UP Crime: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में बुधवार को पूजा-पाठ के दौरान हुए नरसंहार में मौतों की संख्या बढ़कर चार हो गई. स्पेशल कमांडों ने आरोपी को भी मुठभेड़ में मार गिराया. करीब सात घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद पुलिस ने तीनों बच्चों को मुक्त कराया. इस कार्रवाई के दौरान लोगों की सांसे थमी रही. मालूम हो कि पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी. आरोपी की पहचान अरविंद सिंह के रूप में हुई. तीन हत्याओं के बाद आरोपी ने अपने बच्चों को भी जान से मारने की धमकी दी थी. इसके बाद पुलिस ने परिजनों की मदद से आरोपी को सरेंडर कराने की कोशिश की. इसी दौरान घर में बंधक बनाए गए बच्चों पर आरोपी अरविंद ने गोली चला दी. इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की, जिसमें मुठभेड़ के दौरान अरविंद घायल हो गया. घायल अरविंद को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तड़के करीब 3:30 बजे उसकी मौत हो गई.
अपनी लाइसेंस पिस्तौल से कर दी हत्या
पुलिस ने बताया कि अरविंद सिंह मंगलवार की शाम 6 बजे घर पर लौटा था और उसने वहां देखा कि धार्मिक अनुष्ठान चल रहा था. उसकी पत्नी बबीता सिंह (32) पुजारियों महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (55) के साथ अनुष्ठान कर रही थी. यह अनुष्ठान करीब चार दिनों से चल रहा था. इस दौरान अरविंद की मांग समला देवी (70), बेटी परी (5), बेटा लक्खा (6) और 7 महीने की बेटी घर पर ही मौजूद थीं. पुलिस ने आगे कहा कि आरोपी है कि अरविंद ने पुजारियों से अनुष्ठान के बारे में कई सवाल किए. साथ ही उसने दोनों पुजारियों से आधार कार्ड मांगे, जिसके बाद बहस शुरू हो गई. इसी बीच आरोपी ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी पिस्तौल निकाली और गोली चला दी, जहां पर उसकी पत्नी और दोनों पुजारियों की मौत हो गई.
बिहार कांस्टेबल का खौफनाक कदम, पहले बहन को गोली मारकर की हत्या, फिर खुद को किया शूट
बच्चों समेत आरोपी ने खुद को कमरे में बंद किया
वहीं, अरविंद इस अनुष्ठान से काफी नाराज था, क्योंकि यह कार्यक्रम घर में भूत-प्रेत या किसी अलौकिक शक्ति के साये की आशंका के चलते आयोजित किया गया था. गोलीबारी के बाद आरोपी ने खुद को अपने तीन बच्चों के साथ एक कमरे में बंद कर लिया. इस घटना के बाद पुलिस का लंबा ऑपरेशन चला. साथ ही आठ थानों की टीमों ने घर को घेर लिया और वरिष्ठ अधिकारियों ने ATS को बुलाने से पहले खुद अरविंद को सरेंडर करने के लिए मनाने की कोशिश की. इसी बीच अरविंद ने बार-बार बच्चों को मारने की धमकी दी और उन पर भी गोलियां चलाईं, जिसकी वजह से एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया. हालांकि, बाद में पुलिस ने बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करा दिया.
अंत में ATS की टीम बुलाया गया
अधिकारियों ने बताया कि लाख समझाने के बाद भी जब आरोपी ने माना तो अंत में ATS की टीम बुलाया गया. हालांकि, अरविंद ने संकेत दिया था कि वह सुबह के समय अधिकारियों से बता करेगा. जब हालात से निपटने की तैयारी की जा रही थी उसी वक्त घर के अंदर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी. ADG ने बताया कि कमरे के अंदर तीन बच्चे थे और सिंह ने गोली चलाने के बाद पुलिस के पास कोई रास्ता नहीं बचा था. दरवाजा तोड़ने से पहले स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले इस्तेमाल किए गए. इसके बाद SSP, SOG टीम के साथ कमरे में दाखिल हुए. ADG ने आगे बताया कि कमरे में घुसने के बाद सिंह ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर पांच राउंड गोलियां चलाईं.इसके जवाब में पुलिस ने कंट्रोल्ड फायर की, जिसमें सिंह बुरी तरह घायल हो गया. SSP ने बताया कि उसे इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन सुबह करीब 3:30 बजे उसकी मौत हो गई.
कालकाजी सामूहिक दुष्कर्म मामले में तीनों आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने एक को एनकाउंटर में मारी गोली
News Source: PTI
