Home Top News होर्मुज से जॉर्डन तक बढ़ा तनाव! ईरान-अमेरिका फिर आमने-सामने, UAE के पास ईरानी ड्रोन इंटरसेप्ट

होर्मुज से जॉर्डन तक बढ़ा तनाव! ईरान-अमेरिका फिर आमने-सामने, UAE के पास ईरानी ड्रोन इंटरसेप्ट

by Sachin Kumar 31 August 2026, 9:52 PM IST
31 August 2026, 9:52 PM IST
UAE intercepts Iranian drone Middle East

Middle East Tension: अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमले के बाद शुरू हुआ युद्ध अभी तक थमा नहीं है. दोनों पक्षों के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर चल रही बातचीत भी फिलहाल रुक गई है. ऐसे में छिटपुट हमलों के बीच महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है. अब इसका असर पश्चिम एशियाई देशों के साथ-साथ ऊर्जा के लिए इस क्षेत्र पर निर्भर देशों पर भी देखने को मिल रहा है. भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आयात करता है. इसी बीच अमेरिका ने ईरान पर ताजा हमला किया, जिसके करीब दो घंटे बाद जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर ईरान ने करारा जवाब दिया. वहीं, UAE के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सोमवार तड़के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में एक ईरानी ड्रोन को रोक दिया गया.

ईरान ने जॉर्डन पर दागे ड्रोन

बता दें कि अमेरिका ने रविवार को एक ईरानी द्वीप पर रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया और कहा कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में खदानें लॉन्च करने की तैयारी कर रहे थे. ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी स्थलों पर मिसाइलें दागकर जवाब दिया, जिनमें से सभी को रोक दिया गया. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि उनका देश युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन हम हमलावरों को निर्णायक रूप से जवाब देंगे. UAE ने हमले को ईरान से खतरनाक वृद्धि बताया. दूसरी ओर युद्ध के दौरान अमेरिका तेहरान से रियायतें देने की आशा के साथ ईरान पर लगातार आर्थिक प्रतिबंध बढ़ा रहा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना भी शामिल है.

UAE intercepts Iranian drone Middle East

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मध्य पूर्व टेंशन के बीच गाजा पर IDF का हमला

वहीं, सोमवार को इजरायली हवाई हमलों में गाजा शहर में कम से कम पांच फिलिस्तीनी मारे गए. शिफा अस्पताल के अनुसार, एक हमला शहर के नगरपालिका पार्क के पास एक आवासीय इमारत के प्रवेश द्वार पर भी हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई. अस्पताल ने कहा कि दो अन्य फिलिस्तीनी गंभीर रूप से घायल हो गए. अस्पताल ने कहा कि दूसरे हमले में शहर के ताल अल-हवा इलाके में एक वाहन को टक्कर मार दी गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई. सेना ने बिना सबूत दिए कहा कि उसने वाहन में सवार संदिग्ध आतंकवादियों पर हमला किया. इसने पहली हड़ताल पर कोई टिप्पणी नहीं की. आपको बताते चलें कि इजरायल और हमास के बीच दो साल से अधिक समय से चल रहे युद्ध को रोकने के लिए अक्टूबर में हुए युद्धविराम समझौते के बाद से गाजा में फिलिस्तीनियों की मौत की यह नवीनतम घटना है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध के मुकाबले मौतों में कमी आई है, लेकिन युद्धविराम के बाद से अब तक गाजा में इजरायली गोलीबारी में कम से कम 1,320 लोग मारे गए हैं. वहीं, इजरायल ने सोमवार को ग्रीस के साथ अरबों डॉलर के हथियार समझौते पर हस्ताक्षर किए, जो दो भूमध्यसागरीय देशों के बीच सबसे बड़ा सौदा है. इजरायल के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 3 बिलियन यूरो का रक्षा निर्यात सौदा किया गया है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह समझौता तब हुआ है जब इजरायली हथियारों का निर्यात पिछले साल 19 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है. पिछले दशक में इजरायल और ग्रीस के बीच रक्षा संबंध गहरे हुए हैं. हालांकि, सोमवार का हस्ताक्षर दोनों के बीच सबसे महत्वपूर्ण सौदा है.

UAE intercepts Iranian drone Middle East

पाक-सऊदी-तुर्की का बना नेक्सस

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच तुर्की के विदेश मंत्री हकन फिदान ने सोमवार को कहा कि तुर्किये, पाकिस्तान और सऊदी अरब द्वारा हस्ताक्षरित रक्षा समझौते में शामिल होने के लिए अन्य देशों का स्वागत किया जाएगा. तीनों देश 7 अगस्त को एक रक्षा गठबंधन पर सहमत हुए जो एक पर हमले को सभी पर हमले के रूप में मानेगा. फिदान ने कहा कि मक्का रक्षा गठबंधन वर्तमान सदस्य देशों के उच्च-स्तरीय अधिकारियों के बीच पहली बैठक के बाद नए सदस्यों को स्वीकार करने के लिए तैयार होगा. मिस्र को मुस्लिम-बहुल राज्यों के गठबंधन के संभावित सदस्य के रूप में देखा गया है और फिदान ने मित्र देशों के साथ घनिष्ठ सहयोग का वादा किया है. वहीं, सोमवार की बैठक में फिदान के साथ पाकिस्तान और सऊदी अरब के उनके समकक्षों के साथ-साथ प्रत्येक देश के रक्षा मंत्री और रक्षा समिति के चीफ ऑफ स्टाफ भी शामिल हुए.

