Home Top News सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़ी सभी याचिकाएं खारिज की, शेल्टर होम-नसबंदी का आदेश बरकरार

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़ी सभी याचिकाएं खारिज की, शेल्टर होम-नसबंदी का आदेश बरकरार

by Neha Singh 19 May 2026, 11:01 AM IST (Updated 19 May 2026, 11:35 AM IST)
19 May 2026, 11:01 AM IST (Updated 19 May 2026, 11:35 AM IST)
SC on Stray Dogs Plea

SC on Stray Dogs Plea: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजने और उनकी नसबंदी पर 7 नवंबर, 2025 के आदेश में बदलाव करने और उसे वापस लेने की सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं. कोर्ट ने सभी राज्यों को जरूरी निर्देश दिए हैं.

देश के सभी डॉग लवर्स को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बचाव में दायर की गई सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं और अपने पुराने फैसले को बरकरार रखा है. यानी 7 नवंबर, 2025 को सुनाया गया सुप्रीम कोर्ट का फैसला कायम रहेगा, जिसमें कोर्ट ने आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजने और नसबंदी कराने का आदेश दिया था. जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने कहा कि आवारा कुत्तों पर पुराना आदेश लागू रहेगा.

‘कुत्तों बढ़ती आबादी से निपटने के लिए कदम नहीं उठाए गए’

SC ने आवारा जानवरों पर एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर की वैलिडिटी को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया. कोर्ट ने 29 जनवरी को सभी पक्षों को सुनकर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. आज फैसला सुनाते हुए SC ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी से निपटने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की लगातार कोशिशें नहीं हुई हैं. कोर्ट ने अब सभी राज्यों को मिलकर कोशिशें करने का निर्देश दिया.

‘कुत्ते के काटने की घटनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते’

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि सम्मान के साथ जीने के अधिकार में कुत्तों से नुकसान के डर के बिना आजादी से जीने का अधिकार भी शामिल है. कोर्ट उन कड़वी जमीनी हकीकतों से अनजान नहीं रह सकता जहां बच्चे, यात्री, बुज़ुर्ग कुत्ते के काटने की घटनाओं का शिकार हुए हैं. एनिमल बर्थ कंट्रोल फ्रेमवर्क को अलग-अलग जगहों पर, कम फंड के साथ और अलग-अलग तरीकों से लागू किया जा सकता है.

कोर्ट ने जरूरी निर्देश

  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ABC फ्रेमवर्क का पालन करना चाहिए.
  • हर शहर में एक डेडिकेटेड सेंटर होना चाहिए.
  • स्टाफ को ठीक से ट्रेनिंग दी जानी चाहिए.
  • एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध कराई जानी चाहिए.
  • NHAI को हाईवे से आवारा मवेशियों को हटाने के लिए कदम उठाने चाहिए.
  • शेल्टर होम बनाकर, कुत्तों को वहां भेजा जाना चाहिए.
  • गंभीर रूप से बीमार और खतरनाक कुत्तों को मारने पर विचार किया जाना चाहिए.
  • आदेशों का पालन करने वाले अधिकारियों के काम में बाधा नहीं डाली जानी चाहिए.
  • किसी भी कोर्ट को सुनवाई सिर्फ उन्हीं मामलों में करनी चाहिए जिन्हें टाला न जा सके.

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News Source: PTI

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