PG Operator Arrested: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने के मामले में एक PG ऑपरेटर को गिरफ्तार किया गया है. इस बिल्डिंग में सात लोगों की मौत हो गई थी. ‘हॉस्टल डेज’ PG चलाने वाले दो बिजनेस पार्टनर्स में से एक सुधांशु को जांच के दौरान गिरफ्तार किया गया और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. पुलिस सूत्रों ने बताया कि बिल्डिंग के मालिक महेश ने अगस्त 2025 में सुधांशु और उसके बिजनेस पार्टनर शुभम त्यागी को प्रॉपर्टी लीज पर दी थी. इसके बाद दोनों ने ‘हॉस्टल डेज’ नाम से इस जगह को पेइंग गेस्ट के तौर पर चलाना शुरू कर दिया.
मालिक और कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार
सूत्रों ने बताया कि त्यागी अभी फरार है और उसे ढूंढने की कोशिश की जा रही है. इस मामले में एक लेबर कॉन्ट्रैक्टर, सनोज को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. उसे बिल्डिंग में हुए कंस्ट्रक्शन और रिपेयर के काम के बारे में पूछताछ के लिए उत्तर प्रदेश के कासगंज से दिल्ली लाया जा रहा है. बिल्डिंग के मालिक को भी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. 81 साल के हरिराम गुप्ता और उनकी पत्नी, 75 साल की उर्मिला गुप्ता को जज के घर पर पेश करने के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि उनके 52 साल के बेटे महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज गया है. पूछताछ के दौरान, महेश ने पुलिस को बताया कि वह अपने माता-पिता की तरफ से बिल्डिंग का मेंटेनेंस देखता था.
रेंट एग्रीमेंट की जांच
यह कार्रवाई तब हई जब जांचकर्ता उस रेंट एग्रीमेंट की जांच कर रहे थे जिसके तहत PG चलाया जा रहा था. एक पुलिस सोर्स के मुताबिक, एग्रीमेंट में कहा गया था कि PG ऑपरेटर किराएदारों को होने वाली किसी भी “कैजुअल्टी या रिस्क” के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे. कथित तौर पर इसमें यह भी कहा गया था कि हॉस्टल सीलिंग, आग, भूकंप और भारी बारिश जैसे अपने कंट्रोल से बाहर के हालातों की वजह से हुई पर्सनल चोट, सामान के नुकसान या डैमेज के लिए कम्पेनसेशन देने के लिए जिम्मेदार नहीं होगा. एग्रीमेंट में हॉस्टल फीस और सिक्योरिटी मनी वापस न करने से जुड़े क्लॉज भी थे और ऑपरेटर को अनुशासनहीनता, गलत काम, बकाया पेमेंट न करने या दूसरे नियमों का उल्लंघन करने पर किराएदारों को निकालने का अधिकार दिया गया था. डॉक्यूमेंट के मुताबिक, माता-पिता और गार्जियन को किराएदारों के कमरों में जाने से रोक दिया गया था.
मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
पुलिस ने पहले कहा था कि बारिश के दिनों के बाद वहां कचरा और पानी जमा होने के बाद आठ से 10 दिनों से बेसमेंट की मरम्मत चल रही थी. कथित तौर पर कमर्शियल मकसद के लिए, ग्राउंड फ्लोर पर मरम्मत का काम भी चल रहा था. यह हादसा रविवार दोपहर करीब 1 बजे हुआ और पुलिस को इसकी जानकारी दोपहर 1.34 बजे मिली. इस स्ट्रक्चर में एक ग्राउंड फ्लोर और चार ऊपरी फ्लोर थे, जिसमें कई छात्र और दूसरे लोग रहते थे. FIR के मुताबिक जांच में पता चला कि बिल्डिंग कई साल पुरानी थी. पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या नीचे चल रहे मरम्मत के कारण मौजूदा स्ट्रक्चर पर दबाव पड़ा था. इस हादसे ने साउथ कैंपस एरिया में रहने वाले छात्रों के बीच PG अकोमोडेशन की सेफ्टी को लेकर चिंता पैदा कर दी है.
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News Source: PTI
