Milk Price: मुंबई में रहने वालों के लिए सितंबर की शुरुआत एक ऐसी खबर लेकर आई है, जो सीधे घर के बजट पर असर डालने वाली है. शहर में दूध की कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. डेयरियों और लोकल फार्मों से मिलने वाले भैंस के दूध का थोक भाव अब 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो गया है. यानी अब सुबह की चाय से लेकर बच्चों के दूध के गिलास और घर की मिठाई तक, हर जगह इस बढ़ी हुई कीमत का असर महसूस हो सकता है. दूध रोजमर्रा की जरूरत है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने का मतलब है कि महीने का बजट थोड़ा और बिगड़ सकता है.
दूध महंगा क्यों हुआ?
दूध की कीमत बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह पशु आहार की बढ़ती लागत बताई जा रही है. पिछले एक साल में डेयरी पशुओं के चारे में इस्तेमाल होने वाले अनाज, तूर, चना, दाल और मक्का जैसी चीजों के दाम 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं. दूध उत्पादकों का कहना है कि जब पशुओं को खिलाने का खर्च लगातार बढ़ रहा है, तो उसका असर दूध की कीमत पर पड़ना स्वाभाविक है. हालांकि, आम ग्राहक के लिए वजह चाहे जो हो, चिंता एक ही है, महीने का बजट कैसे संभलेगा?
Gold-Silver में मचा हाहाकार, एक झटके में 2% तक गिरे दाम; आखिर क्यों धड़ाम हुए भाव?
चाय भी होगी महंगी
दूध महंगा होने का असर सिर्फ दूध खरीदने तक नहीं रह सकता. मुंबई के चाय विक्रेताओं पर भी इसका दबाव बढ़ सकता है. चीनी के दाम भी पहले ही काफी बढ़ चुके हैं. ऐसे में दूध और चीनी दोनों महंगे होने से चाय की कीमत पर भी इसका असर दिख सकता है. फिलहाल मुंबईकरों के सामने सीधा सवाल यही है कि, दूध की कीमत बढ़ने से अब घर का बजट किस चीज में कटेगा? सुबह की चाय, बच्चों का दूध या महीने की कोई दूसरी जरूरत? आने वाले दिनों में इसका असर बाजार और लोगों की जेब, दोनों पर साफ दिखाई दे सकता है.
News Source: PTI
7.8% की रफ्तार से दौड़ी इकोनॉमी, PM बोले- भारत फिर से खिल उठा; विपक्ष पर भी कसा तंज
