Home Top News भरतनाट्यम की दिग्गज यामिनी कृष्णमूर्ति का 84 वर्ष की उम्र में निधन, लंबी उम्र की कई समस्याओं से थीं पीड़ित

भरतनाट्यम की दिग्गज यामिनी कृष्णमूर्ति का 84 वर्ष की उम्र में निधन, लंबी उम्र की कई समस्याओं से थीं पीड़ित

by Sachin Kumar 3 August 2024, 6:55 PM IST (Updated 21 August 2025, 11:19 AM IST)
3 August 2024, 6:55 PM IST (Updated 21 August 2025, 11:19 AM IST)
भरतनाट्यम की दिग्गज यामिनी कृष्णमूर्ति का 84 वर्ष की उम्र में निधन, लंबी उम्र की कई समस्याओं से थीं पीड़ित

Yamini Krishnamurthy : भरतनाट्यम डांसर यामिनी कृष्णामूर्ति का 84 वर्ष की उम्र में दिल्ली के अस्पताल में निधन हो गया. वह अपनी लंबी उम्र के कारण कई समस्याओं से जूझ रही थीं.

03 August, 2024

Yamini Krishnamurthy : भरतनाट्यम की दिग्गज यामिनी कृष्णमूर्ति (Yamini Krishnamurthy) का 84 वर्ष की आयु में शनिवार को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया. कृष्णामूर्ति के प्रबंधक ने बताया कि वह लंबी उम्र के कारण अपनी समस्याओं से पीड़ित थीं और बीते सात महीनों से ICU में भर्ती भी थीं. कृष्णमूर्ति का पार्थिव शरीर रविवार को सुबह करीब 9 बजे उनके संस्थान ‘यामिनी स्कूल ऑफ डांस’ में लाया जाएगा, जहां आम लोग उनके अंतिम दर्शन कर सकेंगे.

प्रसिद्ध नर्तकियों से सीखा भरतनाट्यम

फिल्मों में डांसिंग करियर से दूरी बनाने वालीं यामिनी कृष्णमूर्ति ने रुक्मिणी देवी अरुंडेल्स कलाक्षेत्र में नृत्य सीखना शुरू किया. यह क्लासिकल डांस फॉर्म सीखने के लिए चर्चित और प्रमुख स्कूल है. डांस की बारीकी सीखने के बाद उन्होंने कांचीपुरम एलप्पा पिल्लई और तंजावुर किट्टप्पा पिल्लई जैसे प्रसिद्ध नर्तकियों से भरतनाट्यम में दक्षता हासिल की.

1968 में किया गया पद्मश्री से सम्मानित

यामिनी कृष्णमूर्ति को नृत्य में प्रदर्शन के लिए कई पुरस्कार मिले. इनमें पद्म श्री (1968), संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार (1977), पद्म भूषण (2001) और पद्म विभूषण (2016) शामिल हैं. इसके साथ ही उन्हें देश के तीनों सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार मिले हैं.

कौन थीं यामिनी कृष्णमूर्ति

यामिनी कृष्णामूर्ति का जन्म आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में 20 दिसंबर, 1940 को हुआ था. यामिनी ने अपने डांस करियर की शुरूआत मद्रास से की थी, जहां उन्होंने भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी नृत्य में महारत हासिल की थी. बेहतरीन डांसर के रूप में लोगों के बीच पहचान बनाने वाली यामिनी कृष्णामूर्ति को भारत सरकार ने पद्म श्री (1968), पद्म भूषण (2002) और और पद्म विभूषण (2016) से सम्मानित किया गया था. नृत्य के अलावा उन्होंने कर्नाटक में वीणा और तार वाला वाद्य यंत्र का प्रशिक्षण भी लिया था.

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