Home Top News साहिल वाकोडे की सुसाइड मामले में नया मोड़! IITBAA बोला- निष्पक्ष हो जांच, न हो ‘मीडिया ट्रायल’

साहिल वाकोडे की सुसाइड मामले में नया मोड़! IITBAA बोला- निष्पक्ष हो जांच, न हो ‘मीडिया ट्रायल’

by Sachin Kumar 23 September 2026, 12:06 PM IST
23 September 2026, 12:06 PM IST
IIT Bombay alumni fair probe student suicide

Sahil Wakode Case: IIT बॉम्बे एलुमनाई एसोसिएशन (IITBAA) ने छात्र साहिल वाकोडे की कथित आत्महत्या के मामले की निष्पक्ष और तेजी से जांच की मांग की है. एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ मीडिया ट्रायल, अटकलों या बिना पर्याप्त तथ्यों के निष्कर्षों से बचना चाहिए. साहिल के माता-पिता ने IIT बॉम्बे के डायरेक्टर प्रोफेसर शिरीष केदारे और प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है. वहीं, छात्रों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद डुल्ला को एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के डीन पद से भी हटा दिया गया. इसके अलावा डुल्ला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत भेदभाव के आरोपों में मामला दर्ज किया गया है.

बिना पूर्वाग्रह के निष्पक्ष जांच होनी चाहिए

IITBAA ने मंगलवार को कहा कि संस्थान बहुत मुश्किल दौर से गुजर रहा है. इसके छात्रों, फैकल्टी सदस्यों और स्टाफ को ऐसा माहौल मिलना चाहिए जो समावेशी और सुरक्षित बना सके. बयान में कहा गया कि हम इस दुखद घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी और तेजी से जांच का पूरा समर्थन करते हैं. हम आग्रह करते हैं कि सभी प्रक्रियाएं पूरी निष्पक्षता और बिना किसी पूर्वाग्रह की जाएं. हम किसी भी व्यक्ति के खिलाफ ऑनलाइन अटकलें लगाने, मीडिया ट्रायल या बुरे नतीजे निकालने के खिलाफ जोरदार अपील करते हैं. बयान में यह भी कहा कि हम मानसिक स्वास्थ्य संसाधनों को मजबूत करने कैंपस में लोगों की भलाई का ध्यान रखने और पूरे समुदाय में भरोसा फिर से बनाने के लिए संस्थान के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं.

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कमरे में फंदे से लटके पाया गया स्टूडेंट

एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे साल के छात्र साहिल वाकोडे (22) 18 सितंबर की शाम को अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटके पाए गए. मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर ChatGPT का इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल फोन के साथ पकड़े जाने के कुछ ही घंटों बाद यह घटना घटी. मंगलवार को उनके माता-पिता ने दावा किया कि साहिल ने उन्हें जाति-आधारित अपमानजनक टिप्पणियों के बारे में बताया था. IIT बॉम्बे के पूर्व छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता सुधींद्र कुलकर्णी ने डुल्ला के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत दर्ज मामले को वापस लेने की मांग की है. उन्होंने दावा किया है कि इस कानून का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ है और इसमें सुधार के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बहस की जरूरत है.

कैंपस लाइफ में करना चाहिए सुधार

उन्होंने कहा कि IIT समेत उच्च शिक्षा संस्थानों को छात्रों का तनाव कम करने के लिए कैंपस लाइफ में लगातार सुधार करना चाहिए. साथ ही उन्होंने हाशिए पर मौजूद समुदायों के छात्रों के लिए कोचिंग और साथियों से मिलने वाले सहयोग की पहल की जरूरत पर भी जोर दिया. हालांकि, साहिल वाकोडे के माता-पिता ने सभी सबूतों की गहन जांच और अपने बेटे की कथित आत्महत्या के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इसी बीच उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला कहते थे कि मैं ऊंची जाति का हूं और तुम नीची जाति के हो. साहिल ने हमें जो बातया कि उसके अनुसार यह सब लगभग तीन महीनों से चल रहा था.

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News Source: PTI

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