MP News: केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को एक पुनर्वास पैकेज की घोषणा की. इसके तहत, जंगलों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए नीलगढ़ से विस्थापित किए जा रहे आदिवासी परिवारों को प्रति परिवार 15 लाख रुपये दिए जाएंगे. इस पैकेज में घर बनाने के लिए 5 लाख रुपये और खेती के लिए 5 एकड़ जमीन शामिल है.’नया नीलगढ़’ में पुनर्वास पर चौहान ने कहा कि ये परिवार वर्षों से नीलगढ़ में रह रहे थे. अब वे जंगलों और वन्यजीवों की खातिर अपना घर, गांव और जमीन छोड़ रहे हैं.
खेती के लिए 5 एकड़ जमीन भी
उन्होंने आगे कहा कि मैं सबसे पहले उनके इस त्याग को नमन करता हूं. जंगलों और वन्यजीवों के लिए अपना घर और गांव छोड़ देना एक बड़ा त्याग है. चौहान ने बताया कि बेहतर पुनर्वास पैकेज देने का यह फैसला तब लिया गया था, जब वे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. उन्होंने कहा कि ‘नया नीलगढ़’ में बसने वाले प्रत्येक परिवार को 15 लाख रुपये मिलेंगे, जिसमें घर बनाने के लिए 5 लाख रुपये शामिल हैं. इसके साथ ही, उन्हें हाईवे के किनारे खेती के लिए 5 एकड़ जमीन भी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य विस्थापित परिवारों का बेहतर पुनर्वास सुनिश्चित करना है. चौहान ने बताया कि परिवारों ने उन्हें और स्थानीय विधायक को नीलगढ़-धनवानी में अपने अंतिम कार्यक्रम में आमंत्रित किया है.
विस्थापितों को सम्मानित करेंगे शिवराज सिंह चौहान
कहा कि वे ‘नया नीलगढ़’ में जाने से पहले कई वर्षों से इस कार्यक्रम का आयोजन करते आ रहे थे. उन्होंने कहा कि वे इस भावुक कार्यक्रम में शामिल होंगे और जंगलों तथा वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए अपना गांव छोड़ने वाले इन परिवारों को सम्मानित करेंगे. इस बीच, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार (22 अक्टूबर) को हरियाणा के करनाल जिले के ऐतिहासिक कस्बे ताराओरी से राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ की औपचारिक शुरुआत की.
मंत्री ने खुद को बताया किसान
उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत की और इस बात पर जोर दिया कि किसान समुदाय की सेवा करना उनका सर्वोच्च कर्तव्य है. इस अभियान के तहत आयोजित ‘किसान चौपाल’ में बातचीत करते हुए चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में किसानों और खेती की गरिमा, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा करना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. बातचीत की शुरुआत करते हुए चौहान ने कहा कि वे खुद को किसी ऊंचे पद पर बैठे नेता के रूप में नहीं, बल्कि किसानों के एक सेवक और खुद भी एक समर्पित किसान के रूप में देखते हैं.
News Source: ANI
