Chhatron Ki Goonj: मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें स्टूडेंट नहीं, बल्कि अंधभक्त चाहिए. राहुल गांधी ने कहा कि छात्र सवाल पूछता है और जिज्ञासु होता है. यही वजह है कि उन्हें सबसे ज्यादा खतरा छात्रों से ही होता है. इस दौरान राहुल गांधी ने न्यायपालिका और चुनाव आयोग समेत देश की अन्य लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि छात्र हमेशा तार्किक सवाल करता है और पूछता है कि भारत की लोकतांत्रिक संस्थाएं ठीक से काम क्यों नहीं कर रही हैं.
छात्र लगातार दबाव में आ रहे : राहुल
कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा कि कुछ छात्र ज़्यादा जिज्ञासु होते हैं, तो कुछ कम. कुछ ज्यादा स्नेहशील होते हैं, तो कुछ ज्यादा विनम्र. लेकिन ये गुण, किसी न किसी रूप में भारत के हर छात्र के दिल में मौजूद होते हैं. हमें इन्हीं गुणों को बचाना है क्योंकि इन्हीं गुणों से देश बनता है. अगर हम आज की स्थिति को देखें और छात्रों से बात करें, तो वे खुश नहीं हैं. छात्रों को अपना भविष्य नजर नहीं आ रहा है और वह दबाव में हैं. उन्होंने आगे कहा कि जैसा कि मैंने अभी कहा, छात्रों को लगता है कि जिस सिस्टम को उनकी मदद और सुरक्षा के लिए रखा है. वही सिस्टम उन पर हमला कर रहा है. इस दौरान उनसे छात्रों ने बातचीत में कहा कि बिल्कुल, यूनिवर्सिटी सहयोग करने में असमर्थ हैं. हर जगह धोखाधड़ी हो रही है. पारदर्शिता की पूरी तरह कमी है. हम बस उन मुद्दों का सही समाधान चाहते हैं जो हमने आपके सामने रखे हैं, ताकि हमारी सभी समस्याओं का समाधान हो सके.
छात्र अलग-अलग विचारधारा को समझते हैं
छात्र कौन होता है? इस सवाल का जवाब देते हुए राहुल कहते हैं कि सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि छात्र भारत का भविष्य हैं. कोई भी देश अपने छात्रों के बिना मजबूत नहीं बन सकता है. छात्रों में कई गुण होते हैं. सबसे अहम गुण है जिज्ञासा यानी सवाल पूछने की इच्छा. छात्र स्वाभाविक रूप से सवाल पूछते हैं, वे जिज्ञासु होते हैं और अलग-अलग विषयों पर सवाल करते हैं. छात्रों का दूसरा गुण है ‘मोहब्बत’. तीसरा गुण है विनम्रता. साथ ही वे अलग-अलग विचारधाराओं और नजरियों को समझने की कोशिश करते हैं. वे दूसरों से लड़ते नहीं हैं, न ही उन्हें धमकाते या डराते हैं. उनका सबसे अहम गुण है कि छात्र ईमानदार होते हैं और ईमानदारी से काम भी करते हैं. इसके अलावा राहुल ने यह भी बताया कि यह लड़ाई सिस्टम के खिलाफ है. यह सिस्टम क्या है? इस सिस्टम की कई परतें हैं. सबसे ऊपर के छह लोग बैठे हैं जो इसे चलाते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वह डराने-धमकाने, छात्रों की पिटाई, कील लगी लाठियों के इस्तेमाल और पैलेट गन चलाने का काम संभालते हैं. गृह मंत्री अमित शाह इसे लागू करने वाले हैं. NSA अजीत डोभाल अनौपचारिक बातचीत में कहते हैं कि भारत को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ 500 लोगों को कंट्रोल करना काफी है. उन्होंने भारत के टेलीफोन, WhatsApp और Facebook कम्युनिकेशन पर कंट्रोल कर लिया है. साथ ही वह फोन टैपिंग करवाते हैं और जानकारी अमित शाह और नरेंद्र मोदी तक पहुंचाते हैं.

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6 लोग पूरा सिस्टम चला रहे : कांग्रेस नेता
राहुल यह भी कहता है कि मोहन भागवत विचारधारा का काम देखते हैं. उनके संगठन को स्कूल, कॉलेज और संस्थान चलाने के लिए हज़ारों करोड़ रुपये मिलते हैं. फिर एक तरफ अडानी और दूसरी तरफ अंबानी हैं. यही वजह है कि इन लोगों ने हर संस्थान में अपने ही लोगों को बिठा रखा है. सिस्टम को छात्रों से खतरा महसूस क्यों होता है? क्योंकि छात्र सवाल पूछते हैं. एक छात्र पूछता है कि अमित शाह के बेटे क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन कैसे बने? दूसरा पूछता है कि कैसे दो लोगों ने भारत के पूरे बिज़नेस जगत पर कब्जा कर लिया? एक छात्र पूछता है कि न्यायपालिका और अन्य संस्थान अपना काम करने में क्यों नाकाम रहते हैं या चुनाव आयोग अपनी ज़िम्मेदारियां क्यों नहीं निभा रहा है? इसीलिए सिस्टम को छात्र नहीं चाहिए उसे ‘अंधभक्त’ चाहिए. अंधभक्त, छात्र का ठीक उल्टा होता है.

वह आगे कहते हैं कि जहां एक तरफ छात्र सवाल पूछता है और जिज्ञासु रहता है. वहीं, अंधभक्त अपनी ही एक काल्पनिक दुनिया में रहता है. जहां छात्र निडर होता है. वहीं अंधभक्त डरपोक होता है. इसी बीच राहुल गांधी ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों से पूछा कि क्या आपको लगता है कि भारत में हर छात्र को नौकरी मिल सकती है? एक छात्र ने जवाब दिया बहुत सारी वैकेंसी हैं, लेकिन भर्तियां नहीं हो रही हैं. यहां का सिस्टम ऐसा है कि हम भर्तियां कराने के लिए विरोध और मांग करते हैं, लेकिन फिर नतीजे रोक दिए जाते हैं. कई पदों के लिए तो विज्ञापन भी नहीं निकाले जाते हैं. उन्हें कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्तियों के जरिए भरा जाता है और प्राइवेटाइजेशन हो रहा है. अहम पदों को तो बिल्कुल भी नहीं भरा जा रहा है. आज भी डेटा बताता है कि आधे पद खाली पड़े हैं.

छात्रों पर हमला किया जा रहा
देश में सिस्टम को छात्रों की मदद और सुरक्षा के लिए बनाया गया था. वहीं, अब छात्रों पर हमला किया जा रहा है. सिस्टम पर हमला करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि हम यूनिवर्सिटी के साथ बिल्कुल भी तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं. हर जगह धोखाधड़ी हो रही है. कहीं भी कोई पारदर्शिता नहीं है. हम बस उन समस्याओं का सही समाधान चाहते हैं जो हम आपके सामने लाए हैं और उम्मीद करते हैं कि हमारी सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि हर कार्यक्रम में हम छात्रों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाते हैं. हम पेपर लीक, छात्रों से जुड़ी समस्याएं, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा की लागत और निजीकरण जैसे मुद्दे उठाते हैं. इंदौर में आज हमने ‘सिस्टम बनाम छात्र’ के मुद्दे पर चर्चा करने का फैसला किया है. दूसरी ओर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि अभी यहां आने के लिए सड़कों पर कई किलोमीटर पैदल चलते हुए युवा लड़के-लड़कियों को देखकर आप समझ सकते हैं कि आज माहौल में कितना जोश और उत्साह है.

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