Stock Market Updates: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 9 सितंबर को कारोबार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई. एक तरफ मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचना, निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है. इसका सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी पर देखने को मिला. बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 600 अंक तक टूट गया. वहीं, निफ्टी 23,500 के लेवल के नीचे चला गया. हालांकि, बाद में दोनों इंडेक्स ने कुछ नुकसान की भरपाई की, लेकिन बाजार पूरी तरह संभल नहीं पाया. दोपहर से पहले करीब 11:50 बजे सेंसेक्स 529.71 अंक यानी 0.70 फीसदी गिरकर 75,047.87 पर कारोबार कर रहा था. वहीं, निफ्टी 120 अंक यानी 0.51 फीसदी की कमजोरी के साथ 23,515.10 पर था. बाजार में गिरावट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 2,130 शेयर लाल निशान में थे. वहीं, 1,618 शेयरों में तेजी देखने को मिली.
कच्चे तेल ने बढ़ाई टेंशन
बाजार की सबसे बड़ी चिंता इस समय कच्चे तेल की कीमत है. मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान से जुड़ा तनाव लगातार बढ़ रहा है. इसका असर तेल की सप्लाई पर दिख रहा है. बुधवार को कच्चा तेल करीब 99.49 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. वहीं, WTI क्रूड करीब 94.63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. तेल की कीमतों में लगातार चौथे दिन तेजी आई है. क्रूड के 100 डॉलर के करीब पहुंचने से भारत जैसे बड़े ऑयल इम्पोर्टर के लिए चिंता बढ़ना स्वाभाविक है. महंगा क्रूड भारत के इम्पोर्ट बिल को बढ़ा सकता है. साथ ही रुपये पर दबाव डाल सकता है. इससे आगे चलकर महंगाई बढ़ने की उम्मीद भी बनी हुई है. यही वजह है कि निवेशक इस समय थोड़ा संभलकर कदम बढ़ा रहे हैं.
IT शेयरों की हालत
बुधवार के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव IT स्टॉक्स पर देखने को मिला. निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3 फीसदी तक टूट गया. इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, HCL टेक्नोलॉजीज, TCS और विप्रो जैसे बड़े IT शेयरों में जोरदार बिकवाली रही. इन्फोसिस और टेक महिंद्रा शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव में दिखे. HCL टेक और TCS भी लाल निशान में रहे. यानी बाजार में IT सेक्टर ने आज निवेशकों का मूड कुछ ज्यादा ही खराब कर दिया. इसके अलावा रिएलिटी इंडेक्स भी करीब 1 फीसदी नीचे रहा. दूसरी तरफ मेटल इंडेक्स में लगभग 1.4 फीसदी की तेजी देखने को मिली. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में दिखे.
Stock Market में फिर गिरावट, लुढ़क गए सेंसेक्स और निफ्टी; इस वजह से बिगड़ी बाज़ार की हालत
ये शेयर बने हीरो?
गिरावट के बावजूद कुछ शेयरों ने बाजार को थोड़ी राहत दी. अदानी एंटरप्राइजेज, मैक्स हेल्थकेयर, कोल इंडिया, अदानी पोर्ट्स और टाटा स्टील
जैसे शेयरों में तेजी देखने को मिली. टाटा पावर का शेयर भी करीब 2 फीसदी चढ़कर 372.90 रुपये के आसपास पहुंच गया. वहीं, मैक्स हेल्थकेयर और कोल इंडिया भी मजबूत नजर आए. यानी बाजार पूरी तरह लाल होने के बावजूद कुछ चुनिंदा स्टॉक्स में खरीदारी दिखी. अडाणी पोर्ट में भी खास हलचल रही. कंपनी के करीब 5.4 मिलियन शेयरों का ब्लॉक ट्रेड हुआ. शेयर 1,723.70 रुपये तक पहुंचा.
रुपया फिर हुआ कमजोर
शेयर बाजार के साथ रुपये पर भी दबाव बना हुआ है. रुपया 94.87 के आसपास खुला. बाद में ये करीब 95.09 प्रति डॉलर तक पहुंच गया. इससे साफ है कि महंगे क्रूड ऑयल का असर करेंसी मार्केट पर भी दिखाई दे रहा है. कमजोर रुपया और महंगा तेल भारत के लिए दोहरी चुनौती बन सकते हैं. एक तरफ इम्पोर्ट कोस्ट बढ़ती है, वहीं दूसरी तरफ महंगाई का दबाव बढ़ने की उम्मीद रहती है.
FII की बिकवाली
विदेशी निवेशकों यानी FIIs ने 8 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में करीब 123 करोड़ रुपये की बिकवाली की. इसके मुकाबले घरेलू निवेशकों यानी DIIs ने करीब 1,350 करोड़ रुपये की खरीदारी की. इस खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया. हालांकि, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली चिंता बढ़ा रही है. मंगलवार को भी भारतीय बाजार लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ था. सेंसेक्स 555.23 अंक यानी 0.73 फीसदी टूटकर 75,577.58 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 144.05 अंक गिरकर 23,635.10 पर आ गया था. ऐसे में अब आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर सबसे ज्यादा मिडिल ईस्ट के हाल, कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और अमेरिका के इंटरेस्ट रेट पर रहेगी.
News Source: PTI
तेल की बढ़ती कीमतों से सहमा बाजार, US फ्यूचर्स से एशिया तक गिरावट; महंगाई को लेकर बढ़ी चिंता
