कर सकते हैं. साथ ही आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ पावर प्ले में भारतीय टीम ने सबसे ज्यादा विकेट गंवाए हैं. यही वजह है कि भारत किसी बड़े स्कोर को डिफेंड नहीं कर पाया है.
क्या कहते हैं वैभव को लेकर एक्सपर्ट?
संजू को टीम से बाहर किए जाने पर कमेंटेटर हर्षा भोगले ने कहा कि क्या इंग्लैंड के खिलाफ संजू सैमसन को ड्रॉप किया जाना चाहिए था? इसका जवाब है कि बिल्कुल नहीं. उन्होंने कहा कि टी-20 विश्व कप की कहानी हर कोई जानता है. संजू को जब टीम में मौका दिया गया तो उन्होंने हर एक मैच में शानदार पारी खेली. साथ ही वह व्यक्तिगत रूप से किसी भी कीर्तिमान रिकॉर्ड की तरफ नहीं भागते हुए दिखे. उनका फोकस सिर्फ टीम को मैच जिताने पर था और अगर पहली पारी भारतीय टीम खेल रही होती है तो उनका टारगेट टीम को बड़े स्कोर पर पहुंचाने का था. हर्षा भोगले इस बात को कतई स्वीकार करने के मूड में नहीं है कि संजू एक कंसिसटेंट नहीं हैं. भोगले यह भी कहते हैं कि तीन मैचों के आधार पर इतने बड़े खिलाड़ी का मूल्यांकन नहीं किया जाना चाहिए. साथ ही हम इस बात को जानते हैं कि जब वह फॉर्म में आ जाते हैं तो किसी तरह की बल्लेबाजी करते हैं, ऐसे में उन्हें टीम में वापस बुलाया जाना चाहिए.

वहीं, मोहम्मद कैफ भी हर्षा भोगले की लेफ्ट-राइट बल्लेबाजी से सहमत हुए. उन्होंने कहा कि जब ऊपर के तीन बल्लेबाज लेफ्टी होंगे तो सामने वाली टीम उनके खिलाफ रणनीति बनाकर सफलता हासिल कर लेती है. यही वजह है कि संजू सैमसन को ऊपर लाकर अच्छे तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है और अगर वह रन बनाने लगे तो सामने वाली टीम को भारी झटका दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि मैं भोगले की इस बात सह सहमत हूं कि ओपनिंग बल्लेबाजी में एक लेफ्ट और दूसरे राइट हैंड बल्लेबाज होना बहुत जरूरी है.
