US Supports IMEC: US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अमेरिकी प्रशासन इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर का पूरा समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान वेस्ट एशियन देशों पर कई हमलों के बीच मिडिल ईस्ट के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को ईरानी चेकपॉइंट्स से हटाने की जरूरत है. UN जनरल असेंबली में अरब नेताओं के साथ मीटिंग में, ट्रंप ने कहा कि पड़ोसी देशों में कमर्शियल शिपिंग पर हमलों ने इस इलाके के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को शिफ्ट की जरूरत को दिखाया है.
एनर्जी चेन को शिफ्ट करने की जरूरत
ट्रंप ने कहा, “…पड़ोसी देशों में कमर्शियल शिपिंग पर ईरान के आतंकी हमलों ने मिडिल ईस्ट के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को ईरानी चेकपॉइंट्स से हटाने की जरूरत को दिखाया है. इसीलिए मेरा प्रशासन इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर और तेल निकालने के लिए दूसरी जगहों का पुरजोर सपोर्ट करता है, चाहे वह पाइपलाइन हो या कुछ और.” उन्होंने कहा कि यह इलाका लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों से निपट रहा है. हम सब मिलकर उन चुनौतियों से निपट रहे हैं जिन्होंने इस इलाके को दशकों से परेशान किया है…”
ट्रंप ने मीटिंग में शामिल नेताओं को अमेरिका के सबसे करीबी सहयोगी और पार्टनर बताया और कहा कि उनकी कोशिशें मिडिल ईस्ट को ज़्यादा सुरक्षित और खुशहाल बनाने के लिए हैं. उन्होंने कहा, “अमेरिका के कुछ सबसे बड़े और करीबी दोस्तों, सहयोगियों और पार्टनर के साथ यहां होना सम्मान की बात है ताकि हम एक सुरक्षित और ज़्यादा खुशहाल मिडिल ईस्ट की दिशा में अपनी कोशिश जारी रख सकें.”
क्या है IMEC
बता दें, इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) को 2023 में नई दिल्ली में आयोजित G-20 शिखर सम्मेलन में किया गया था. यह भारत, गल्फ रीजन और यूरोप के बीच ट्रेड को बढ़ाने के लिए एक बड़ा मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क है. IMEC प्रोजेक्ट दो मुख्य हिस्सों में बंटा हुआ है. पूर्वी कॉरिडोर भारतीय पोर्ट्स को समुद्री रास्ते से अरब की खाड़ी (गल्फ रीजन) से जोड़ता है. उत्तरी कॉरिडोर रेलवे, रोड और समुद्री नेटवर्क के जरिए गल्फ देशों को सीधे यूरोप से जोड़ता है.
ईरान को धमकी
इसके अलावा, UN जनरल असेंबली में अपनी पिछली बातों को दोहराते हुए, अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर ईरान को खत्म करने की चेतावनी दी. उन्होंने आगे कहा, “हमने ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग कर दिया है और उम्मीद है कि वे जल्दी सही काम करेंगे… एक समय आएगा जब बहुत देर हो जाएगी और हमारे पास उन्हें एक देश के तौर पर जिंदा रखने का मौका नहीं होगा. मैं यह देखना चाहूंगा और मैं आपको बता सकता हूं कि इस टेबल के आसपास बैठे लोग यह देखना चाहेंगे.”
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