Nepal Flood: नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और संकट की स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है. नेपाल में मौजूद या फंसे हुए मध्य प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा और मदद के लिए राज्य सरकार ने नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया है. इस कंट्रोल रूम के जरिए आपदा में प्रभावित हुए प्रदेशवासियों को हर संभव सहायता और राहत पहुंचाई जाएगी.
24 घंटे काम करेगा कंट्रोल रूम
सरकार ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर, व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी जारी कर दिए हैं. बता दें कि नेपाल में बने संकट के हालातों के बीच मध्य प्रदेश सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर मुस्तैद हो गई है. नेपाल में फंसे एमपी के श्रद्धालुओं, पर्यटकों और नागरिकों की मदद के लिए नई दिल्ली में 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम एक्टिव कर दिया गया है. राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य नेपाल में मौजूद प्रदेश के हर नागरिक तक त्वरित सहायता पहुंचाना और उन्हें सुरक्षित वापस लाना है.
हेल्पलाइन नंबर: 011-26772005, व्हाट्सएप नंबर: 9818963273
नेपाल में फंसे नागरिक या मध्य प्रदेश में मौजूद उनके परिजन किसी भी आपातकालीन स्थिति, सहायता या जानकारी के लिए इन जारी किए गए नंबरों पर तुरंत संपर्क कर सकते हैं. कंट्रोल रूम की टीम लगातार नेपाल प्रशासन और केंद्र सरकार के संपर्क में है, ताकि हर प्रभावित व्यक्ति तक समय पर राहत और जरूरी मदद पहुंचाई जा सके. बता दें कि नेपाल के मुश्किल हालातों के बीच मध्य प्रदेश सरकार की यह पहल फंसे हुए लोगों और उनके परिजनों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. अगर आपका कोई अपना नेपाल में है तो बिना देर किए इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें.
CM ने प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण
उधर, नेपाल में आई आपदा के बाद बिहार के मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को राज्य के उन बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया जिनकी सीमा नेपाल से लगती है. नेपाल में आई भयानक अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के कारण कम से कम 162 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग लापता हैं. पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर में हवाई निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं. बुधवार को पड़ोसी देश से बाढ़ का पानी गंडक नदी में आ गया और गंडक बैराज तक पहुंच गया, जिससे अधिकारियों को पानी के तेज़ बहाव को नियंत्रित करने के लिए सभी 36 गेट खोलने पड़े. इसके बाद बिहार में अलर्ट जारी कर दिया गया.
सुरक्षा और संभव मदद सर्वोच्च प्राथमिकता
‘X’ पर एक पोस्ट में चौधरी ने लिखा कि नेपाल में आई बाढ़ को देखते हुए मैंने बिहार के सीमावर्ती इलाकों बगहा, वाल्मीकिनगर, बेतिया और मोतिहारी – में बाढ़ की स्थिति का हवाई सर्वेक्षण किया. मैंने संभावित असर, ज़रूरी एहतियाती उपायों, सुरक्षा और राहत व बचाव कार्यों से जुड़ी प्रशासनिक तैयारियों की भी समीक्षा की. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पूरी तत्परता और तैयारी के साथ सभी ज़रूरी कदम उठाने के निर्देश भी दिए. चौधरी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें हर संभव मदद पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
बारिश के कारण गंडक नदी का बढ़ा जलस्तर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं. बारिश के कारण गंडक नदी में जलस्तर थोड़ा बढ़ा है, लेकिन बैराज से बहाव अभी भी लगभग 1 लाख क्यूसेक है. वाल्मीकिनगर में गंडक बैराज से पानी का बहाव बुधवार रात 11 बजे 1.50 लाख क्यूसेक से घटकर गुरुवार सुबह 1.04 लाख क्यूसेक हो गया. जल संसाधन विभाग (WRD) ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि वाल्मीकिनगर में गंडक बैराज से पानी का बहाव बुधवार रात 11 बजे 1.50 लाख क्यूसेक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था, जिसके बाद जलस्तर घटने लगा.
नेपाल की बाढ़ का असर: UP और बिहार में हाई अलर्ट, गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोले गए
News Source: PTI
