रुद्र अवतार में दिखेंगे महेश बाबू, प्रियंका की भी होगी वापसी; क्या वाराणसी ने लूटेगी महफिल?
April 23, 2026
06 Jan 2026
'शराफ़तों की यहां कोई अहमियत ही नहीं...' पढ़ें वसीम बरेलवी के बेहतरीन शेर.
थके-हारे
' थके-हारे परिंदे जब बसेरे के लिए लौटें,
सलीक़ा-मंद शाख़ों का लचक जाना ज़रूरी है.
तिरे बारे में
मैं जिन दिनों तिरे बारे में सोचता हूं बहुत,
उन्हीं दिनों तो ये दुनिया समझ में आती है.
कुछ न बिगाड़ो
शराफ़तों की यहां कोई अहमियत ही नहीं,
किसी का कुछ न बिगाड़ो तो कौन डरता है.
ग़म और होता
ग़म और होता सुन के गर आते न वो 'वसीम',
अच्छा है मेरे हाल की उन को ख़बर नहीं.
बरसों से
जो मुझ में तुझ में चला आ रहा है बरसों से,
कहीं हयात इसी फ़ासले का नाम न हो.
दिलासा न कोई
कोई इशारा दिलासा न कोई व'अदा मगर,
जब आई शाम तिरा इंतिज़ार करने लगे.
April 23, 2026
April 23, 2026
April 23, 2026
April 21, 2026
April 21, 2026
April 21, 2026
April 20, 2026
April 18, 2026
April 18, 2026
April 18, 2026
April 17, 2026
April 17, 2026