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सैन्य बल से नहीं होगा समस्या का समाधान

सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए के बीच सैन्य समझौते का उद्देश्य नाटो के अनुच्छेद 5 के समान सामूहिक रक्षा को सुदृढ़ करना है. इस दौरान सदस्यों ने जोर देकर कहा कि इसका मकसद किसी विशिष्ट दुश्मन के खिलाफ नहीं है. लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ और इजरायल के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौते को लागू करने में ग्रीस से मदद मांग रहे हैं. एथेंस में सोमवार को बैठकों के दौरान एउन ने ग्रीक राष्ट्रपति कॉन्सटेंटाइन तसौलास और प्रधान मंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस से कहा कि लेबनान लंबे युद्धों से गुजर रहा है. अब इस देश के लोग थक गए हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि ग्रीस के लेबनान और इजरायल दोनों के साथ अच्छे संबंध हैं. यही वजह है कि दशकों से जारी युद्ध को समाप्त करने में मदद मिल सकती है. एउन ने जून के अंत में कहा था कि हम ग्रीस से समझौते को लागू करने में लेबनान की मदद करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए कहते हैं. 20 जून को इजरायल-हिजबुल्लाह युद्धविराम के बावजूद दोनों देशों के बीच अभी गोलीबारी जारी है. एउन ने कहा कि सैन्य बल के माध्यम से समस्या को हल करने की कोशिश सफल नहीं होगी.

UAE intercepts Iranian drone Middle East

पीएम मोदी ने की राष्ट्रपति पेजेशकियान से मुलाकात

मध्य पूर्व में तनाव के बीच किर्गिस्तान की राजधानी में सोमवार को SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत आने वाले समय में ईरान के साथ व्यापार का दायरा बढ़ाना और उसमें विविधता लाना चाहता है. साथ ही उन्होंने बातचीत और कूटनीति के जरिए पश्चिम एशिया के विवाद को सुलझाने का आह्वान किया. प्रधानमंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि बिश्केक में राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से मुलाकात हुई. हमने विभिन्न क्षेत्रों में ईरान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने यह भी कहा कि हम आने वाले समय में अपने व्यापार का दायरा बढ़ाना और उसमें विविधता लाना चाहते हैं. हमने क्षेत्र में मौजूदा हालात पर चर्चा की. साथ ही भारत स्थायी शांति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही सभी कोशिशों का समर्थन करना जारी रखेगा.

बदलती स्थिति पर विचार साझा किए

वहीं, भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के विवाद पर चर्चा की और बदलती स्थिति पर अपने विचार साझा किए. मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और भारत का यह रुख दोहराया कि सभी मुद्दों को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाया जाना चाहिए. पीएम मोदी ने क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए लगातार कोशिशें जारी रखने की जरूरत पर भी जोर दिया. विदेश मंत्रालय ने आवाजाही और व्यापार की आजादी की सुरक्षा पर जोर देते हुए यह भी कहा कि किसी भी हालत में आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.

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पेजेशकियान के स्वागत का इंतजार कर रहा भारत

इसके अलावा विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि BRICS और SCO जैसे मल्टीलेटरल संगठनों में ईरान के साथ मिलकर काम करने की भारत की इच्छा जताई है. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ब्रिक्स समिट के लिए राष्ट्रपति पेजेशकियान का भारत में स्वागत करने का इंतजार है. मोदी-पेजेशकियन बैठक के बारे में ईरान की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि ईरान के राष्ट्रपति ने हालिया युद्ध के दौरान ईरान को नई दिल्ली से मिले समर्थन और सहयोग के लिए तारीफ की और क्षेत्र में शांति और सुरक्षा कायम करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें तेज करने की जरूरत पर जोर दिया. वहीं, पेजेशकियान ने कहा कि हमारी सरकार की शुरुआत से ही शांति और बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने पर केंद्रित रही हैं.

पेजेशकियान ने की मोदी से ये अपील

उन्होंने कहा यह भी कहा कि दुर्भाग्य से कूटनीतिक तरीकों का इस्तेमाल करने के बजाय अमेरिकियों ने युद्ध, असुरक्षा और ताकत के दम पर अपनी मर्जी थोपने का रास्ता चुना है. हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने लोगों को खतरे और असुरक्षा से बचाएं और उनके लिए शांति, सुकून और सुरक्षा पाने के लिए जरूरी हालात बनाएं. राष्ट्रपति ने क्षेत्र और दुनिया में भारत की अहम स्थिति और क्षमताओं के साथ-साथ दोनों देशों के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी जिक्र किया. दूसरी ओर पेजेशकियन ने मोदी से अपील की कि वे अलग-अलग पक्षों के साथ भारत के व्यापक संपर्कों का इस्तेमाल करके उन्हें युद्ध और खून-खराबे के रास्ते से हटकर बातचीत और समझौते के रास्ते पर लौटने में मदद करें. वहीं, पेजेशकियान ने जोर देकर कहा कि क्षेत्र और दुनिया के ‘समझदार और जिम्मेदार’ पक्ष शांति, सुरक्षा, स्थिरता और युद्ध से बचने की इच्छा रखते हैं. उन्होंने कहा कि हमारा मानना ​​है कि हमारे सामने मौजूद समस्याओं का समाधान बातचीत और सहयोग में है और असुरक्षा व टकराव को फैलने से रोकने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

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