Home Top News सोनिया गांधी, अनुराग ठाकुर…इन नेताओं को राहत, दिल्ली दंगा 2020 से जुड़ी 15 याचिकाएं खारिज

सोनिया गांधी, अनुराग ठाकुर…इन नेताओं को राहत, दिल्ली दंगा 2020 से जुड़ी 15 याचिकाएं खारिज

by Neha Singh 5 October 2026, 12:00 PM IST (Updated 5 October 2026, 12:02 PM IST)
5 October 2026, 12:00 PM IST (Updated 5 October 2026, 12:02 PM IST)
Delhi Riots 2020

Delhi Riots 2020: दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को उन याचिकाओं को खारिज कर दिया जिनमें 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की स्वतंत्र जांच, नेताओं के खिलाफ कथित नफरत भरे भाषणों के लिए FIR और गलत व्यवहार के आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी. जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने जामिया मिलिया इस्लामिया में दिसंबर 2019 की हिंसा से जुड़ी याचिकाओं को भी खारिज कर दिया, जहां नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाया गया था.

इन्होंने दायर की थी याचिका

बेंच ने कहा, “फैसलों में बताई गई वजहों से, दोनों याचिकाएं खारिज की जाती हैं.” विस्तृत फैसले जल्द ही अपलोड किए जाएंगे. दंगों के मामलों में, शेख मुज्तबा ने बीजेपी नेताओं कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा और अभय वर्मा के भाषणों को लेकर उनके खिलाफ FIR की मांग की थी. वहीं ‘लॉयर्स वॉयस’ ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मनीष सिसोदिया, अमानतुल्ला खान, अकबरुद्दीन ओवैसी और वारिस पठान सहित कई नेताओं के कथित नफरत भरे भाषणों को लेकर FIR की मांग की थी.

CPI(M) नेता वृंदा करात ने पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों और अन्य अधिकारियों द्वारा कथित ज्यादतियों की स्वतंत्र जांच की मांग की थी. अजय गौतम ने भड़काऊ भाषणों के लिए राजनीतिक नेताओं के खिलाफ FIR के अलावा, CAA-विरोधी प्रदर्शनों के लिए कथित फंडिंग की NIA जांच की मांग की थी.

सभी याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने पहले हाई कोर्ट से कहा था कि वह इनमें से एक याचिका पर जल्द फैसला करे. जामिया मामलों में, छात्रों ने आरोप लगाया था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके साथ मारपीट की. एक याचिकाकर्ता, नबीला हसन, जो उस समय लॉ की छात्रा थीं, ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से भी संपर्क किया था. याचिकाओं में स्वतंत्र जांच और कुछ मामलों में जांच को दिल्ली पुलिस से किसी बाहरी एजेंसी को सौंपने की मांग की गई थी. दिल्ली पुलिस ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उसने यूनिवर्सिटी के अंदर और बाहर तथा न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी इलाके के कैमरों से CCTV फुटेज इकट्ठा करके सुरक्षित रखा है. उसने यह भी तर्क दिया कि जांच को दूसरी एजेंसी को सौंपने से मूल कार्यवाही का दायरा बढ़ जाएगा. हालांकि अब कोर्ट ने सभी याचिकाएं रद्द कर दी हैं.

SIR विवाद के बीच दिल्ली में बढ़ी सख्ती! जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं, धारा 163 लागू

News Source: ANI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?