Azamgarh Commando Encounter: यूपी के आजमगढ़ में बीती रात को जो हुआ, वह किसी एक्शन फिल्म से कम नहीं था. घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कमांडो ने बच्चों को बंधक बनाने वाले एक शख्स का एनकाउंटर कर दिया. एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को यहां एक गांव में एक आदमी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और दो अन्य लोगों को गोली मारकर मार डाला और फिर खुद को अपने बच्चों के साथ एक कमरे में बंद कर लिया. पुलिस प्रशासन की टीम ने बच्चों को बचाने की बहुत कोशिश की, लेकिन बाद में कमांडो ने आपरेशन अपने हाथ में लिया.
बहस के बाद चलाई गोली
आजमगढ़ के सीनियर पुलिस सुपरिटेंडेंट अनिल कुमार ने कहा, जानकारी मिली थी कि मंगलवार शाम को अहरौला पुलिस स्टेशन के तहत शंभूपुर गांव में एक व्यक्ति ने लाइसेंसी हथियार से अपनी पत्नी और दो पंडितों को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई. बताया जा रहा है कि अरविंद की पत्नी बबीता सिंह घर पर एक धार्मिक अनुष्ठान कर रही थीं. जब अरविंद बाजार से घर लौटे तो उन्होंने पूजा होते देखा और पुजारियों से पूछा. पुजारियों ने बताया कि वे पूजा कर रहे हैं. इसके बाद अरविंद ने उनका आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया, जिससे उसके और पुजारियों के बीच बहस हो गई. पुजारियों से बहस के दौरान अरविंद का गुस्सा बढ़ गया. वह कमरे के अंदर गए और अपनी लाइसेंसी राइफल निकाली. उसने पहले अपनी पत्नी बबीता को गोली मारी और फिर पूजा कर रहे दो पुजारियों महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा पर गोली चला दी.
अपने ही तीन बच्चों को बनाया बंधक
गोलियों की आवाज सुनकर आस-पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे. लोगों को आता देख अरविंद ने अपने तीन बच्चों के साथ खुद को एक कमरे में बंद कर लिया. घटना की सूचना मिलने पर अतरौला थाना पुलिस सबसे पहले मौके पर पहुंची. घटना की गंभीरता को देखते हुए अतरौला थाना इंचार्ज ने सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस डॉ. अनिल कुमार और सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस रूरल चिराग जैन को जानकारी दी. दोनों अधिकारी छह थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने घर को घेर लिया और आरोपी से सरेंडर करने को कहा, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया.
आधी रात को कमांडो ने चार्ज संभाला
घटना की गंभीरता को देखते हुए वाराणसी जोन के ADG नवीन अरोड़ा रात करीब 11:30 बजे मौके पर पहुंचे. रात करीब 12:30 बजे एक कमांडो टीम पहुंची. कमांडो टीम ने पहले अरविंद से सरेंडर करने को कहा, लेकिन इस बार उसने फायरिंग कर दी. अरविंद ने करीब छह राउंड फायरिंग की. कमांडो टीम ने जवाबी फायरिंग की. करीब 15 मिनट तक दोनों तरफ से गोलियां चलती रहीं. रात करीब 1 बजे अरविंद की तरफ से फायरिंग बंद हो गई. इसके बाद कमांडो दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे. उन्होंने अरविंद को घायल अवस्था में पड़ा पाया. उसका बेटा भी घायल था. उन्हें एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया. वहां उसकी औक उसके बेटे की भी मौत हो गई. बाकी दो बच्चे सुरक्षित हैं और उनका इलाज चल रहा है.
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News Source: PTI
