Home Top News ‘एक और युद्ध छिड़ जाए, नहीं बदलेगी ईरान की नीति’, अरागची की सैन्य कार्रवाई को लेकर चेतावनी

‘एक और युद्ध छिड़ जाए, नहीं बदलेगी ईरान की नीति’, अरागची की सैन्य कार्रवाई को लेकर चेतावनी

by Sachin Kumar 25 October 2026, 3:30 PM IST
25 October 2026, 3:30 PM IST
Iran FM Araghchi on US-Iran tensions

Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव बरकरार है. दोनों देशों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर खींचतान जारी है. अमेरिका इस जलमार्ग में पहले जैसी स्थिति बनाए रखना चाहता है, जबकि ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि अब यहां हालात पहले जैसे नहीं रहेंगे. ईरान का कहना है कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को टोल देना होगा. तेहरान इस राशि का इस्तेमाल युद्ध में तबाह हुए बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए करने की बात कहता रहा है. इसी बीच खबरें हैं कि अमेरिका में मिडटर्म चुनावों के बाद ट्रंप प्रशासन ईरान पर दोबारा हमला कर सकता है. इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि चाहे कोई नया युद्ध छिड़ जाए, ईरान की नीतियों में कोई बदलाव नहीं होगा.

सैन्य कार्रवाई करना तर्कहीन होगा

विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने चेतावनी दी कि तेहरान के खिलाफ कोई भी और सैन्य कार्रवाई करना तर्कहीन होगा. ईरानी समाचार एजेंसी ISNA के मुताबिक, अरागची ने ये बातें ‘शहीद सैयद कमाल खराज्जी डॉक्यूमेंटेशन सेंटर एंड म्यूजियम’ के उद्घाटन समारोह में कही. यह कार्यक्रम विदेश नीति पर आम सहमति बनाने में सैयद कमाल खराज्जी की भूमिका पर चर्चा करने और विदेश मंत्रालय की एक विशेष लाइब्रेरी के उद्घाटन के लिए आयोजित किया गया था. अरागची ने आगे कहा कि आज फिर से युद्ध की बातें हो रही हैं, लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि चाहे युद्ध हो या न हो, हमारी नीतियां वैसी ही बनी रहेंगी.

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पुरानी स्थिति में नहीं लौटेगा ‘होर्मुज’

अरागची ने यह भी कहा कि अगर उनमें थोड़ी भी समझदारी है, तो वे ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई करने की कोशिश नहीं करेंगे. उन्होंने बताया कि 40 दिनों के युद्ध के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अब अपनी पुरानी स्थिति में कतई नहीं लौटेगा. अब अमेरिका की यही समझदारी होगी कि वे ईरान पर हमला करने की कोशिश न करें. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की अब ऐसी स्थिति सामने आई है, जहां पर अब कुछ भी वैसा नहीं रहेगा जैसा पहले हुआ करता था. इस संघर्ष को क्षेत्रीय इतिहास का एक अहम मोड़ बताते हुए अरागची ने कहा कि इस संघर्ष के दौरान ईरानी बलों ने अमेरिका के 80 से अधिक विमानों और लड़ाकू जेट विमानों को तबाह कर दिया. उन्होंने दावा किया की इन विमानों को मिसाइलों से ही निशाना बनाया गया था.

सैन्य ठिकानों को बुरी तरह नष्ट कर दिया

इसके अलावा, युद्ध शुरू होने के बाद मिडिल ईस्ट में स्थिति अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बुरी तरह नष्ट कर दिया गया है. इन ठिकानों पर मौजूद सैकड़ों इमारतों को भी तबाह कर दिया गया है. मालूम हो कि ईरानी विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा था कि अमेरिका जल्द ही ईरान पर हमला करेगा. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यह टिप्पणी फ्लोरिडा में मध्यावधि चुनावों के लिए अपना वोट डालने के बाद की गई है. पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है? तो इस पर ट्रंप ने कहा कि क्या आपको सच में लगता है कि मैं आपको यह बता दूंगा? शायद कल मैं ऐसा कर सकता हूं. यह भी मुमकिन है कि हमारे बीच एक बहुत बढ़िया समझौता हो जाए. वह एक समझौता करना चाहते हैं. अब सवाल है कि क्या वह इस डील पर कायम रह पाएंगे.

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News Source: ANI

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