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पेट्रोल-डीजल प्रति लीटर 3 रुपये महंगा, जानें किन बड़े कारणों की वजह से बढ़े दाम

by Amit Dubey
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Petrol Diesel Prices

Petrol Diesel Prices: पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से दुनिया के एनर्जी सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज 28 फरवरी से जारी ईरान और अमेरिका के बीच तनाव रूपी जंग के कारण बाधित हो गया है. इस खास समुद्री मार्ग पर हजारों की संख्या में तेल, गैस लदे जहाज अपने देश को जाने के लिए इंतजार कर रहे हैं.

Petrol Diesel Prices: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बाधित होने से दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई पर संकट आ गया है. इससे भारत भी अछूता नहीं है. बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नागरिकों से 7 खास अपील की थी, जिसमें पेट्रोल-डीजल के इस्तेमाल में कटौती करने के लिए उन्होंने सार्वजनिक वाहनों यानी पब्लिक ट्रांसपोर्ट (जैसे, मेट्रो, बस आदि) का इस्तेमाल करने को कहा था. इस बीच देश में करीब 4 साल के लंबे अंतराल के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़त की गई है.

मिली जानकारी के अनुसार, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई है. मतलब कि पहले के मुकाबले अब पेट्रोल-डीजल 3 रुपये प्रति लीटर महंगा मिलेंगे. यह नए दाम देश में लागू हो चुके हैं. आइए जानते हैं कि यह बढ़त क्यों हुई है और दिल्ली समेत मेट्रो सिटी या देश के अन्य बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल की नई कीमत अब क्या होगी.

दिल्ली समेत इन बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम

पेट्रोल की नई कीमत

  • दिल्ली 97.77 (+3.00)
  • मुंबई 106.68 (+3.14)
  • कोलकाता 108.74 (+3.29)
  • चेन्नई 103.67 (+2.83)

डीजल की नई कीमत

  • दिल्ली 90.67 (+3.00)
  • मुंबई 93.14 (+3.11)
  • कोलकाता 95.13 (+3.11)
  • चेन्नई 95.25 (+2.86)

कच्चे तेल की कीमत में बेतहाशा बढ़त

पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से दुनिया के एनर्जी सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज 28 फरवरी से जारी ईरान और अमेरिका के बीच तनाव रूपी जंग के कारण बाधित हो गया है. इस खास समुद्री मार्ग पर हजारों की संख्या में तेल, गैस लदे जहाज अपने देश को जाने के लिए इंतजार कर रहे हैं. लेकिन ईरान और अमेरिका ने इस क्षेत्र को कई देशों के लिए प्रतिबंधित तो कई के लिए बाधित कर दिया है.

इस तनाव से पहले फरवरी में भारत में आयात किए जाने वाले कच्चे तेल की औसत कीमत 69 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल (एक बैलर= लगभग 159 लीटर) थी, जो इसके बाद के महीने में 113-114 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई. पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी कर दी है. इस वजह से भी भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह बढ़त की गई है .

सरकारी तेल कंपनियों को नुकसान

बीते 28 फरवरी से देश में पेट्रेल-डीजल की कीमतों को नहीं बढ़ाया गया था, जबकि दुनिया के अन्य कई देशों में इनकी कीमतें बढ़ा दी गईं थीं. कच्चे तेल के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी भारतीय तेल कंपनियों को लगातार घाटे में डाल रही थी. सरकार ने इसके लिए अपने टैक्स भी कम किए, लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव शांत न होने की वजह से तेल कंपनियों का यह नुकसान लगातार बढ़ते जा रहा था.

सरकारी तेल कंपनियां जैसे – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने अप्रैल 2022 में हर रोज की कीमत संशोधन को बंद कर दिया था ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को कीमतों में होने वाली उस तीव्र वृद्धि से बचाया जा सके जो रूस द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के कारण आवश्यक थी.


तेल कंपनियों को वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली छमाही में भारी नुकसान हुआ, जिसकी भरपाई उन्होंने बाद के महीनों में ब्याज दरों में गिरावट आने पर कर ली. लेकिन अब पश्चिम एशिया ने इन तेल कंपनियों को फिर से नुकसान में डाल दिया. इसी वजह से भी भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर 3 रुपये की बढ़त की गई है.

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News Source: PTI

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